धीरेश त्रिवेदी लखनऊ संवाददाता / Fri, Jul 24, 2026 / Post views : 16
सूत्रों के अनुसार सीतापुर जिले में बारह हजार चार सौ साठ शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में गुरुवार को बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. गोरखनाथ पटेल ने फर्जी टीईटी और डीएलएड (डीएड) अंकपत्रों के आधार पर नौकरी हासिल करने वाले सात शिक्षकों की सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी है। साथ ही संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों को सभी आरोपियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराकर उसकी प्रति बीएसए ऑफिस में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
बीएसए ऑफिस से मिली जानकारी के अनुसार, वर्ष 2023-24 की 12,460 शिक्षक भर्ती के दौरान इन अभ्यर्थियों की नियुक्ति हुई थी। हालांकि कोर्ट के आदेश के चलते इनका समायोजन कुछ समय तक रुका रहा और जनवरी 2024 में इन्हें स्कूलों में तैनाती मिली। वेतन भुगतान से पहले जब उनके कागजों की जांच कराई गई तो टीईटी और डीएलएड के अंकपत्र फर्जी पाए गए। जांच में फर्जीवाड़े की पुष्टि होने के बाद विभाग ने यह सख्त कार्रवाई की है।
सेवा समाप्त किए गए शिक्षकों में खैराबाद विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय हाजीपुर की सहायक अध्यापक कुसुमलता, लहरपुर के प्राथमिक विद्यालय भानपुर के मनीष सिंह, प्राथमिक विद्यालय गनेशपुर के भूपेंद्र कुमार, महोली के प्राथमिक विद्यालय बसारा की पूजा और प्राथमिक विद्यालय महुआकोला के विवेक कुमार, सकरन के प्राथमिक विद्यालय ताजपुर के मुरारी लाल रावत तथा प्राथमिक विद्यालय शिवपुरी के जय नारायण सिंह शामिल हैं। इनमें दो महिला शिक्षक भी शामिल हैं।
बीएसए डॉ. पटेल ने कहा कि शिक्षा विभाग में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी हासिल करने वालों के खिलाफ किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी। उन्होंने संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों को सभी आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। विभाग की इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
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