Fri, 16 Oct 2026
Breaking News
लखनऊ : शेखर न्यूज़ पर शाम 8:30 बजे तक की प्रमुख मुख्य खबरें | एक और जोड़े को मिली मौत की सजा : मौत होने तक फांसी पर लटकाया जाए | अयोध्या : राम मंदिर परकोटे का निर्माण कार्य सौंपना बाकी | शेखर न्यूज़ लखनऊ उत्तर प्रदेश : दोपहर 1:30 की प्रमुख मुख्य खबरें | लखनऊ उत्तर प्रदेश : शेखर न्यूज़ पर सुबह 10:30 तक की प्रमुख खबरें | लखनऊ उत्तर प्रदेश : शेखर न्यूज़ पर सुबह साड़ी 8:30 बजे तक के प्रमुख मुख्य खबरें | साहिल मुस्कान नीली ड्रम वाले केस में : मेरठ जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा ने बुधवार शाम 4.22 बजे फांसी का फैसला सुनाया। | परसपुर/करनैलगंज/ गोंडा : *महिला किसानों को आधुनिक खेती और स्वरोजगार के प्रति किया जागरूक* | दिल्ली : देश राज्यों से प्राप्त बड़ीराष्ट्रीय खबरें | मिर्जापुर उत्तर प्रदेश में माँ के भव्य आरती का आयोजन : बिहारी गाँव में उमड़ी भक्तों की भीड़ | लखनऊ : शेखर न्यूज़ पर शाम 8:30 बजे तक की प्रमुख मुख्य खबरें | एक और जोड़े को मिली मौत की सजा : मौत होने तक फांसी पर लटकाया जाए | अयोध्या : राम मंदिर परकोटे का निर्माण कार्य सौंपना बाकी | शेखर न्यूज़ लखनऊ उत्तर प्रदेश : दोपहर 1:30 की प्रमुख मुख्य खबरें | लखनऊ उत्तर प्रदेश : शेखर न्यूज़ पर सुबह 10:30 तक की प्रमुख खबरें | लखनऊ उत्तर प्रदेश : शेखर न्यूज़ पर सुबह साड़ी 8:30 बजे तक के प्रमुख मुख्य खबरें | साहिल मुस्कान नीली ड्रम वाले केस में : मेरठ जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा ने बुधवार शाम 4.22 बजे फांसी का फैसला सुनाया। | परसपुर/करनैलगंज/ गोंडा : *महिला किसानों को आधुनिक खेती और स्वरोजगार के प्रति किया जागरूक* | दिल्ली : देश राज्यों से प्राप्त बड़ीराष्ट्रीय खबरें | मिर्जापुर उत्तर प्रदेश में माँ के भव्य आरती का आयोजन : बिहारी गाँव में उमड़ी भक्तों की भीड़ | लखनऊ : शेखर न्यूज़ पर शाम 8:30 बजे तक की प्रमुख मुख्य खबरें | एक और जोड़े को मिली मौत की सजा : मौत होने तक फांसी पर लटकाया जाए | अयोध्या : राम मंदिर परकोटे का निर्माण कार्य सौंपना बाकी | शेखर न्यूज़ लखनऊ उत्तर प्रदेश : दोपहर 1:30 की प्रमुख मुख्य खबरें | लखनऊ उत्तर प्रदेश : शेखर न्यूज़ पर सुबह 10:30 तक की प्रमुख खबरें | लखनऊ उत्तर प्रदेश : शेखर न्यूज़ पर सुबह साड़ी 8:30 बजे तक के प्रमुख मुख्य खबरें | साहिल मुस्कान नीली ड्रम वाले केस में : मेरठ जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा ने बुधवार शाम 4.22 बजे फांसी का फैसला सुनाया। | परसपुर/करनैलगंज/ गोंडा : *महिला किसानों को आधुनिक खेती और स्वरोजगार के प्रति किया जागरूक* | दिल्ली : देश राज्यों से प्राप्त बड़ीराष्ट्रीय खबरें | मिर्जापुर उत्तर प्रदेश में माँ के भव्य आरती का आयोजन : बिहारी गाँव में उमड़ी भक्तों की भीड़ |

सूचना

Welcome Shekhar News,शेखर न्यूज़ आपका अपने वेब न्यूज़ पोर्टल पर स्वागत करता है , ताज़ा तरीन खबरों के लिए shekharnews.com पर देखें एवं लॉगिन करें
शेखर न्यूज़ आपका अपने वेब न्यूज़ पोर्टल पर स्वागत करता है , ताज़ा तरीन खबरों के लिए shekharnews.com पर देखें एवं लॉगिन करें
Welcome Shekhar News,शेखर न्यूज़ आपका अपने वेब न्यूज़ पोर्टल पर स्वागत करता है , ताज़ा तरीन खबरों के लिए shekharnews.com पर देखें एवं लॉगिन करें
शेखर न्यूज़ आपका अपने वेब न्यूज़ पोर्टल पर स्वागत करता है , ताज़ा तरीन खबरों के लिए shekharnews.com पर देखें एवं लॉगिन करें

: एसडी बर्मन पंचम दा किशोर कुमार के सदाबहार गीत के बारे में जाने.

