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नीरज कुमार सिंह संवाददाता परसपुर गोंडा / Thu, Oct 15, 2026 / Post views : 25

परसपुर (गोंडा)। अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष 2026 के अवसर पर गुरुवार को कृषि विभाग के तत्वावधान में दीनदयाल शोध संस्थान, लाल बहादुर शास्त्री कृषि विज्ञान केंद्र, गोपालग्राम में महिला कृषक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें महिला किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, कृषि उद्यमिता, पोषण, पशुपालन और कृषि आधारित आजीविका के अवसरों की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। आशा देव हॉस्पिटल की संचालिका डॉ. ज्योत्स्ना मुख्य अतिथि रहीं। विशिष्ट अतिथि के रूप में डीडीए इंजीनियर संतोष कुमार द्विवेदी, डॉ. रश्मि शर्मा, गोंडी की सच्चाई की संपादक पूनिता मिश्रा और जिला पंचायत सदस्य रेनू दुबे मौजूद रहीं।

कार्यक्रम का संचालन एडीओ एजी अनुप चौहान ने किया। अतिथियों ने कहा कि महिला किसान कृषि उत्पादन, खाद्य सुरक्षा, परिवार के पोषण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। महिलाओं को वैज्ञानिक प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग और कृषि आधारित उद्यमों से जोड़ने की जरूरत है। उन्हें आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया।

कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. सीएम त्रिपाठी ने वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों और केंद्र की प्रशिक्षण गतिविधियों की जानकारी दी। गृह विज्ञान वैज्ञानिक ममता त्रिपाठी ने महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण, पोषण वाटिका और परिवार के समग्र विकास में उनकी भूमिका पर प्रकाश डाला। इंजीनियर मिथिलेश कुमार झा ने कृषि यंत्रीकरण और आधुनिक उपकरणों के उपयोग के बारे में बताया। डॉ. आशीष पांडेय ने फसलों में कीट एवं रोग प्रबंधन तथा डॉ. अभिषेक मिश्रा ने पशुपालन और पशुधन प्रबंधन की वैज्ञानिक विधियों की जानकारी दी। कृषि प्रसार वैज्ञानिक डॉ. सुधांशु ने महिला किसानों तक नवीन कृषि तकनीकों और वैज्ञानिक जानकारियों को पहुंचाने के महत्व को रेखांकित किया।

कार्यक्रम में सीबीबीओ की ओर से स्नेहा पांडेय भी मौजूद रहीं। इस दौरान बच्चों ने आकर्षक सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत कर लोगों का मन मोह लिया। उपस्थित अतिथियों ने बच्चों की प्रस्तुति की सराहना की। कार्यक्रम में कृषि विभाग से नितिन अवस्थी, नीलू मौर्य, पुष्पा यादव, दिशा सिंह, रुचि, माही, रोहित, श्रीकांत और निर्भय तिवारी सहित अन्य लोग मौजूद रहे। संगोष्ठी में महिला किसानों को फसल विविधीकरण, कृषि यंत्रीकरण, पशुपालन और कृषि आधारित उद्यमिता के माध्यम से आय बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
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