नीरज कुमार सिंह संवाददाता परसपुर गोंडा / Thu, Jan 25, 2024 / Post views : 126
पसका/परसपुर (गोंडा) : पौराणिक मान्यताओं को सहेजे भगवान वाराह की अवतार स्थली पसका सूकरखेत में लगने वाला मेला पसका पर्व का शुभारंभ बुधवार को सरयू आरती के साथ हुआ। शाम को गाजे बाजे के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मां सरयू जी की महाआरती की। नागा, साधु-संन्यासियो के साथ, सनातन धर्म परिषद के अध्यक्ष डॉ. स्वामी भगवदाचार्य व श्रद्धालुओं ने मां सरयू के पावन तट पर खड़े होकर महाआरती की। पौष पूर्णिमा का मुख्य स्नान पर्व स्नान आज से शुरू होगा। जिसमें हजारों श्रद्धालु पहुंचकर मां सरयू की धारा में आस्था की डुबकी लगा पुण्य लाभ अर्जित करेंगे । मान्यता है कि इसी स्थान पर भगवान विष्णु ने पृथ्वी को मुक्त कराने के लिए भगवान वाराह का रूप धारण किया था। इस तपोस्थली को सूकरखेत या वाराह क्षेत्र भी कहा जाता है। पवित्र सरयू नदी के तट पर बड़ी संख्या में नागा, साधु-सन्यासी व गृहस्थों ने सांसारिक सुख सुविधाओं को छोड़कर फूस की कुटिया डाल कर तपस्या में लीन रहते हैं।सूकरखेत में सरयू व घाघरा दो नदियां मिलती हैं। इसलिए इसे संगम भी कहते हैं।
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