सलोनी पाण्डेय विशेष कार्यकारी संपादक / Thu, Mar 27, 2025 / Post views : 90
संभल।शाही जामा मस्जिद के अध्यक्ष जफर अली को कोर्ट से बड़ा झटका लगा है।जफर अली की अंतरिम जमानत याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दी है।नियमित जमानत पर दो अप्रैल को सुनवाई होगी।बीते दिनों जफर अली को पुलिस ने पूछताछ के लिए बुलाया था।इसके बाद उनकी गिरफ्तारी हुई थी।जफर अली पर हिंसा भड़काने का आरोप है।अपर जनपद न्यायाधीश (एमपी एमएलए सेशन कोर्ट) निर्भय नारायण राय के न्यायालय में जमानत अर्जी पर सुनवाई हुई।
बता दें कि कोर्ट के आदेश पर बीते साल नवंबर में शाही मस्जिद का सर्वे हुआ था।इस दौरान हिंसा भड़क गईं थी,इसमें 4 लोगों की मौत हो गई थी।हिंसा,गोलीबारी और पथराव में उप जिलाधिकारी रमेश चंद्र समेत कुल 20 लोग जख्मी हुए थे।हिंसा के बाद तनाव को देखते हुए संभल तहसील में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई थीं।हिंसा के मामले में पुलिस ने अब तक 50 से अधिक लोगों को जेल भेज चुकी है,इसमें से कई महिलाएं भी हैं,हिंसा के अगले दिन 25 नवंबर को पुलिस ने जफर अली से कोतवाली में पूछताछ की थी।पुलिस का दावा है कि शाही जामा मस्जिद के अध्यक्ष जफर अली को सबसे पहले सर्वे के बारे में जानकारी मिली थी।
पुलिस के मुताबिक जफर अली को सबसे पहले 19 नवंबर को सर्वे की जानकारी थी।भीड़ की मौजूदगी में वहां सर्वे शुरू हुआ था,इसके बाद 24 नवंबर को भी सर्वे के बारे में जफर को पता था,तभी एक बार फिर से भीड़ जुटाई गई थी,इसी दौरान हिंसा हुई थी, 24 नंवबर 2024 को सर्वे के दौरान लोगों ने पत्थरबाजी और फायरिंग की थी।इस पर मामला दर्ज किया गया था।इसी मामले में जफर अली को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।इससे पहले जफर अली से पूछताछ की गई।
जफर अली को संपत्ति निवारण अधिनियम के मामले में जेल भेजा गया।जफर पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 191(2),191(3), 190, 221, 125,132, 324(5), 196, 230,231 और सार्वजनिक संपत्ति निवारण अधिनियम की धारा 3/4 के तहत कार्रवाई की गई है।
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