अध्यात्मउत्तरप्रदेश

अध्यात्म वाणी एवं पंचांग…पंडित आचार्य श्री रघुनाथ शास्त्री अयोध्या धाम

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भाद्रपद शुक्ल पक्ष पंचमी दिन में १०/४६ तक उपरि षष्ठी वुधवार विशाखा नक्षत्र दिन में १२/४७तक उपरि अनुराधा २० सितम्बर २०२३ संवत २०८० आज ही ऋषि पंचमी व्रत है
☸️🕉️☸️🕉️☸️🕉️☸️🕉️☸️ददाति यत् पार्थिव यत् करोति
यद वा तपस्तप्यति यज्जुहोति।
न तस्य नाशोऽस्ति न चापकर्षो
नान्यस्तदश्नाति स एव कर्ता।।
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अर्थात मनुष्य जो दान देता है जो कर्म करता है जो तपस्या मे प्रवृत होता है और जो होम यज्ञ आदि का अनुष्ठान करता है उसके इस पवित्र कर्म का न तो कभी नाश होता है और न उसमे कोई कमी ही आती है उसके कर्म को दूसरा कोई नही भोगता है करने वाला स्वयं ही शुभ ऽशुभ कर्मों का फल भोगता है
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