गोंडा : पीएम किसान योजना से गांवों में आई खुशहाली,जागरूकता कार्यक्रम में उमड़े किसान


परसपुर (गोण्डा) : दीनदयाल शोध संस्थान लाल बहादुर शास्त्री कृषि विज्ञान केंद्र गोपालग्राम में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 20वीं किस्त के अवसर पर शनिवार 2 अगस्त को जिला कृषि विभाग एवं कृषि विज्ञान केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा ₹20,500 करोड़ की राशि देश के 9 करोड़ 70 लाख से अधिक किसानों के खातों में डिजिटल रूप से प्रेषित की गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय विद्याभूषण द्विवेदी (अध्यक्ष किसान मोर्चा) ने पीएम किसान योजना को छोटे और सीमांत किसानों के लिए आत्मनिर्भरता की दिशा में एक निर्णायक कदम बताया ।

वहीं विशिष्ट अतिथि श्रीमती रेनू दूबे (सदस्य, जिला पंचायत) ने ग्रामीण भारत के विकास में महिलाओं की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि महिला किसान केवल श्रमिक नहीं बल्कि उत्पादक, योजनाकार और परिवार की आर्थिक रीढ़ हैं, अतः उन्हें सरकारी योजनाओं, प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता का समुचित लाभ सीधा एवं सरल तरीके से दिया जाना चाहिए उन्होंने इस तरह के आयोजनों को महिला सशक्तिकरण की दिशा में सकारात्मक पहल बताया।

रवि दूबे (जिला मंत्री, किसान मोर्चा) ने योजनाओं की पारदर्शिता की सराहना की। इस अवसर पर संयुक्त कृषि निदेशक डॉ. लोकेन्द्र सिंह ने इसे किसान कल्याण की दिशा में ऐतिहासिक पहल बताया जबकि उप निदेशक कृषि डॉ. प्रेम कुमार ठाकुर ने गोंडा जनपद में योजना की प्रभावी क्रियान्वयन की जानकारी दी। कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. चंद्रमणि त्रिपाठी ने सहजन (मोरिंगा) के पोषण व औषधीय महत्व के साथ-साथ किचन गार्डन की उपयोगिता को विस्तार से बताया तथा किसानों को घरेलू बागवानी अपनाने की सलाह दी।


कार्यक्रम का संचालन सहायक विकास अधिकारी (कृषि ) डॉ. अनूप सिंह चौहान द्वारा किया गया जिन्होंने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए योजना की बारीकियों को सरल भाषा में समझाया और किसानों के सवालों का उत्तर भी दिया। इस अवसर पर गृह विज्ञान इकाई से प्रशिक्षित ममता एवं शावित्री को 75 दिवसीय सिलाई प्रशिक्षण पूर्ण करने पर प्रमाण पत्र प्रदान किए गए एवं पोषण व प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने हेतु 5 सहजन के पौधे किसानों को वितरित किए गए।

कार्यक्रम में लगभग 120 किसानों की सहभागिता रही जिन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का वाराणसी से सीधा प्रसारण देखा जिसमें उन्होंने डिजिटल भुगतान, पारदर्शिता, प्राकृतिक खेती, मृदा स्वास्थ्य और जल संरक्षण जैसे विषयों पर अपने विचार साझा किए। समस्त वक्ताओं ने इस आयोजन को दीनदयाल शोध संस्थान के प्रेरणास्रोत राष्ट्रऋषि श्रद्धेय नानाजी देशमुख के विचारों की सशक्त अभिव्यक्ति बताते हुए इसे ग्रामीण भारत के सतत विकास की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल करार दिया। इस पूरे कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक, कृषि विभाग के कर्मचारी एवं दीनदयाल शोध संस्थान के सी.बी.बी.ओ. इकाई के सदस्यगण उपस्थित रहे।