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परसपुर/करनैलगंज/ गोंडा : जिस गांव से अदम गोंडवी ने व्यवस्था को आईना दिखाया, उसी गांव की सड़कें आज भी कीचड़ और गड्ढों में तब्दील

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नीरज कुमार सिंह संवाददाता परसपुर गोंडा / Thu, Aug 6, 2026 / Post views : 698

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*परसपुर (गोंडा)। जनकवि रामनाथ सिंह अदम गोंडवी की जन्मभूमि आटा पूरे गजराज सिंह की तस्वीर इन दिनों गांव में बुनियादी सुविधाओं को लेकर किए जा रहे विकास के दावों पर सवाल खड़े कर रही है। बारिश के बाद गांव की सड़कें जगह-जगह कीचड़ से सराबोर हैं और गहरे गड्ढों ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई स्थानों पर रास्ते की स्थिति इतनी खराब है कि सड़क और पगडंडी में अंतर करना मुश्किल हो जाता है। इसी बदहाल रास्ते से बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं रोजाना आवागमन करने को मजबूर हैं। स्कूली बच्चों के लिए भी यह रास्ता परेशानी का कारण बना हुआ है। यह वही धरती है, जिसने देश को जनकवि अदम गोंडवी जैसा साहित्यकार दिया, जिन्होंने अपनी कलम से गांव, गरीब, किसान, मजदूर और आम आदमी की पीड़ा को आवाज दी। अदम गोंडवी की रचनाओं में ग्रामीण जीवन की सच्चाई, सामाजिक असमानता और व्यवस्था की विसंगतियों का बेबाक चित्रण मिलता है। उनकी लेखनी ने उन लोगों की आवाज को मंच दिया, जिनकी पीड़ा अक्सर व्यवस्था के शोर में दब जाती है। लेकिन विडंबना देखिए कि जिस जन्मभूमि से उनकी कलम ने देश और समाज की हकीकत को आईना दिखाया, वही जन्मभूमि आज सड़क, नाली और साफ-सफाई जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझती नजर आ रही है। गांव की मौजूदा स्थिति को लेकर अदम गोंडवी परिवार के उत्तराधिकारी दिलीप गोंडवी ने चिंता जताई है। उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं जिम्मेदार अधिकारियों से गांव की सड़क, जलनिकासी और साफ-सफाई की व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है। उनका कहना है कि कविता और किताबों से ही किसी गांव की पहचान नहीं बनती, बल्कि बेहतर सड़क, स्वच्छ वातावरण, जलनिकासी और अन्य मूलभूत सुविधाएं भी गांव के विकास और सम्मान की पहचान होती हैं। ग्रामीणों के अनुसार बारिश के दिनों में समस्या और गंभीर हो जाती है। सड़क पर कीचड़ और जगह-जगह गड्ढों के कारण पैदल चलना मुश्किल हो जाता है। बच्चों को स्कूल आने-जाने में परेशानी होती है, वहीं बुजुर्गों और महिलाओं को भी रोजमर्रा के आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने मांग की है कि गांव की सड़क की स्थिति का स्थलीय निरीक्षण कराकर आवश्यक मरम्मत कराई जाए तथा जलभराव की समस्या के समाधान के लिए नाली निर्माण और नियमित साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

दिलीप गोंडवी ने जनप्रतिनिधियों से अपील करते हुए कहा कि जिस गांव ने जनकवि अदम गोंडवी को जन्म दिया, उस गांव की बुनियादी समस्याओं पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अदम गोंडवी की कलम ने हमेशा आम आदमी की आवाज को बुलंद किया। आज उनकी जन्मभूमि के लोगों की आवाज भी जिम्मेदारों तक पहुंचनी चाहिए। गांव की यह तस्वीर सिर्फ एक खराब सड़क की कहानी नहीं, बल्कि उस विरासत की ओर ध्यान खींचने वाली तस्वीर है, जिसने हिंदी साहित्य में गांव और आम आदमी की पीड़ा को एक अलग तेवर के साथ सामने रखा। अब जरूरत है कि अदम गोंडवी की जन्मभूमि को साहित्यिक पहचान के साथ-साथ बेहतर बुनियादी सुविधाओं की पहचान भी मिले। ग्रामीणों ने विधायक एवं प्रशासन से गांव की बदहाल सड़क, नाली और साफ-सफाई की समस्या का शीघ्र समाधान कराने की उम्मीद जताई है।

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