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: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कृषि विधेयकों को वापस लेने का प्रस्ताव पारित किया

आर के पाण्डेय एडिटर इन चीफ बैज़लपुर उत्तर प्रदेश / Wed, Nov 24, 2021 / Post views : 149

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कैबिनेट की बैठक में आज किसान कानून को वापस लेने के बिल को मंजूरी दे दी गई। कैबिनेट ने सर्वसम्मति से कृषि विधेयक को वापस लेने का प्रस्ताव पारित किया है। गौरतलब है कि पीएम मोदी ने 19 नवंबर को राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में तीनों विवादास्पद कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा की थी.

उन्होंने कहा था कि सरकार ये कानून किसानों के हित में नेक नीयत से लाई थी, लेकिन हम कुछ किसानों को समझाने में नाकाम रहे। प्रधानमंत्री ने कहा कि अगले संसद सत्र में कानूनों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। वहीं, एक्सपर्ट्स के मुताबिक संसद सत्र शुरू होने के बाद कम से कम 3 दिन में ये प्रक्रिया पूरी हो सकती है। संसद सत्र 29 नवंबर से शुरू होना है।

कैसे वापस होंगे कृषि कानून?
तीनों नए कृषि कानूनों को 17 सितंबर, 2020 को लोकसभा ने मंजूर किया था। राष्ट्रपति ने तीनों कानूनों के प्रस्ताव पर 27 सिंतबर को दस्तखत किए थे। इसके बाद से ही किसान संगठनों ने कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन शुरू कर दिया था। संविधान एक्सपर्ट विराग गुप्ता के मुताबिक, किसी भी कानून को वापस लेने की प्रक्रिया भी उसी तरह होगी, जिस तरह से कोई नया कानून बनाया जाता है।

  • सबसे पहले सरकार संसद के दोनों सदनों में इस संबंध में बिल पेश करेगी।
  • संसद के दोनों सदनों से ये बिल बहुमत के आधार पर पारित किया जाएगा।
  • बिल पारित होने के बाद राष्ट्रपति के पास जाएगा। राष्ट्रपति उस पर अपनी मुहर लगाएंगे।
  • राष्ट्रपति की मुहर के बाद सरकार नोटिफिकेशन जारी करेगी।
  • नोटिफिकेशन जारी होते ही कृषि कानून रद्द हो जाएंगे।

क्रिप्टोकरेंसी पर भी कैबिनेट बैठक में चर्चा संभव
वहीं, केंद्र सरकार की ओर से क्रिप्टोकरेंसी पर शिकंजा कसने की चर्चा है। आज की कैबिनेट बैठक में इस पर भी चर्चा हो सकती है। इन खबरों के बाद ज्यादातर क्रिप्टोकरेंसियों में गिरावट देखने को मिल रही है। आज सुबह 10 बजे बिटकॉइन 17% से ज्यादा गिरावट देखी जा रही है। क्रिप्टोकरेंसी के लिए सरकार शीतकालीन सत्र में क्रिप्टोकरेंसी को रेगुलेट करने वाला विधेयक संसद में पेश करने की तैयारी में है। बिल में सभी तरह की प्राइवेट क्रिप्टोकरेंसी पर पाबंदी लगाने की बात कही गई है।

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