धीरेश त्रिवेदी लखनऊ संवाददाता / Sun, May 31, 2026 / Post views : 17
सीतापुर के शहर कोतवाली इलाके में प्राइवेट आरोग्यं अस्पताल के बाहर गर्भवती महिला की मौत के बाद हंगामा मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और डीएम की त्रिस्तरीय जांच रिपोर्ट में अस्पताल संचालक की बड़ी लापरवाही सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार डॉक्टरों ने प्रसूता के शरीर में कम ब्लड होने के पर भी जान बूझकर प्रसव के दौरान ऑपरेशन पर डिलीवरी कराई। जिससे उसकी मौत लखनऊ में हो गई थी। डीएम के निर्देश के बाद अब संचालकों के खिलाफ कार्रवाई निश्चित है
जानकारी के अनुसार खैराबाद थाना क्षेत्र के ग्राम पिपरी मिर्जापुर निवासी मृतक प्रसूता कंजनी देवी पत्नी हरिओम को बीती 26 मई को परिजनों ने जिला महिला अस्पताल में ले जाकर भर्ती कराया था। जहां से आशा बहू के कहने पर परिजन महिला को लेकर प्राइवेट अस्पताल आरोग्य अस्पताल लेकर गए जहां उसे एडमिट कर लिया गया
जहां डॉक्टरों के ऑपरेशन करने पर महिला ने एक बच्चे की जन्म दिया। उसके बाद उसकी हालत अचानक बिगड़ने लगी तो लखनऊ रेफर कर दिया। जहां वेंटिलेटर से हटाकर परिजन उसे सीतापुर लेकर आ रहे थे, जहां उसकी मौत हो गई।
अस्पताल संचालक पर गंभीर लापरवाही का आरोप
स्वजनों ने बीती 29 मई की शाम शव अस्पताल के बाहर रखकर हंगामा काटा और अस्पताल संचालक पर लापरवाही का आरोप लगाया। देर रात डीएम के निर्देश पर त्रिस्तरीय टीम ने जांच रिपोर्ट डीएम को सौंपी है। जांच रिपोर्ट में डॉक्टरों की लापरवाही सामने आई हैं। वही एंबुलेस चालक के बयानों में यह स्पष्ट हुआ कि एंबुलेस में परिजनों ने मरीज का दो बार ऑक्सीजन हटाया था। जिससे उसकी हालत और गंभीर हो गई और रास्ते में ही मौत हो गईं।
जिलाधिकारी के निर्देश पर अब अस्पताल संचालकों के खिलाफ जल्द कार्रवाई हो सकती है। स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार सीएमओ अस्पताल संचालकों और डॉक्टरों के विरोध जल्द कार्रवाई कर सकते है। वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ब्लड पॉइजनिंग से मौत की पुष्टि हुई है।
उक्त घटना से आम जन में आक्रोश की भावना उपज रही है कि जब डॉक्टर अर्थात रक्षक ही भक्षक बन जाए तो समाज का क्या होगा
चार लोगों के पर धारा 106/2 के अनुसार प्राथमिकी दर्ज हुई है
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