Wed, 21 Oct 2026
Breaking News
मनकापुर में रेलवे ओवर ब्रिज बनेगा : मनकापुर में रेलवे से मिला ओवर ब्रिज का तोहफा | संक्षिप्त खबरें : शेखर न्यूज़ उत्तर प्रदेश | परसपुर/करनैलगंज/ गोंडा : सांड़ से टकराई बाइक, युवक की मौत, युवती घायल | ग़ाज़ियाबाद उत्तर प्रदेश : शेखर न्यूज़ उत्तर प्रदेश | शेखर न्यूज़ लखनऊ : मुख्य समाचार | लखनऊ : मुख्य समाचार | शाम 4:30 बजे की बड़ी खबरें : Lucknow | मेरठ में अमरदीप और रविता को फांसी हुई : हत्यारी पत्नी को प्रेमी के साथ फांसी की सजा मिली | पति की हत्यारी रविता और प्रेमी अमरदीप को सजा ए मौत : मेरठ जिला कोर्ट ने सुनाया फैसला | विशालकाय अजगर दुधवा नेशनल पार्क देखें कितना विशालकाय : बड़े से बड़ा जानवर का जाने में सक्षम रॉक पाइथन मिला | मनकापुर में रेलवे ओवर ब्रिज बनेगा : मनकापुर में रेलवे से मिला ओवर ब्रिज का तोहफा | संक्षिप्त खबरें : शेखर न्यूज़ उत्तर प्रदेश | परसपुर/करनैलगंज/ गोंडा : सांड़ से टकराई बाइक, युवक की मौत, युवती घायल | ग़ाज़ियाबाद उत्तर प्रदेश : शेखर न्यूज़ उत्तर प्रदेश | शेखर न्यूज़ लखनऊ : मुख्य समाचार | लखनऊ : मुख्य समाचार | शाम 4:30 बजे की बड़ी खबरें : Lucknow | मेरठ में अमरदीप और रविता को फांसी हुई : हत्यारी पत्नी को प्रेमी के साथ फांसी की सजा मिली | पति की हत्यारी रविता और प्रेमी अमरदीप को सजा ए मौत : मेरठ जिला कोर्ट ने सुनाया फैसला | विशालकाय अजगर दुधवा नेशनल पार्क देखें कितना विशालकाय : बड़े से बड़ा जानवर का जाने में सक्षम रॉक पाइथन मिला | मनकापुर में रेलवे ओवर ब्रिज बनेगा : मनकापुर में रेलवे से मिला ओवर ब्रिज का तोहफा | संक्षिप्त खबरें : शेखर न्यूज़ उत्तर प्रदेश | परसपुर/करनैलगंज/ गोंडा : सांड़ से टकराई बाइक, युवक की मौत, युवती घायल | ग़ाज़ियाबाद उत्तर प्रदेश : शेखर न्यूज़ उत्तर प्रदेश | शेखर न्यूज़ लखनऊ : मुख्य समाचार | लखनऊ : मुख्य समाचार | शाम 4:30 बजे की बड़ी खबरें : Lucknow | मेरठ में अमरदीप और रविता को फांसी हुई : हत्यारी पत्नी को प्रेमी के साथ फांसी की सजा मिली | पति की हत्यारी रविता और प्रेमी अमरदीप को सजा ए मौत : मेरठ जिला कोर्ट ने सुनाया फैसला | विशालकाय अजगर दुधवा नेशनल पार्क देखें कितना विशालकाय : बड़े से बड़ा जानवर का जाने में सक्षम रॉक पाइथन मिला |

सूचना

Welcome Shekhar News,शेखर न्यूज़ आपका अपने वेब न्यूज़ पोर्टल पर स्वागत करता है , ताज़ा तरीन खबरों के लिए shekharnews.com पर देखें एवं लॉगिन करें
शेखर न्यूज़ आपका अपने वेब न्यूज़ पोर्टल पर स्वागत करता है , ताज़ा तरीन खबरों के लिए shekharnews.com पर देखें एवं लॉगिन करें
Welcome Shekhar News,शेखर न्यूज़ आपका अपने वेब न्यूज़ पोर्टल पर स्वागत करता है , ताज़ा तरीन खबरों के लिए shekharnews.com पर देखें एवं लॉगिन करें
शेखर न्यूज़ आपका अपने वेब न्यूज़ पोर्टल पर स्वागत करता है , ताज़ा तरीन खबरों के लिए shekharnews.com पर देखें एवं लॉगिन करें

: गोंडा : यूजीसी बिल से समाज में भ्रम और विभाजन, सरकार इसे वापस ले: बृजभूषण शरण सिंह, जरूरत पड़ी तो आंदोलन

नीरज कुमार सिंह संवाददाता परसपुर गोंडा / Thu, Jan 29, 2026 / Post views : 189

Share:


