नीरज मिश्रा संवाददाता लखनऊ / Fri, Jun 13, 2025 / Post views : 75
विश्वसनीय सूत्रों की माने उच्च अधिकारियों के आशीर्वाद से लगातार पुलिस मित्र कहे जाने वाली पुलिस की छवि को लगातार करते नजर आते थे धूमिल।
गौर से देखिए ये वही आसिफ अख्तर हैं जो लगातार पत्रकारों के ऊपर वर्दी का रौब झाड़ते आते थे नजर।

हर बार की तरह इस बार अपने गुरुर मे भूल बैठे और खो दिया अपना आपा और अपने ही विभाग के उच्च अधिकारी से कर बैठे बहस।
भूल गए कौन है जूनियर कौन है सीनियर सिखाने लगे कानून जिसके चलते दिखा दिया गया सस्पेंड का रास्ता ।
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