Sun, 20 Sep 2026
Breaking News
परसपुर/करनैलगंज/ गोंडा : सांड के हमले में घायल दलित युवक ने वेंटिलेटर पर तोड़ा दम छह दिन तक अस्पताल में चला इलाज | परसपुर/करनैलगंज/ गोंडा : विनोद साहनी हत्याकांड के बाद प्रदर्शन में काजल निषाद और राजा निषाद पर मुकदमा | परसपुर/करनैलगंज/ गोंडा : यूपी एग्रीस कार्यक्रम के तहत मक्का व धान की सीधी बुवाई वाले खेतों का वैज्ञानिकों ने किया निरीक्षण | परसपुर/करनैलगंज/ गोंडा : स्कॉर्पियो की टक्कर से बच्ची की मौत, मां-बेटा घायल | भयंकर बाढ़ की त्रासदी झेल रहे लोग : भदफर तंबौर क्षेत्रों में लगभग सभी शारदा नदी के तटीय ग्रामों में घुसा पानी | परसपुर/करनैलगंज/ गोंडा : मारपीट में बर्तन कारोबारी की मौत, लखनऊ में इलाज के दौरान तोड़ा दम,तीन नामजद अभियुक्त गिरफ्तार | परसपुर/करनैलगंज/ गोंडा : मारपीट में घायल बर्तन कारोबारी की लखनऊ में इलाज के दौरान मौत | सीतापुर भाजपा जिला कार्यालय की एसी में छिपा था सर्प : वन विभाग द्वारा कड़ी मशक्कत से रेस्क्यू किया गया | परसपुर/करनैलगंज/ गोंडा : SIS में सुरक्षा जवान व सुपरवाइजर की सीधी भर्ती | परसपुर/करनैलगंज/ गोंडा : स्टडी टेबल पाकर खिले मेधावी बच्चों के चेहरे | परसपुर/करनैलगंज/ गोंडा : सांड के हमले में घायल दलित युवक ने वेंटिलेटर पर तोड़ा दम छह दिन तक अस्पताल में चला इलाज | परसपुर/करनैलगंज/ गोंडा : विनोद साहनी हत्याकांड के बाद प्रदर्शन में काजल निषाद और राजा निषाद पर मुकदमा | परसपुर/करनैलगंज/ गोंडा : यूपी एग्रीस कार्यक्रम के तहत मक्का व धान की सीधी बुवाई वाले खेतों का वैज्ञानिकों ने किया निरीक्षण | परसपुर/करनैलगंज/ गोंडा : स्कॉर्पियो की टक्कर से बच्ची की मौत, मां-बेटा घायल | भयंकर बाढ़ की त्रासदी झेल रहे लोग : भदफर तंबौर क्षेत्रों में लगभग सभी शारदा नदी के तटीय ग्रामों में घुसा पानी | परसपुर/करनैलगंज/ गोंडा : मारपीट में बर्तन कारोबारी की मौत, लखनऊ में इलाज के दौरान तोड़ा दम,तीन नामजद अभियुक्त गिरफ्तार | परसपुर/करनैलगंज/ गोंडा : मारपीट में घायल बर्तन कारोबारी की लखनऊ में इलाज के दौरान मौत | सीतापुर भाजपा जिला कार्यालय की एसी में छिपा था सर्प : वन विभाग द्वारा कड़ी मशक्कत से रेस्क्यू किया गया | परसपुर/करनैलगंज/ गोंडा : SIS में सुरक्षा जवान व सुपरवाइजर की सीधी भर्ती | परसपुर/करनैलगंज/ गोंडा : स्टडी टेबल पाकर खिले मेधावी बच्चों के चेहरे | परसपुर/करनैलगंज/ गोंडा : सांड के हमले में घायल दलित युवक ने वेंटिलेटर पर तोड़ा दम छह दिन तक अस्पताल में चला इलाज | परसपुर/करनैलगंज/ गोंडा : विनोद साहनी हत्याकांड के बाद प्रदर्शन में काजल निषाद और राजा निषाद पर मुकदमा | परसपुर/करनैलगंज/ गोंडा : यूपी एग्रीस कार्यक्रम के तहत मक्का व धान की सीधी बुवाई वाले खेतों का वैज्ञानिकों ने किया निरीक्षण | परसपुर/करनैलगंज/ गोंडा : स्कॉर्पियो की टक्कर से बच्ची की मौत, मां-बेटा घायल | भयंकर बाढ़ की त्रासदी झेल रहे लोग : भदफर तंबौर क्षेत्रों में लगभग सभी शारदा नदी के तटीय ग्रामों में घुसा पानी | परसपुर/करनैलगंज/ गोंडा : मारपीट में बर्तन कारोबारी की मौत, लखनऊ में इलाज के दौरान तोड़ा दम,तीन नामजद अभियुक्त गिरफ्तार | परसपुर/करनैलगंज/ गोंडा : मारपीट में घायल बर्तन कारोबारी की लखनऊ में इलाज के दौरान मौत | सीतापुर भाजपा जिला कार्यालय की एसी में छिपा था सर्प : वन विभाग द्वारा कड़ी मशक्कत से रेस्क्यू किया गया | परसपुर/करनैलगंज/ गोंडा : SIS में सुरक्षा जवान व सुपरवाइजर की सीधी भर्ती | परसपुर/करनैलगंज/ गोंडा : स्टडी टेबल पाकर खिले मेधावी बच्चों के चेहरे |

