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: गोंडा : सूकरखेत पसका के त्रिमुहानी घाट पर भव्य सरयू आरती में शामिल हुए हजारों श्रद्धालु

नीरज कुमार सिंह संवाददाता परसपुर गोंडा / Fri, Jan 2, 2026 / Post views : 250

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पौष पूर्णिमा स्नान आज , सभी तैयारियां पूरी

परसपुर /पसका / गोंडा । पौष पूर्णिमा के अवसर पर गोण्डा जनपद के परसपुर विकासखंड अंतर्गत सूकरखेत पसका में शनिवार को मुख्य स्नान पर्व मनाया जाएगा, जिसमें हजारों श्रद्धालु सरयू-घाघरा संगम में आस्था की डुबकी लगाकर दान-पुण्य करेंगे। इसी के साथ एक माह से चल रहे कल्पवास का भी समापन होगा। मुख्य स्नान पर्व और मेले को लेकर प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।

पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने शुक्रवार को मेले का भ्रमण कर सुरक्षा व यातायात व्यवस्था का जायजा लिया और मौके पर मौजूद अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने करनैलगंज उप जिलाधिकारी नेहा मिश्रा से अब तक किए गए प्रबंधों की जानकारी ली। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मेले में सादी वर्दी में पुलिसकर्मियों की तैनाती की जा रही है, वहीं यातायात व्यवस्था के लिए अलग से पुलिस बल को जिम्मेदारी दी गई है तथा क्षेत्राधिकारी को समग्र निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

वहीं उप जिलाधिकारी नेहा मिश्रा ने बताया कि श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए छह स्तर पर बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है और दो व चारपहिया वाहनों का मेले में प्रवेश पूरी तरह वर्जित रहेगा। मेले की सुरक्षा व्यवस्था के लिए लगभग 80 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। मुख्य राजस्व अधिकारी महेश प्रकाश ने भी मेले की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।

मेले में श्रद्धालुओं के मनोरंजन के लिए झूला, सर्कस, मौत का कुआं सहित कई साधन लगाए गए हैं, साथ ही ढाबे व चाट की दुकानों की भी समुचित व्यवस्था की गई है। पौष पूर्णिमा की पूर्व संध्या पर सूकरखेत पसका के त्रिमुहानी घाट पर भव्य सरयू आरती का आयोजन किया गया, जिसमें 1111 दीपों के प्रज्ज्वलन से संगम क्षेत्र जगमगा उठा। नगर पंचायत परसपुर निवासी व भूतपूर्व प्रधान रामकुमार सोनी के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में सनातन धर्म परिषद के अध्यक्ष डॉ. स्वामी भगवताचार्य के सान्निध्य में साधु-संतों एवं विद्वान आचार्यों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ वरुण पूजन एवं सरयू पूजन कर विधि-विधान से आरती संपन्न कराई गई।

आयोजन स्थल पर जगह-जगह भागवत भंडारा, लंगर व प्रवचन के कार्यक्रम चलते रहे, जिसमें आसपास के क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालुओं ने पहुंचकर धर्म लाभ अर्जित किया। आरती कार्यक्रम में परसपुर नगर पंचायत अध्यक्ष वासुदेव सिंह, विकास मंच अध्यक्ष डॉ. अरुण सिंह, गिरीश शुक्ला सहित अनेक गणमान्य नागरिक , समाजसेवी, एवं क्षेत्रीय श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। स्थानीय लोगों के अनुसार जिलाधिकारी गोंडा प्रियंका निरंजन का आगमन प्रस्तावित था, लेकिन अपरिहार्य कारणों से वह नहीं पहुंच सकीं, जबकि उप जिलाधिकारी नेहा मिश्रा कार्यक्रम में मौजूद रहीं।

पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने बताया कि पसका घाट पर लगने वाले मेले एवं कल्पवास को देखते हुए पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती के साथ प्रकाश व्यवस्था, साफ-सफाई और शौचालय की समुचित व्यवस्था की गई है तथा पुलिस व प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर रहकर लगातार निगरानी कर रहे हैं। धार्मिक दृष्टि से सूकरखेत पसका का विशेष महत्व है। जिला मुख्यालय से लगभग 35 किलोमीटर दूर स्थित यह स्थल भगवान वाराह की जन्मस्थली के साथ ही श्रीरामचरितमानस के रचयिता गोस्वामी तुलसीदास की जन्मस्थली के रूप में भी प्रसिद्ध है।

मान्यता है कि भगवान विष्णु ने यहां वाराह अवतार लेकर हिरण्याक्ष का वध कर पृथ्वी को मुक्त कराया था। यहां सरयू और घाघरा नदियों का संगम है, जिसे अत्यंत पवित्र माना जाता है। बाल्यावस्था में गोस्वामी तुलसीदास ने इसी स्थल पर अपने गुरु नरहरिदास से कथाएं सुनी थीं, जिसका उल्लेख रामचरितमानस में भी मिलता है।

अगहन पूर्णिमा से पौष पूर्णिमा तक जनपद सहित अन्य जिलों और प्रदेशों से साधु-संत व गृहस्थजन त्रिमुहानी घाट पर कुटिया बनाकर एक माह तक भजन-कीर्तन में लीन रहते हैं और पौष पूर्णिमा के दिन सरयू में स्नान कर भंडारा व दान-पुण्य कर अक्षय पुण्य के भागी बनते हैं।

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