धीरेश त्रिवेदी लखनऊ संवाददाता / Wed, Sep 23, 2026 / Post views : 24
सूत्रों के मुताबिक लखनऊ में फर्जी फास्टैग और गलत वाहन नंबर से टोल चोरी के मामले में एस टी एफ ने मंगलवार को कार्रवाई की। टीम ने लखनऊ-सीतापुर एक्सप्रेसवे के इटौंजा टोल प्लाजा पर छापा मारा। यहां से सर्वर सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर एवं टोल से संबंधित कई दस्तावेज जब्त किए गए। सर्वर आसके कब्जे में आने के बाद टोल वसूली बंद हो गई है। टोल का संचालन लखनऊ-सीतापुर एक्सप्रेसवे लिमिटेड के पास है। इस मामले में कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
जांच के दौरान एस टी एफ ने टोल चलाने वाली कंपनी से फास्टैग लेन-देन, वाहनों की आवाजाही और दूसरे जरूरी रिकॉर्ड मांगे थे। एस टी एफ के अनुसार, कंपनी ने ये रिकॉर्ड नहीं दिए। इसके बाद जांच टीम ने कोर्ट से वारंट लिया।
मंगलवार को इसी वारंट के आधार पर एस टी एफ इटौंजा टोल प्लाजा पहुंची। टीम ने टोल का सर्वर, सीसीटीवी रिकॉर्डिंग वाला डीवीआर और दूसरे दस्तावेज जब्त कर लिए। एस टी एफ अब इन रिकॉर्ड की जांच कर रही है। इससे फर्जी फास्टैग से टोल पार करने वाले वाहनों और इस नेटवर्क में शामिल लोगों की जानकारी जुटाई जा सकेगी।
एक गिरफ्तारी के बाद कार्रवाई की
एस टी एफ ने यह कार्रवाई सोमवार को एक आरोपी की गिरफ्तारी के बाद की। यह गिरोह फर्जी फास्टैग के जरिए टोल और ऑनलाइन चालान से बचता था। टीम ने सीतापुर के रहने वाले मुनीश को गिरफ्तार किया है। उसके साथी रियाज और सिराज की तलाश अभी जारी है।
उपरोक्त फर्जी फास्टैग से टोल चोरी का यह मामला करीब सात महीने पहले प्रकाश में आया था। लखनऊ दक्षिणी के एआरटीओ की शिकायत पर सरोजनीनगर थाने में एफ आई आर दर्ज हुई थी। बाद में इस मामले की जांच एस टी एफ को सौंप दी गई। तभी से एस टी एफ टीम इसकी निगरानी कर रही थी।
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