धीरेश त्रिवेदी लखनऊ संवाददाता / Mon, Jun 22, 2026 / Post views : 11
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सोमवार दोपहर लगभग 2 बजे एक बिल्डिंग में आग लग गई। हादसे में अब तक 15 लोगों की मौत हुई है। इनमें 3 महिलाएं और 12 पुरुष है
जिस बिल्डिंग में आग लगी, वह अलीगंज इलाके में है। बेसमेंट, ग्राउंड और पहले फ्लोर पर पेट शॉप और क्लीनिक है। दूसरे फ्लोर पर लर्निंग स्पेस नाम की लाइब्रेरी (कोचिंग) और हेड हॉपर स्टूडियो है, जिसमें 3D आर्ट प्रोडक्शन और गेम एसेट आउटसोर्सिंग का काम होता है।
जानकारी के मुताबिक, आग लगने के बाद दूसरे फ्लोर पर चल रही कोचिंग में छात्रों ने खुद को बाथरूम में बंद कर लिया था। जयंत नाम के एक बच्चे ने पहले फ्लोर से कूद कर जान बचाई। लेकिन वह नीचे ग्रिल पर गिरा और गंभीर रूप से घायल हो गया।
अभी आग लगने की वजह सामने नहीं आई है, लेकिन बेसमेंट में लगे Ac में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका है। फायर ब्रिगेड की करीब 10 गाड़ियों ने आग पर काबू पा लिया है। SdRF और NdRF भी पहुंची थीं। फायरकर्मियों ने बिल्डिंग की पीछे की दीवार को तोड़ा, वही से मृतकों के शव निकाले गए हैं
घटनास्थल पर मृतकों और घायलों के लिए एम्बुलेंस कम पड़ गई थीं। उन्होंने उच्च स्तर पर बात कर तत्काल एंबुलेंस भेजने को कहा मौके पर मौजूद डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक इस मंजर को देखकर रो पड़े। उन्होंने कहा- मैंने अपनी आंखों के सामने लाशें निकलती देखी हैं।
सीएम योगी घटनास्थल पहुंचे। इसके बाद ट्रॉमा सेंटर जाएंगे। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह भी दिल्ली से लखनऊ आ रहे हैं।
आग लगने पर ऑटोमैटिक लॉक नहीं खुला
हादसे में सुखमणि (23) की मौत हो हुई है। उनके दोस्त यश ने बताया-सुखमणि 3D एनीमेशन के ऑफिस में चार साल से नौकरी कर रहे थे। ऑफिस में करीब 40 लोग काम करते हैं। ऑफिस का मुख्य गेट थंब इंप्रेशन से खुलता था। आग फैलने के बाद गेट ऑटोमैटिक लॉक था। उसे खोलने में देरी हुई। जिसकी वजह से हादसा और ज्यादा गंभीर हो गया।
वीरेंद्र शुक्ला की इमारत, नक्शा धीरेंद्र और सुरेंद्र शुक्ला के नाम से पास
बताया जा रहा है इमारत वीरेंद्र शुक्ला की जमीन पर है। वे सीतापुर रोड पर गोविंदपुरम में स्थित रामेश्वरम इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट (RITM) कॉलेज के मालिक हैं। इमारत का आवासीय नक्शा वीरेंद्र शुक्ला, धीरेंद्र शुक्ला और सुरेंद्र शुक्ला के नाम से पास हुआ था।
2014 में कमर्शियल बना दिया था। नगर निगम 2022 से कमर्शियल टैक्स ले रहा था। तत्कालीन अफसरों और इंजीनियरों पर कार्रवाई करने के लिए लिस्ट तैयार कर ली गई है। 16 आरोपी हैं।
शुरुआती जांच के मुताबिक, इमारत में इमरजेंसी एग्जिट नहीं था। इसलिए लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिल पाया
सीएम योगी ने कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा उन्होंने मृतकों के परिजनों को पांच लाख और घायलों को पचास हजार की आर्थिक मदद का ऐलान किया
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जी केजीएमयू पहुंचे
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह देर शाम लखनऊ पहुंचे सीधे केजीएमयू पहुंचे और घायलों से मुलाकात की मृतकों के परिजनों को संबल और मदद का आश्वासन दिया उन्होंने कहा कि अभी तक घायलों में से तीन लोगों का उपचार चल रहा है बाकी सभी मामूली घायलों को उपचार उपरांत घर जाने के लिए कहा गया
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