नीरज कुमार सिंह संवाददाता परसपुर गोंडा / Wed, Jan 29, 2025 / Post views : 152

परसपुर, गोंडा : विकासखंड परसपुर के ग्राम पंचायत मधईपुर खांडेराय स्थित पंचायत भवन पर 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के अवसर पर विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा ससम्मान ध्वजारोहण किया गया। लेकिन दुखद पहलू यह है कि भारतीय संविधान और ध्वज संहिता के नियमों की अनदेखी करते हुए ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सचिव और पंचायत सहायक ने राष्ट्रीय ध्वज को उतारने की जरूरत तक नहीं समझी। बताते चलें कि ध्वज संहिता के अनुसार, सूर्यास्त से पहले ही राष्ट्रीय ध्वज को सम्मानपूर्वक उतारना अनिवार्य होता है, लेकिन यहां 26 जनवरी को फहराया गया तिरंगा 28 जनवरी की शाम तक भी अपनी जगह पर लहराता रहा। यह लापरवाही न केवल राष्ट्रीय ध्वज के प्रति असम्मान को दर्शाती है, बल्कि जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता को भी उजागर करती है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि 26 जनवरी को ध्वजारोहण के बाद से पंचायत भवन पर कोई भी अधिकारी या कर्मचारी झंडा उतारने के लिए तो दूर, वहां झांकने तक नहीं आया। इस वजह से राष्ट्रीय ध्वज खुद ही मायूस होकर शर्म से सर झुकाए हुए जिम्मेदारों के इंतजार में था। भारत में तिरंगे का ऐसा "सम्मान" शायद ही कहीं देखने को मिला होगा।
राष्ट्रीय ध्वज का हो रहा अपमान , 28 जनवरी तक मधईपुर खांडेराय स्थित पंचायत भवन पर 26 जनवरी को ध्वजारोहण होने के तीन दिन बाद तक नहीं उतरा राष्ट्रीय ध्वज
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