गोंडा : राज्यपाल को सौंपा गया ज्ञापन, विद्युत विभाग में भ्रष्टाचार व अनियमितताओं पर तत्काल कार्रवाई की उठी मांग

गोंडा। आजाद अधिकार सेना के जिलाध्यक्ष डी.एन. सिंह ने प्रदेश की राज्यपाल को एक महत्वपूर्ण ज्ञापन भेजते हुए उत्तर प्रदेश में विद्युत विभाग से जुड़े व्यापक भ्रष्टाचार, अनियमितताओं और मनमानी पर तत्काल प्रभाव से कठोर कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन में दस प्रमुख बिंदुओं के माध्यम से विभागीय खामियों को रेखांकित करते हुए उनके प्रभावी समाधान की आवश्यकता जताई गई है। ज्ञापन में स्पष्ट रूप से मांग की गई है कि विद्युत विभाग के निजीकरण की प्रक्रिया पर अविलंब रोक लगाई जाए, ताकि आम जनता के हितों की रक्षा हो सके। साथ ही नए स्मार्ट मीटरों का मीटर नंबर निर्धारित समय सीमा के भीतर पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य किया जाए, जिससे पारदर्शिता बनी रहे और उपभोक्ताओं को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। बिल रिवीजन के नाम पर हो रहे भ्रष्टाचार पर रोक लगाने की आवश्यकता बताते हुए डी.एन. सिंह ने कहा कि इस प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जाए। उन्होंने विद्युत विभाग में आउटसोर्सिंग के माध्यम से की जा रही भर्तियों पर तुरंत रोक लगाने तथा पूर्व में आउटसोर्सिंग के तहत नियुक्त कर्मचारियों को नियमित करने की मांग की है। साथ ही यह भी कहा गया है कि विभागीय कर्मचारियों का हो रहा शोषण तत्काल रोका जाए और उन्हें सुरक्षित कार्य परिवेश प्रदान किया जाए। ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में रहने वाले गरीब परिवारों के बिजली बिल को आधा करने की मांग करते हुए डी.एन. सिंह ने कहा कि इससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को बड़ी राहत मिलेगी। विद्युत विभाग से संबंधित शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण हेतु एक स्वतंत्र शिकायत आयोग का गठन किए जाने की आवश्यकता जताई गई है, ताकि उपभोक्ताओं को न्याय मिल सके। उन्होंने कहा कि शिकायतों का निस्तारण एक सप्ताह के भीतर अनिवार्य रूप से किया जाए और शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी दी जाए। बिना शिकायतकर्ता से संपर्क या पूछताछ किए बिना किसी भी शिकायत का निस्तारण न किया जाए। डी.एन. सिंह ने राज्यपाल से अपील की है कि वे उपरोक्त सभी जनहितकारी बिंदुओं पर गंभीरता से विचार करते हुए प्राथमिकता के आधार पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित कराएं।