लहरपुर, सीतापुर मशहूर साहित्यिक संस्था दबिस्तान- ए -अदब के तत्वाधान में स्थानीय नगर पालिका परिषद सभागार मे एक विचार गोष्ठी और ग़ज़ल गंगा काव्य संग्रह पुस्तक का विमोचन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अधिशासी अधिकारी अनूप राय ने की, कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष हाजी जावेद अहमदथे । कार्यक्रम का संचालन अनवर बिसवानी ने किया और अतिथियों और साहित्यकारों को पुष्प गुच्छ ,फूल माला और अंगवस्त्र व स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया ।कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वन्दना से हुआ।इस मौके पर ग़ज़ल गंगा पुस्तक का विमोचन मुख्य अतिथि हाजी जावेद अहमद ने किया।
कार्यक्रम में मौजूद साहित्य कारों और शिक्षकों को सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि हाजी जावेद अहमद ने कहा कि ,बेहतर समाज के निर्माण में साहित्य एक सशक्त माध्यम है । स्वतंत्रता संग्राम से लेकर वर्तमान समय तक सामाजिक सरोकार के मुद्दों पर साहित्यकारों ,लेखकों और पत्रकारों ने सदैव बेबाकी से अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है । वर्तमान समय में देश और समाज के सामने जो भी समस्याएं और चुनौतियां हैं उनका बेहतर समाधान करने में लेखक और साहित्यकार महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। शिक्षक और साहित्यकार जयवर्धन ने अपने काव्य संग्रह ग़ज़ल गंगा में अपनी रचनाओं और कविताओं के माध्यम से समाज में आपसी सौहार्द और प्रेम को केंद्र बिंदु बनाकर मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देने का काम किया है।
हिंदी साहित्य परिषद के अध्यक्ष संतोष कश्यप ने विचार गोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि जयवर्धन ने अपनी रचनाओं के माध्यम से मीरा, कबीर ,मलिक मोहम्मद जायसी और रसखान के विचारों और आदर्शों को बढ़ावा देने का काम किया है।
साहित्यकार मोहम्मद हसीन अंसारी ने अपने संबोधन में कहा की प्यार इंसान को बेहतर बना देता है। व्यक्तित्व निर्माण में साहित्य की महत्वपूर्ण भूमिका होती है । भक्ति आंदोलन और सूफ़ी संतों के विचार इसका बेहतर उदाहरण हैं।इस मौके पर
अनवर बिसवांनी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान समय में बेहतर साहित्य का बहुत महत्व है आज इंटरनेट गूगल और मोबाइल फोन के दुरुपयोग से समाज में नैतिकता और मानवीय मूल्यों में ह्रास हो रहा है। उसकी वजह बच्चों तक प्रभावशाली बाल साहित्य की कमी भी एक कारण है। साहित्यकारों को चाहिए कि वह बाल साहित्य पर भी अपनी लेखनी चलाएं जिस से बच्चे मोबाइल फोन के बदले पुस्तकों की तरफ आकर्षित हों। इस मौके पर सगीर भारतीय, अफ़ज़ल लहर पुरी, जुबेर वारिस, अनवर बिसवानी ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत किया। रामचंद्र वर्मा ने धन्यवाद ज्ञापित किया।इस मौके पर शिक्षक, साहित्यकार और सभासद आदि मौजूद थे।
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