यूजीसी बिल से समाज में भ्रम और विभाजन, सरकार इसे वापस ले: बृजभूषण शरण सिंह, जरूरत पड़ी तो आंदोलन
गोंडा। कैसरगंज से पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने यूजीसी बिल को लेकर गहन अध्ययन के बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से अपना पक्ष रखते हुए इस बिल का खुलकर विरोध किया है। उन्होंने कहा कि यह बिल समाज में भ्रम, टकराव और विभाजन की स्थिति पैदा करेगा, जो देशहित और सामाजिक सौहार्द के लिए घातक साबित होगा। पूर्व सांसद ने कहा कि बीते कुछ दिनों से देशभर में यूजीसी बिल को लेकर लगातार विवाद की स्थिति बनी हुई है, जो कथित तौर पर दलित और ओबीसी छात्रों के संरक्षण के नाम पर लाए गए प्रावधानों से उत्पन्न हुआ है। उन्होंने कहा कि कुछ इक्का-दुक्का घटनाओं के आधार पर कानून बना देना समाज में भ्रामक माहौल पैदा करता है, जिससे आपसी विश्वास कमजोर होता है और इसी कारण आज व्यापक विरोध देखने को मिल रहा है। पूर्व सांसद ने अपने गांव का उदाहरण देते हुए कहा कि ग्रामीण परिवेश में सवर्ण, दलित और पिछड़े समाज के बच्चे वर्षों से बिना किसी भेदभाव के एक साथ खेलते-कूदते आ रहे हैं। बच्चों से बातचीत करने पर यह स्पष्ट होता है कि वे लंबे समय से साथ रहते हैं, साथ बैठते हैं, खेलते हैं और एक-दूसरे के घर जाकर नाश्ता भी करते हैं। यह सब किसी कानून की देन नहीं, बल्कि हमारी सनातन संस्कृति और परंपरा का स्वाभाविक और जीवंत स्वरूप है। उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि सनातन परंपरा यह सिखाती है कि जो समाज में पीछे है, उसे सहयोग देकर आगे बढ़ाया जाए, न कि समाज में भेदभाव और दूरी पैदा की जाए। समाज को केवल कार्यालयों और फाइलों के माध्यम से नहीं समझा जा सकता, बल्कि गांवों में जाकर वास्तविक स्थिति को महसूस किया जा सकता है, जहां आज भी बिना किसी जातीय भेदभाव के लोग एक-दूसरे के साथ रहते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या आने वाले समय में ऐसा वातावरण तैयार किया जाएगा कि किसी घर में ओबीसी या दलित समाज के व्यक्ति की एंट्री तक रोक दी जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे कानून समाज में नकारात्मक सोच और गलत मानसिकता को जन्म देंगे। पूर्व सांसद ने सरकार से हाथ जोड़कर अपील करते हुए कहा कि इस कानून को तत्काल वापस लिया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने सवर्ण समाज से भी आग्रह किया कि वे ओबीसी और दलित समाज के समझदार और प्रबुद्ध लोगों से संवाद स्थापित कर संयुक्त रूप से इस कानून का विरोध करें। उन्होंने कहा कि गांवों में आज भी हर जाति की सहभागिता और नेग की परंपरा जीवित है, चाहे वह शादी-ब्याह हो, मांगलिक कार्यक्रम हों या अन्य सामाजिक आयोजन। उन्होंने जानकारी दी कि 1 से 8 जनवरी तक आयोजित सनातन कथा में 52 जातियों के धर्मगुरुओं ने सहभागिता की थी और प्रत्येक धर्मगुरु से एक-एक पौधा लेकर सनातन वाटिका विकसित करने की योजना बनाई गई थी। उन्होंने कहा कि ऐसे उदाहरण यह साबित करते हैं कि हमारी परंपराएं समाज को जोड़ने वाली रही हैं, जबकि नए कानून समाज को जोड़ने के बजाय तोड़ने का कार्य कर रहे हैं। पूर्व सांसद ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि कोई व्यक्ति गंभीर अपराध करता है तो उसे कठोर सजा मिलनी चाहिए, चाहे वह किसी भी समाज या वर्ग से क्यों न हो, लेकिन बच्चों और समाज के बीच भेदभाव की भावना पैदा करना पूरी तरह गलत है। उन्होंने कहा कि पूर्व में भी कई कानून बनाए गए, लेकिन अत्याचार पूरी तरह समाप्त नहीं हुए, बल्कि कई मामलों में उन कानूनों का दुरुपयोग भी सामने आया। इसलिए किसी भी नए कानून को लागू करने से पहले संतुलन, समीक्षा और सामाजिक प्रभावों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस बिल में संतुलन का अभाव है और एक विशेष वर्ग को अपराधी के रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है, जिससे समाज में आपसी अविश्वास बढ़ेगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो इस कानून के खिलाफ व्यापक आंदोलन किया जाएगा, जिसमें केवल क्षत्रिय समाज ही नहीं, बल्कि सनातन परंपरा को मानने वाले दलित, पिछड़े और सवर्ण समाज के लोग एकजुट होकर शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि ऐसा कानून देश और समाज के भविष्य के लिए घातक सिद्ध होगा, जिससे सामाजिक ताना-बाना कमजोर पड़ेगा और राष्ट्रीय एकता को भी नुकसान पहुंचेगा। बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि यह देश हम सभी का है और इसमें रहने वाले हर वर्ग का समान अधिकार है, इसलिए सामाजिक सौहार्द, आपसी भाईचारा और समरसता बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सरकार से अपील की कि कृपया ऐसा कोई कानून न लाया जाए, जो मासूम बच्चों के मन में भेदभाव की भावना भर दे और समाज को बांटने का काम करे।

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें