नीरज कुमार सिंह संवाददाता परसपुर गोंडा / Mon, Apr 27, 2026 / Post views : 23

परसपुर (गोंडा) : उपजिलाधिकारी करनैलगंज नेहा मिश्रा ने संवेदनशीलता की मिसाल पेश करते हुए अपने प्रयास से एक दिव्यांग प्रार्थी को बैटरी वाली ट्राई साइकिल उपलब्ध करा कर मानवता की मिसाल पेश की है। एसडीएम के इस कार्य से जहां दिव्यांग अमरजीत दुवाएं दे रहे है वही क्षेत्र में भी एसडीएम की काफी प्रशंसा हो रही है। गौरतलब हो कि पसका मेले की तैयारियों का जायजा लेने करनैलगंज की एसडीएम नेहा मिश्रा त्रिमुहानी घाट पर भ्रमण कर रही थी तभी उनकी नजर भीड़ में ठंड से ठिठुर रहे दिव्यांग अमरजीत पर पड़ी जिस पर एसडीएम तत्काल अमरजीत के पास पहुँच कर उनका हालचाल जाना ठंड से ठिठुर रहे अमरजीत को कंबल ओढ़ाया हालचाल पूछने के दौरान अमरजीत ने बताया कि वह नंदौर के नौशहरा के रहने वाले है त्रिमुहानी घाट पर कल्पवास कर रहे है। अमरजीत ने एसडीएम से कहा कि वह बैट्री वाली ट्राय साइकिल के लिए काफी दिनों से परेशान है कई जगहों पर जाकर अधिकारियों से गुहार लगाई लेकिन कोई सुनवाई नही हुई। एसडीएम ने उनकी परेशानी को समझा और मोटराइज्ड (बैटरी वाली) ट्राई साइकिल दिलाने का आश्वासन दिया।
अमरजीत ने बताया कि विगत शनिवार को एसडीएम के प्रयास से लखनऊ में उन्हें ट्राय साइकिल मिल गयी है जिसे वह लखनऊ से खुद चलाकर अपने घर आये है। उन्होंने बताया कि एक बार बाराबंकी में रुक कर बैटरी को चार्ज किया। अमरजीत ने भावुक होते हुए कहा कि मैं पांच छह साल से जगह जगह जाकर साइकिल दिलाने के लिए निवेदन किया लेकिन कही से कुछ नही हुआ एसडीएम नेहा मिश्रा मेरे लिए किसी फरिश्ते की तरह है उन्होंने कहा कि अब मैं आराम से सब जगह आ जा सकता हूँ। अमरजीत की माँ राजलक्ष्मी भी काफी खुश है उन्होंने कहा अब उन्हें घुरच कर नही चलना पड़ेगा। अपने दैनिक कार्यों और आवागमन के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। घटना साबित करती है कि यदि प्रशासन संवेदनशील हो, तो दिव्यांगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। यह बैटरी ट्राई साइकिल केवल एक उपकरण नहीं, बल्कि उनके आत्म-सम्मान और आत्मनिर्भरता की प्रतीक है।
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