नीरज कुमार सिंह संवाददाता परसपुर गोंडा / Fri, Jun 26, 2026 / Post views : 8


परसपुर, गोण्डा। परसपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत नगर पंचायत परसपुर कस्बा सहित ग्रामीण क्षेत्रों में शुक्रवार को शहादत-ए-कर्बला की याद में मोहर्रम का त्यौहार बड़े ही अकीदत और गमगीन माहौल के बीच मनाया गया। शुक्रवार को मुहर्रम त्यौहार के अवसर पर मुस्लिम समुदाय ने हजरत इमाम हुसैन की शहादत को श्रद्धापूर्वक याद किया। दोपहर बाद विभिन्न इमामबाड़ों एवं चौकों पर धार्मिक रस्मों, फातिहा और इबादत के उपरांत ताजिया जुलूस गाजे-बाजे के साथ निकाले गए। जुलूस के दौरान "या हुसैन" की सदाएं गूंजती रहीं और अकीदतमंदों ने मातम कर हजरत इमाम हुसैन एवं उनके साथ शहीद हुए साथियों को खिराज-ए-अकीदत पेश किया। 

जगह-जगह मजलिसों का आयोजन हुआ तथा अमन-चैन की दुआ की गई। मोहर्रम के अवसर पर श्रद्धा, अनुशासन और आपसी भाईचारे की अनुपम मिसाल देखने को मिली। जुलूस में बच्चे, बुजुर्ग, नौजवान तथा मुस्लिम महिलाएं भी बड़ी संख्या में शामिल हुईं। जगह-जगह लंगर और शरबत की व्यवस्था की गई, जहां मोहर्रम कमेटी के सदस्यों के साथ कई हिंदू समाजसेवी भी सेवा करते नजर आए। 

नगर पंचायत परसपुर में साई तकिया, नौशहरा, नई बस्ती कॉलोनी, अंजही, गाड़ी बाजार तथा शान नगर के ताजिया जुलूस सबल सिंह चौक पर एकत्र हुए, जहां परम्परागत रूप से ताजियों का मिलान कराया गया। इसके बाद सभी जुलूस मुख्य चौराहे से होकर सीबीएन मार्ग के रास्ते राजपुर-आटा सीमा तक पहुंचे, जहां परम्परा के अनुसार विभिन्न ताजिया जुलूसों का मिलान सम्पन्न हुआ। इसके उपरांत ताजियेदार अपनी-अपनी ताजिया लेकर कर्बला पहुंचे, जहां धार्मिक परम्पराओं के अनुसार अकीदत और शिद्दत के साथ इबादत अदा करने के बाद गमगीन माहौल में ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। 

ढोल-ताशों की धुन और मातम के बीच अकीदतमंदों ने "या हुसैन" के नारे लगाए। जुलूस एवं कर्बला स्थल पर आयोजित मेले में बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ी। वहीं बनवरिया, कटैला, सकरौर, पसका, अकोहरी, कुड़ियांव, डेहरास, भौरीगंज, धनौरा सहित क्षेत्र के अनेक गांवों में भी ताजिया जुलूस निकाले गए और सभी स्थानों पर मोहर्रम कर्बला के मेले शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुए। इस अवसर पर हजरत इमाम हुसैन के चाहने वालों ने हसन-हुसैन की शहादत के गम में मातम किया तथा उनकी महान कुर्बानी को याद करते हुए इंसानियत, सत्य, न्याय, सब्र, त्याग और अन्याय के विरुद्ध डटकर खड़े रहने का संदेश आत्मसात करने का संकल्प लिया। 

मान्यता है कि इस्लाम धर्म के संस्थापक हजरत मोहम्मद साहब के नवासे हजरत इमाम हुसैन की इराक के कर्बला में जालिम यजीद से जंग हुई थी। इस जंग में हजरत इमाम हुसैन समेत उनके परिवार और साथियों सहित 72 लोगों ने शहादत स्वीकार कर ली, लेकिन जालिम यजीद के सामने सिर नहीं झुकाया। कहा जाता है कि बूढ़ों, बच्चों और महिलाओं ने भी रसूल-ए-खुदा के दीन की हिफाजत के लिए यजीदी लश्कर के अत्याचारों का सामना किया। उनकी इसी महान कुर्बानी और गम की याद में प्रत्येक वर्ष मोहर्रम मनाया जाता है, जिसमें अजादारी, ताजियेदारी और मजलिसों के माध्यम से कर्बला की शहादत को याद किया जाता है। 
मोहर्रम को लेकर पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल की तैनाती रही । गोंडा के पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल, क्षेत्राधिकारी विनय कुमार सिंह तथा परसपुर थानाध्यक्ष कमल शंकर चतुर्वेदी सहित अन्य अधिकारी लगातार क्षेत्र का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे। प्रमुख चौक-चौराहों पर पुलिस बल की विशेष तैनाती रही तथा पूरे जुलूस की लगातार निगरानी की गई। प्रशासन ने लोगों से आपसी भाईचारा, शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की। शांतिपूर्ण माहौल, बेहतर प्रबंधन तथा प्रशासन और स्थानीय नागरिकों के सहयोग से थाना क्षेत्र में मोहर्रम का पर्व सकुशल सम्पन्न हुआ, जिसे लोगों ने सामाजिक एकता और सांप्रदायिक सौहार्द की सफल मिसाल बताया। इस संबंध में परसपुर थानाध्यक्ष कमल शंकर चतुर्वेदी ने बताया कि मोहर्रम पर्व को लेकर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। पूरे थाना क्षेत्र में सभी ताजिया जुलूस एवं कर्बला के मेले शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में सकुशल सम्पन्न हुए।
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