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: सभी राज्यों में बुलडोजर एक्‍शन पर नहीं लगा सकते रोक, जमीयत की याचिका पर बोला SC, जिरह में इंडियन एक्‍सप्रेस की रिपोर्ट जिक्र

आर के पाण्डेय एडिटर इन चीफ बैज़लपुर उत्तर प्रदेश / Wed, Jul 13, 2022 / Post views : 125

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सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को राज्यों में बुलडोजर पर रोक लगाने का अंतरिम निर्देश पारित करने से इनकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह अधिकारियों को कार्रवाई करने से रोकने के लिए कोई ऐसा आदेश पारित नहीं कर सकते, जो सभी जगह लागू हो। कोर्ट यहां पर एक सर्वव्यापी आदेश के बारे में बात कर रही थी।

जस्टिस बीआर गवई और पीएस नरसिम्हा की पीठ ने पक्षकारों से मामले में दलीलें पूरी करने को कहा है। साथ ही कहा कि वह जमीयत उलमा-ए-हिंद द्वारा बुलडोजर एक्शन के खिलाफ दायर याचिका पर 10 अगस्त को सुनवाई करेगी। पूरी प्रकिया में कानून का पालन किया जाना चाहिए, उस पर कोई विवाद नहीं है।

हालांकि, इस दौरान पीठ ने कहा कि क्या हम एक सर्वव्यापी आदेश पारित कर सकते हैं? अगर हम इस तरह का सर्वव्यापक आदेश पारित करते हैं तो क्या हम अधिकारियों को उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने से नहीं रोकेंगे। पीठ ने मौखिक टिप्पणी देते हुए कहा यदि नगरपालिका कानून के तहत निर्माण अनधिकृत है, तो क्या अधिकारियों को रोकने के लिए एक सर्वव्यापी आदेश पारित किया जा सकता है?”

इस पर याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि सरकार दंगों के आरोपियों के खिलाफ “जानबूझकर कार्रवाई” कर रही है। याचिकाकर्ताओं की ओर से सीनियर एडवोकेट दुष्यंत दवे ने कहा कि, हम कानूनों से बंधे हैं। किसी पर अपराध का आरोप है इसलिए उसके घरों को तोड़ा जाए, यह हमारे समाज में स्वीकार्य नहीं है।

इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए दवे ने कहा कि असम में एक व्यक्ति का घर तोड़ दिया गया, क्योंकि वह किसी अपराध में आरोपी था। सीनियर वकील ने तर्क देते हुए कहा कि पुलिस अधिकारी किसी को सजा देने के लिए घरों को ध्वस्त करने का सहारा नहीं ले सकते हैं।

शीर्ष अदालत मुस्लिम निकाय द्वारा दायर उन याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें कहा गया था कि कोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार और अन्य राज्यों को ऐसे निर्देश दे, ताकि हालिया हुई हिंसा के मामलों में कथित आरोपियों की संपत्तियों पर बुलडोजर न चलाया जाए।

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