आर के पाण्डेय एडिटर इन चीफ बैज़लपुर उत्तर प्रदेश / Mon, Jan 22, 2024 / Post views : 52
रामायण में युद्ध कांड के गिलहरी से प्रेरित यह मूर्ति प्रतिबद्धता, कर्तव्यपरायणता और भक्ति का प्रतीक है।
भगवान राम लंका तक पुल बनाने में मदद करने के लिए समुद्र में कंकड़ गिराने में गिलहरी के योगदान को स्वीकार करते हैं। जहां पुल के निर्माण में गिलहरी के प्रयासों के समान सबसे छोटा योगदान भी प्रभु श्री राम लिए गहरा अर्थ रखता है।
जहां राम हैं, वहीं धर्म है
राम बनने का अर्थ है कर्तव्य सर्वोपरि, विधान सर्वोपरि
परंतु राम के चरित्र में कुछ उससे भी बहुत ऊपर है,
वह है 'आत्मीयता और प्रेम 'राम का समस्त बल एक गिलहरी के समर्पण और एक वृद्धा भीलनी के प्रेम पर न्योछावर हो जाता है।
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