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: गोंडा : एनसीसी कैडेटों ने वृक्षारोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

नीरज कुमार सिंह संवाददाता परसपुर गोंडा / Fri, Jun 6, 2025 / Post views : 140

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परसपुर (गोंडा)। महाकवि तुलसीदास स्नातकोत्तर महाविद्यालय परसपुर में गुरुवार को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर एनसीसी कैडेटों द्वारा वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। कार्यक्रम की अगुवाई महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. बीना सिंह, मुख्य नियन्ता डॉ. सीमा तिवारी एवं एनसीसी लेफ्टिनेंट डॉ. हरेंद्र सिंह यादव ने की।

इस मौके पर महाविद्यालय परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए। डॉ. बीना सिंह ने कहा कि वृक्ष केवल पर्यावरण के लिए ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। ये न सिर्फ शुद्ध वायु और ऑक्सीजन प्रदान करते हैं, बल्कि मानव जीवन को संतुलित बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन, सूखा, बाढ़ और गर्मी जैसी आपदाओं से निपटने के लिए हमें प्रकृति से जुड़ना होगा। यदि हर नागरिक साल में कम से कम एक पौधा लगाए और उसकी देखरेख करे, तो धरती को फिर से हरा-भरा बनाया जा सकता है।

मुख्य नियन्ता डॉ. सीमा तिवारी ने कहा कि आज के समय में वृक्षारोपण केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि आवश्यकता बन चुकी है। उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि पर्यावरण की रक्षा करना केवल सरकार या संस्थानों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हम सभी का व्यक्तिगत दायित्व है। पेड़ जहां जीवनदायिनी ऑक्सीजन देते हैं, वहीं ये हमारी धरती को तपती गर्मी से भी बचाते हैं। प्रत्येक नागरिक को चाहिए कि वह अपने जीवन में पर्यावरण के संरक्षण को प्राथमिकता दे।

प्राकृतिक संसाधनों का अंधाधुंध दोहन और बढ़ता प्रदूषण पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा बन चुका है। पेड़-पौधे न केवल जीवनदायिनी ऑक्सीजन प्रदान करते हैं, बल्कि जीव-जंतुओं के लिए आश्रय स्थल भी होते हैं। ग्लोबल वार्मिंग जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए वनों का संरक्षण और वृक्षारोपण ही कारगर उपाय हैं। हरियाली से ही जीवन संभव है, इसलिए हमें "आज नहीं तो कभी नहीं" की भावना से कार्य करना होगा। यदि आज हम पर्यावरण की रक्षा नहीं करेंगे, तो आने वाली पीढ़ियों को सांस लेने लायक हवा भी नसीब नहीं होगी।

वृक्षारोपण न सिर्फ एक अभियान है, बल्कि यह धरती को पुनर्जीवित करने का संकल्प है। पर्यावरण दिवस हमें यह याद दिलाता है कि प्रकृति का सम्मान ही असली मानवता है। इस अवसर पर डॉ. अजीत सिंह, डॉ. दयाशंकर मिश्र, कैडेट मोहिनी सिंह, सौम्या सिंह, जागृति, संध्या, किरण शिल्पकार, अमरदीप, राजकुमार, रोहित तिवारी सहित कई शिक्षक व छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। सभी ने पर्यावरण की रक्षा के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया।

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