देखें और पढ़ें कौन है चंपत राय : अयोध्या चंपत राय और राम जन्मभूमि

LIVE

आर के पाण्डेय एडिटर इन चीफ बैज़लपुर उत्तर प्रदेश / Sun, Jun 14, 2026 / Post views : 407

Share:

वर्षों से डेढ़ रोटी और साम को रामदाने की खिचड़ी खाने वाले कारसेवकपुरम की एक सामान्य सी कोठरी में रहने वाले। बरगद के विशाल काय बटवृक्ष की तरह दिखने वाले कौन है #चपंत_राय

1975 इँदिरा गाँधी द्वारा थोपे आपातकाल के समय बिजनौर के धामपुर स्थित आर एस एम डिग्री कॉलेज में एक युवा प्रोफेसर चंपत राय, बच्चों को फिजिक्स पढ़ा रहे थे, तभी उन्हें गिरफ्तार करने वहां पुलिस पहुंची क्योंकि वह संघ से जुड़े थे। अपने छात्रों के बीच बेहद लोकप्रिय चंपत राय जानते थे कि उनके वहाँ गिरफ्तार होने पर क्या हो सकता है। पुलिस को भी अनुमान था कि छात्रों का कितना अधिक प्रतिरोध हो सकता है।

प्रोफ़ेसर चंपत राय ने पुलिस अधिकारियों से कहा, आप जाइये में बच्चों की क्लास खत्म कर थाने आ जाऊँगा। पुलिस वाले इस व्यक्ति के शब्दों के वजन को जानते थे अतः वे लौट गए।क्लास खत्म कर बच्चों को शांति से घर जाने के लिए कह कर प्रोफेसर चंपत राय घर पहुँचे, माता पिता के चरण छू आशीर्वाद लिया और लंबी जेल यात्रा के लिए थाने पहुंच गए।

18 महीने उत्तर प्रदेश की विभिन्न जेलों में बेहद कष्टकारी जीवन व्यतीत कर जब बाहर निकले तो इस दृढ़प्रतिज्ञ युवा के आत्मबल को संघ के सरसंघचालक श्री रज्जू भैया ने पहचाना और श्री राममंदिर की लड़ाई के लिए अयोध्या जी को तैयार करने का जिम्मा उनके कंधों पर डाल दिया।