शुभम पाण्डेय विशेष संपादक / Thu, Mar 30, 2023 / Post views : 412

Share:

सन 1985 में एक फ़िल्म रिलीज हुई थी " सागर " इस फ़िल्म का एक गाना आज भी लोगों के जहन में ताज़ा है " सागर किनारे , दिल ये पुकारे " किशोर दा की आवाज़ ने इस गीत को अमर कर दिया । ये गीत सुन कर ही पंचम दा के हाथ चूमने को मन करता है ।
हालाँकि की इस गाने की धुन को वो पहले भी एक बार एक गाने में उपयोग कर चुके थे…,

1981 में आयी फ़िल्म नरम गरम ( अमोल पालेकर , उत्पल दत्त अभिनीत ) का एक गीत है "हमे रास्तों की जरूरत नही है " सुनियेगा….बस सागर किनारे वाला गाना इसी गाने की कॉपी है…वैसे दोनो ही गाने पंचम दा ने ही कम्पोज किये थे ।

1966 में एक फ़िल्म आयी थी , नाम था "ममता "
इसी फिल्म का एक गाना था " रहे ना रहे हम , महका करेंगे " इस गाने को लता जी ने गाया था और वो जो हमे रास्तों की जरूरत नही है " और सागर किनारे गाने थे ना …उन की धुन असल मे इसी गाने से प्रेरित थी ..
वैसे ममता फ़िल्म के संगीतकात पंचम दा नही बल्कि रोशन थे

इस से पहले , सन 1964 में धर्मेंद्र जी की एक फिलिम आयी थी " आपकी परछाई " इस फ़िल्म में एक गाना था " यही है तमन्ना " जिसे रफी साहब ने गाया था और धुन बनाई थी मदन मोहन साहब ने…और "रहे ना रहे हम" इसी धुन को कॉपी कर के बनाया गया था

अच्छा , इस से पहले सन 1953 में एक फ़िल्म आयी थी "चाँदनी चौक " इस फ़िल्म के संगीतकार थे रोशन साहब , फ़िल्म में आशा भोसले जी ने एक गीत गाया था " तेरा दिल कहाँ है , सब कुछ यहाँ है "
अब ये समझ लो कि वो जो रफी साहब का गाना "यही है तमन्ना " वाला है ना…वो इसी गाने की कॉपी था

अब , एकदम लास्ट
1953 से भी बहुत पहले 1951 में एक फ़िल्म आयी थी । फ़िल्म का नाम था " नोजवान " और इस फ़िल्म में संगीत दिया था आदरणीय सचिन देव बर्मन जी (SD बर्मन साहब ) ने…इसी फिल्म का एक गीत था जो तब भी बढ़ा हिट हुआ था , क्योंकि उस की धुन ही इतनी आकर्षक थी । गीत के बोल थे " ठंडी हवाएं , लहरा के आये "
और ये ऊपर जितने भी गाने है ना वो सब के सब इस गाने की कॉपी थे फिर चाहे वो सागर किनारे हो , या रहे ना रहे हम हो । हमे रास्तों की जरूरत नही है हो या हमे और जीने की चाहत ना होती…,
इन सभी गांनो की धुन SD बर्मन साहब की बनाई "ठंडी हवाएं" से ही प्रेरित है

ऊपर बताए , सभी गाने यु ट्यूब पर उपलब्ध है , सुनिए और तय कीजिये की किस ने किसे कॉपी किया है

वैसे , SD बर्मन साहब ने इस धुन का एक छोटा सा हिस्सा एक रेस्टोरेंट में चाय पीते हुए ज़ एक पियानो पर सुना था..जिस से प्रेरणा ले कर उन्होंने इतनी खूबसूरत धुन बनाई की जिस पर बाद में इतने गाने बने ।
पियानो वाले का बजाया वो टुकड़ा भी 1939 में आई एक हॉलीवुड मूवी के एक गाने का छोटा सा हिस्सा था

कुल मिला कर दुनिया गोल है..,और कौन कहाँ से इंस्पायर हुआ ये तय करना बहुत मुश्किल है…,
पर अपने को क्या…अपने को गाना सुनने से मतलब है…और ये सारे गाने सुन लीजिए सब के सब एकदम मस्त है…सेम धुन होते हुए भी हर गाने का अपना अलग मज़ा है

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें