धीरेश त्रिवेदी लखनऊ संवाददाता / Fri, Jul 10, 2026 / Post views : 9
अंबेडकर नगर में सुभासपा प्रमुख और कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने यूपी में पंचायत चुनावों में हो रही देरी के लिए सीधे तौर पर समाजवादी पार्टी को जिम्मेदार ठहराया है।
अंबेडकरनगर में शुक्रवार शाम करीब 5 बजे राजभर ने कहा- योगी सरकार समय पर पंचायत चुनाव कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध थी। पंचायती राज विभाग ने इसकी सारी तैयारियां और प्रक्रिया भी पूरी कर ली थी। लेकिन अखिलेश यादव की लीगल सेल के दखल के कारण यह मामला कानूनी दांव-पेंच में फंस गया।
राजभर ने कहा, हम चुनाव कराने के लिए तैयार बैठे थे, लेकिन इसी बीच अखिलेश यादव के लीगल सेल एडवाइजर की ओर से हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर दी गई। इसके बाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग को तलब कर लिया। सरकार ने कोर्ट के सभी सवालों का समय पर जवाब भी दाखिल कर दिया था।
राजभर ने सनातन धर्म और इस्लाम को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा, सनातन भाईचारा, मेल-मिलाप और आपसी सद्भाव का संदेश देता है। जबकि इस्लाम नफरत सिखाता है। राजभर ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव पहले केवल इस्लाम की राजनीति करते थे, लेकिन अब अपनी राजनीतिक जमीन खिसकती देख सनातन की बात करने लगे हैं।
प्रधानों को प्रशासक बनाया, इस पर भी आपत्ति जता दी गई
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि हाईकोर्ट के पिछले निर्देशों का पालन करते हुए सरकार ने तुरंत 'पिछड़ा वर्ग आयोग' का गठन भी कर दिया था। लेकिन अब एक नया मोड़ आ गया है। उन्होंने कहा, "अब जब ग्राम प्रधानों की जगह प्रशासक नियुक्त किए गए, तो इस पर भी आपत्ति जता दी गई। हाईकोर्ट ने अब आगामी 13 जुलाई को फिर से सरकार को तलब किया है और पूछा है कि प्रधानों की जगह प्रशासक कैसे नियुक्त कर दिए गए? अब सरकार कोर्ट में इसका जवाब दाखिल करेगी।"
मंत्री बोले- अब हाईकोर्ट के अधीन है पंचायत चुनाव
पचायत चुनाव कब होंगे? इस सवाल पर राजभर ने साफ किया कि अब पूरी गेंद हाईकोर्ट के पाले में है। उन्होंने कहा, "पूरा प्रकरण अब माननीय न्यायालय के अधीन है, इसलिए 13 जुलाई को होने वाली सुनवाई बेहद अहम है। जैसा भी हाईकोर्ट निर्देश देगा, सरकार उसी के अनुसार आगे का निर्णय लेगी और कदम उठाएगी।"
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