चंपत राय ने अपनी सरकारी नौकरी को लात मार दि और राम काज में जुट गए। वे अवध के गाँव गाँव गये हर द्वार खटखटाया। स्थानीय स्तर पर ऐसी युवा फौज खड़ी की जो हर स्थिति से लड़ने को तत्पर थी। अयोध्या के हर गली कूँचे ने चंपत राय को पहचान लिया और हर गली कूंचे को उन्होंने भी पहचान लिया। उन्हें अवध का इतिहास, वर्तमान, भूगोल की ऐसी जानकारी हो गई कि उनके साथी उन्हें "अयोध्या की इनसाइक्लोपीडिया" उपनाम से बुलाने लगे।

बाबरी ध्वंस से पूर्व से ही चंपत राय जी ने राम मंदिर पर "डॉक्यूमेंटल एविडेंस" जुटाने प्रारम्भ किये। लाखों पेज के डॉक्यूमेंट पढ़े और सहेजे, एक एक ग्रंथ पढ़ा और संभाला उनका घर इन कागजातों से भर गया, साथ ही हर जानकारी उंन्हे कंठस्थ भी हो गई। के. परासरण जी और अन्य साथी वकील जब जन्मभूमि की कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए मैदान में उतरे तो उन्हें अकाट्य सबूत देने वाले यही व्यक्ति थे।

6 दिसंबर 1992 को मंच से बड़े बड़े दिग्गज नेता कारसेवकों को अनुशासन का पाठ पढ़ा रहे थे। तमाम निर्देश दिए जा रहे थे। बाबरी ढांचे को नुकसान न पहुचाने की कसमें दी जा रहीं थीं, उस समय चंपत राय जी मंच से कुछ दूर स्थानीय युवाओं के साथ थे। एक पत्रकार ने चंपत राय से पूछा "अब क्या होगा?" उन्होंने हँस कर उत्तर दिया "ये राम की वानर सेना है, सीटी की आवाज पर पी टी करने यहां नहीं आयी...ये जो करने आयी है करके ही जाएगी."

इतना कह उन्होंने एक बेलचा अपने हाथ में लिया और बाबरी ढांचे की ओर बढ़ गये, फिर सिर्फ जय श्री राम का नारा गूंजा और... इतिहास रचा गया। आदरणीय चंपत राय को यूं ही राम मंदिर ट्रस्ट का सचिव नहीं बना दिया गया है। उन्होंने रामलला के श्रीचरणों में अपना सम्पूर्ण जीवन अर्पित किया है। प्यार से उन्हें लोग "रामलला का पटवारी" भी कहते हैं। यह व्यक्ति सनातन का योद्धा है। कोई मुंह फाड़ बकवास करता कायर नहीं...

बाबरी ध्वंस के मुकदमों में कल्याण सिंह जी के बाद चंपत राय ने ही अदालत और जनसामान्य दोनों के सामने सदैव खुल कर उस घटना का दायित्व अपने ऊपर लिया है। चम्पत राय जी कह चुके हैं, जैसे ही राममंदिर का शिखर देख लेंगे युवा पीढ़ी को मथुरा की ज़िमेदारी निभाने को प्रेरित करने में जुट जाएंगे"।

चंपत राय जी धर्म की छोटी से छोटी चीजों का ध्यान रखने वाले तपस्वी और विद्वान हैं। एक बार वे किसी काम से काशी में किन्हीं के यहां रुके, तब रात्रि में देखा तो पाया कि बैड का डायरेक्शन कुछ ऐसा था कि सोते हुए पैर दक्षिण की तरफ हो जा रहे थे, उन्हें एक रात को भी यह स्वीकार नहीं था, रात में ही उन्होंने बैड का डायरेक्शन ठीक करवाया, तभी सोए। जो धोती कुर्ता पहनकर भारत का गाँव गाँव नापने वाला व्यक्ति अपने निजी जीवन में हिन्दू जीवनचर्या की छोटी छोटी बातों का हठ के साथ पालन करता है वह श्रीराममंदिर के संदर्भ में किस हद तक विचारशील और जुझारू होगा, समझा जा सकता है। वास्तव में इनपर उंगली उठाने वाले इनकी पाँव की धूल समान भी नहीं...

जय श्री सियाराम !

#Ayodhya #ayodhyarammandir #champatrai #highlight

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें