नीरज कुमार सिंह संवाददाता परसपुर गोंडा / Thu, Jun 11, 2026 / Post views : 140

करनैलगंज (गोण्डा)। गोंडा-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र के नारायणपुर मोड़ स्थित संतोष ढाबे के पास बुधवार देर रात हुआ भीषण सड़क हादसा पूरे जिले के लिए दर्दनाक त्रासदी बन गया। पहले हुए एक हादसे में घायल युवक की मदद करने पहुंचे लोग खुद मौत का शिकार हो गए। तेज रफ्तार और अनियंत्रित महिंद्रा एक्सयूवी ने घायलों को बचाने में जुटे लोगों को पीछे से रौंद दिया, जिससे दो सगे भाइयों समेत पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य घायल हो गए। हादसे के बाद नारायणपुर माझा, भलियनपुरवा और तरहटा गांव में मातम छा गया।


जानकारी के मुताबिक रात करीब दस बजे तरहटा गांव निवासी संजय कुमार तिवारी (33), जो करनैलगंज तहसील में एक अधिवक्ता के यहां मुंशी का कार्य करते थे, मोटरसाइकिल से घर लौट रहे थे। इसी दौरान पीछे से आ रहे एक महिंद्रा एक्सयूवी ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी और चालक वाहन लेकर फरार हो गया। टक्कर के बाद संजय सड़क किनारे गड्ढे में जा गिरे और मदद के लिए आवाज लगाने लगे। उसी समय करुआ गांव निवासी विनय सिंह उर्फ सनी (26) मजदूर लेने जा रहे थे। उन्होंने आवाज सुनकर अपनी बाइक रोकी और घायल संजय को बाहर निकालने का प्रयास शुरू कर दिया। कुछ ही देर बाद नारायणपुर माझा निवासी हसन मोहम्मद (40) अपने पुत्र तबरेज (20), परवेज (18) और छोटे भाई इम्तियाज अली (27) के साथ मौके पर पहुंच गए। वहीं सूर्यवंशम पुरवा निवासी गुलशन चौहान (25) अपने भतीजे अंशुमान (10) और पड़ोसी अल्ताफ उर्फ शनि (30) के साथ मदद के लिए पहुंचे। सभी लोग घायल संजय को सड़क के दूसरी ओर सुरक्षित स्थान पर ले जाकर एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाने की तैयारी कर रहे थे। इसी बीच करनैलगंज की ओर से लखनऊ जा रही दिल्ली नंबर की महिंद्रा एक्सयूवी अनियंत्रित होकर लोगों के समूह में घुस गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कई लोग हवा में उछलकर दूर जा गिरे और वाहन डिवाइडर पार करते हुए दूसरी लेन में पहुंच गया।

घटनास्थल पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और राहत कार्य शुरू कर दिया। सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र करनैलगंज पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने हसन मोहम्मद (40), इम्तियाज अली (27), गुलशन चौहान (25) तथा संजय कुमार तिवारी (33) को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायल अंशुमान (10) और अल्ताफ उर्फ शनि (30) को मेडिकल कॉलेज गोंडा से ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर किया गया। लखनऊ ले जाते समय अंशुमान ने रास्ते में दम तोड़ दिया, जबकि अल्ताफ का उपचार जारी है। वहीं तबरेज अली (20), परवेज (18) और विनय सिंह उर्फ सनी (26) का उपचार करने के बाद छुट्टी दे दी गई। मृतक हसन मोहम्मद और इम्तियाज अली सगे भाई थे। परिवार के अनुसार छह भाइयों में हसन दूसरे नंबर पर तथा इम्तियाज सबसे छोटे थे। परिवार पहले ही दो भाइयों को खो चुका था और अब दोनों भाइयों की एक साथ मौत से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।


दोनों भाई सिलाई का कार्य कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। हसन अपने पीछे चार बच्चों को छोड़ गए हैं, जबकि इम्तियाज के दो छोटे बच्चे हैं। हादसे में जान गंवाने वाले गुलशन चौहान फोटोग्राफी का काम कर परिवार का खर्च चलाते थे वहीं संजय कुमार तिवारी अपने पीछे पत्नी और दो छोटे पुत्र वैभव (8) और अभय (6) को छोड़ गए हैं। मृतक अंशुमान के पिता देशराज ने आरोप लगाया कि लखनऊ ले जाते समय जरवल क्षेत्र में बेटे की मौत हो गई, जिसके बाद प्राइवेट एंबुलेंस चालक शव को बीच रास्ते में छोड़कर चला गया। बाद में दूसरी गाड़ी की व्यवस्था कर शव को वापस लाया गया।


प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसे के बाद ग्रामीणों ने वाहन चालक आबिद को पकड़ लिया और उसकी पिटाई करने के बाद पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने वाहन मालिक शोएब और चालक आबिद को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि दुर्घटनाग्रस्त वाहन दिल्ली नंबर की महिंद्रा एक्सयूवी है। घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय विधायक अजय सिंह, जिला पंचायत सदस्य विवेक सिंह समेत कई जनप्रतिनिधि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे और घायलों के उपचार की जानकारी ली।


जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन भी देर रात मेडिकल कॉलेज पहुंचीं और चिकित्सकों से घायलों की स्थिति की जानकारी लेकर गंभीर मरीजों को लखनऊ रेफर कराने की व्यवस्था कराई। अस्पताल परिसर में देर रात तक अफरा-तफरी और परिजनों की भीड़ लगी रही। देर रात गोंडा पोस्टमार्टम हाउस में पांचों शवों का पोस्टमार्टम कराया गया। गुरुवार सुबह शव परिजनों को सौंपे गए, जिसके बाद गांवों में अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू हो गईं। पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।


जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने बताया कि गोंडा-लखनऊ हाईवे पर अनियंत्रित वाहन द्वारा लोगों को रौंदने की घटना अत्यंत दुखद है। पूरे मामले की विस्तृत जांच कराई जा रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।


वहीं करनैलगंज कोतवाल नरेंद्र प्रताप राय ने बताया कि दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है तथा चालक और वाहन मालिक से पूछताछ की जा रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि राजमार्ग पर तेज रफ्तार वाहनों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, लेकिन प्रभावी नियंत्रण नहीं होने से लोगों की जान जा रही है। एक ही पल में कई परिवारों की खुशियां उजड़ गईं और पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन