Mon, 07 Sep 2026
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: भारत के वॉरेन बफेट राकेश झुनझुनवाला का निधन।

सलोनी पाण्डेय विशेष कार्यकारी संपादक / Sun, Aug 14, 2022 / Post views : 218

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दिग्‍गज निवेशक राकेश झुनझुनवाला का निधन हो गया है। वह 62 साल के थे। उन्‍हें भारत का वॉरेन बफेट भी कहा जाता था। उनके निधन की खबर से सब अचंभित हैं। उनके निधन की खबर ऐसे समय आई है जब हाल में उन्‍होंने अपनी एयरलाइन शुरू की थी। इसका नाम आकासा एयर है। उन्‍हें शेयर बाजार का ब‍िग बुल भी कहा जाता था। उनकी सूझबूझ की मिसाल दी जाती थी। उनकी पत्‍नी का नाम रेखा है। आकासा एयर में सबसे बड़ी हिस्‍सेदारी राकेश झुनझुनवाला और उनकी पत्‍नी रेखा की है। दोनों की कुल हिस्‍सेदारी 45.97 फीसदी है।

पि‍छले महीने 5 जुलाई को उनका जन्‍मद‍िन था। उनके अचानक नहीं रहने की खबर ने पूरे बाजार को सकते में डाल द‍िया है। झुनझुनझुनवाला के बारे में कहा जाता था कि वो मिट्टी भी छू लें तो सोना बन जाती है। 36 साल पहले राकेश झुनझुनवाला ने निवेश के सफर की शुरुआत की थी। सिर्फ 5,000 रुपये से। आज उनकी नेटवर्थ तकरीबन 40 हजार करोड़ रुपये की थी। उनका जादुई हाथ जिस शेयर पर पड़ जाता था वो रातोंरात बुलंदियों पर पहुंच जाता था। यही कारण है कि उनकी हर चाल पर निवेशकों की नजर रहती थी। शेयरों को चुनने में उनकी पैनी नजर बेजोड़ थी। जब उन्‍होंने निवेश की शुरुआत की थी तभी से यह बात सच साबित होने लगी थी। इसी के चलते राकेश झुनझुनवाला भारत के वॉरेन बफे के नाम से मशहूर हो गए।

झुनझुनवाला ने कॉलेज में पढ़ते हुए ही शेयर बाजार में दस्‍तक दे दी थी। इंस्‍टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट से उन्‍होंने सीए की डिग्री ली। हालांकि, उन्‍हें दलाल स्‍ट्रीट से मोहब्‍बत हो गई थी। उन्हें यकीन था क‍ि अगर कहीं से बड़ा पैसा बनाया जा सकता है तो वह सिर्फ यही जगह है। शेयर बाजार में झुनझुनवाला की दिलचस्‍पी पिता के कारण हुई। उनके पिता टैक्‍स ऑफिसर थे। वह अक्‍सर अपने दोस्‍तों के साथ शेयर बाजार की बातें किया करते थे। झुनझुनवाला को इसमें बड़ा मजा आता था।

झुनझुनवाला RARE एंटरप्राइजेज नाम की निजी ट्रेडिंग फर्म चलाते थे। इसकी नींव उन्‍होंने 2003 में रखी थी। इस कंपनी के पहले दो शब्‍द 'RA' उनके नाम पर थे। वहीं, 'RE' उनकी पत्‍नी रेखा के नाम के शुरुआती शब्‍द हैं। हाल में राकेश झुनझुनवाला ने एविएशन इंडस्‍ट्री में कदम रखे थे।

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