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: 100 साल बाद मिला लड़कियों को मिलिट्री कॉलेज जाने का हक़, पहली लड़की को 30 साल पहले मिला था एडमिशन, महिला अफसरों की फौज की तैयारी शरू

आर के पाण्डेय एडिटर इन चीफ बैज़लपुर उत्तर प्रदेश / Mon, Mar 14, 2022 / Post views : 177

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सौ साल के इतिहास में पहली बार बेटियां प्रतिष्ठित राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज (RIMC) देहरादून में दाखिल होंगी। अगले सत्र यानी जुलाई से पांच लड़कियों को यहां दाखिला दिया जाएगा। देहरादून स्थित RIMC देश का नामी मिलिट्री ट्रेनिंग स्कूल है। इसमें एक बार में 250 कैडेट को एडमिशन मिलता है।

सौ साल में इस मिलिट्री कॉलेज में अब तक केवल एक लड़की को 1992 में दाखिला मिला था। वह लड़की सेना में मेजर बनी थी। इसके बाद अब जाकर यहां लड़कियों को एंट्री मिलने जा रही है। मिलिट्री कॉलेज में कैडेट्स को शुरू से ही सेना में महत्वपूर्ण पदों को संभालने की ट्रेनिंग दी जाती है।

RIMC में अब तक केवल छात्रों को ही दाखिला दिया जाता था। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद यहां पांच छात्राओं को भी एडमिशन दिया जाएगा। पांच सीटों के लिए देश भर की पांच सौ से अधिक लड़कियों ने फार्म भरा था। इसका एंट्रेंस एग्जाम पिछले दिनों हुआ था। मिलिट्री कॉलेज में 8वीं से 12वीं तक की पढ़ाई होती है। इसके बाद यहां पढ़ने वालों छात्रों को नेशनल डिफेंस एकेडमी (एनडीए) के लिए तैयार किया जाता है।

अंग्रेजों ने की थी स्थापना, 8वीं से ही शुरू होती है कठिन ट्रेनिंग

राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज की स्थापना अंग्रेजों ने 1922 में की थी। पहले विश्व युद्ध के बाद अंग्रेजों को बेहतर मिलिट्री ट्रेनिंग की जरूरत महसूस हुई। इसके बाद प्रिंस ऑफ वेल्स ने अपने भारत दौरे में इसकी शुरुआत की थी।

RIMC में 8वीं कक्षा से ही कैडेट्स की कठिन ट्रेनिंग शुरू हो जाती है। यहां से निकल कर बड़ी संख्या में कैडेट्स सेना की महत्वपूर्ण भूमिकाओं में जाते हैं। RIMC के सैकड़ों कैडेट्स भारतीय सेना में बड़े अफसर हैं।

एक छात्रा को मिला था एडमिशन, सेना में बनी थीं मेजर

इससे पहले 1992 में एक छात्रा को RIMC में एडमिशन दिया गया था। संस्थान के ही एक फैकल्टी की बेटी स्वर्णिमा थपियाल को दाखिला मिला था। स्वर्णिमा भारतीय सेना में मेजर के पद तक पहुंचीं। लेकिन फिर भी इस प्रयोग को दोबारा नहीं किया गया। स्वर्णिमा लंबे समय तक RIMC की एक मात्र महिला कैडेट बनी रहीं। लेकिन अब यहां हर सत्र में छात्राएं एडमिशन ले पाएंगी। RIMC में एडमिशन के लिए साल में दो बार ऑल इंडिया लेवल पर एंट्रेंस कराया जाता है।

सेना में अहम भूमिका निभा रहीं शेरनियां

पिछले कुछ सालों में सेना में महिला जवानों की संख्या तेजी से बढ़ी है। वो पुरुषों के कंधे से कंधा मिलाकर देश की रक्षा कर रही हैं। सेना के कई महत्वपूर्ण पदों पर देश की बेटियां तैनात हैं। राफेल उड़ाने से लेकर राजपथ के परेड का नेतृत्व करने वाली बेटियां भारतीय सेना और देश का गौरव बढ़ा रही हैं। RIMC में लड़कियों को दाखिला मिलने के बाद इसमें और तेजी आएगी।

एनडीए और सैनिक स्कूलों में भी शामिल हो रहीं बेटियां

सुप्रीम कोर्ट की तरफ से सेना में महिलाओं को स्थायी कमीशन दिए जाने के आदेश के बाद 2021 में लड़कियां पहली बार एनडीए एंट्रेंस में शामिल हुई थीं। पहली बार में ही महिला कैडेट निभा भारती ने फर्स्ट रैंक हासिल किया। इसी तरह 15 अगस्त 2021 को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से घोषणा की थी कि अब सैनिक स्कूलों में लड़कियों को भी एडमिशन दिया जाएगा।

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