नीरज कुमार सिंह संवाददाता परसपुर गोंडा / Thu, Jul 27, 2023 / Post views : 52


परसपुर गोंडा : परसपुर विकासखंड क्षेत्र के अंतर्गत परसपुर नगर समेत ग्रामीण इलाके में बुधवार की शाम को सातवें मोहर्रम को लेकर जगह-जगह मोहर्रम के जुलूसों का सिलसिला भी तेज हो गया परसपुर नगर के कटहरी बाग शान नगर , प्रेम नगर , साईं तकिया , नई बस्ती , अंजही गाड़ी बाजार , आटा, बनवरिया समेत तमाम इमाम चौक से जुलूस निकाले गए । ये सभी जुलूस अपने परंपरागत रास्तों से होकर समापन के लिए इमाम चौक की तरफ बढ़े जुलूस में नौजवानों ने ढोल ताशा बजाकर या हुसैन के नारे लगाए । शहादत ए कर्बला के गमगीन माहौल में डीजे लाइट के रंगीन सजावट गाड़ियों पर मक्का मदीना पीर पैगंबर आस्ताना , इलेक्ट्रॉनिक वाटर फव्वारा , शान ए हिंदुस्तान की तस्वीरें तिरंगा ध्वज लहराते और अलम जुलूस की शोभा बढ़ाते हुए जुलूस आगे बढ़ा प्रभारी निरीक्षक रणविजय सिंह मय हमराही पुलिस फोर्स के साथ क्षेत्र में भ्रमण शील रहे हैं शांति सुरक्षा के मैनेजर भरपूर पुलिस फोर्स की मुस्तैदी रही है महिला पुरुष आरक्षी समेत उप निरीक्षकों ने अपने हमराहियों के साथ गश्त किया परसपुर नगर के बालपुर एवं कर्नलगंज आटा मार्ग पर जुलूस का मेला अपने शबाब पर रहा है ।


परसपुर नगर समेत ग्रामीण इलाकों में मुहर्रम त्यौहार को लेकर बुधवार को ताजिया की दुकानों पर काफी भीड़ रही है परसपुर कस्बा के विभिन्न चबूतरों की कमेटियों ने जुलूस निकालकर सातवीं का मातम किया । बताया जा रहा है कि मोहर्रम माह के चांद का दीदार होते ही इस्लाम के मानने वालों ने मोहर्रम के पहले दिन से ढोल ताशा गाजे-बाजे के साथ जुलूस का दौर शुरू हो गया और ढोल व ताशे बजाकर लोगों ने या हुसैन की शहादत को याद किया इस बार मोहर्रम का त्यौहार 29 जुलाई को मनाया जायेगा । इस दिन इमाम हुसैन की शहादत की याद में भारत में शिया मुसलमान काले कपड़े पहन कर जुलूस निकालते हैं और उनके पैगाम को लोगों तक पहुंचाते हैं हुसैन ने इस्लाम और मानवता के लिए अपनी जान कुर्बान कुर्बान कर दी थी इसलिए इस दिन को आशूरा यानी मातम का दिन माना जाता है माना जाता है कि हजरत इमाम हुसैन और बादशाह यजीद के बीच जंग छिड़ गई थी , जिसमें बादशाह यजीद की सेना ने मिलकर हजरत इमाम हुसैन व उनके लोगों के लिए पीने का पानी रोक दिया था जिससे लोग परेशान हो गए थे ।
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