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गोंडा : करनैलगंज डाकघर से विभिन्न लोगों के खाते से करीब एक करोड़ की ठगी का मामला हुआ उजागर

डाकघर कर्नलगंज से विभिन्न लोगों के खाते से करीब एक करोड़ की ठगी का मामला उजागर।

खाता धारक रामदीन के पैसे भूनेष कुशवाहा के आई डी से निकलने का मामला आया प्रकाश में।

डाकघर प्रशासन में मचा हड़कंप।

करनैलगंज ( गोंडा ) : जनपद गोंडा अंतर्गत तहसील करनैलगंज के डाकघर में खाता धारकों द्वारा रुपए तो जमा किया गया लेकिन उन्हें नकली पासबुक देकर समझाकर उनके साथ धोखा धडी किया गया है, उसी में किसी को सही पास बुक दिया गया तो उनके खाते से बिना उनके अनुमति के पैसा निकाल लिया गया,ये मामला जब प्रकाश में आया जब कर्नलगंज के बालूगंज निवासी रामदीन मौर्या ने अपने खाते से 5000 हजार रुपए की रकम निकालने डाकघर कर्नलगंज पहुंचे तो वहां के कर्मचारियों द्वारा बताया गया कि आपके खाते में उतनी रकम नही है जितने का आपने विड्राल भरा है। तब रामदीन परेशान हो गए और उन्होंने अपना इस्टेटमेंट निकलवाया तो चालू खाता सहित एफडी का खाता भी खाली मिला इसके बाद ये खबर आग की तरह फैलने लगी तो एक एक करके तमाम खाता धारक डाकखाना में अपना खाता चेक करवाने लगे तो उनमें से तमाम लोगों के खाते से पैसे गायब मिले। रुपये जमा करने के नाम पर करीब एक करोड़ रूपये की ठगी किये जाने का बेहद गंभीर मामला सामने आया है।

लोगों ने खून पसीने की कमाई को डाकखाने में जमा किया,जिससे कि उनका धन सुरक्षित रहे लेकिन कर्मचारियों ने जमा रकम को साफ कर दिया। यहाँ बिना खाता खोले ही लोगों को पासबुक थमा दी गई और रुपया हजम कर लिए। कस्बे के बालूगंज निवासी रामदीन मौर्य व अन्य लोगों ने बिना हस्ताक्षर के खाते से लाखों रुपए फर्जी तरीके से निकाले जाने के संबंध में डीएम व डाक अधीक्षक सहित अन्य उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर शिकायत की है। इसी मामले में एक व्यक्ति की शिकायत को गंभीरता से संज्ञान में लेते हुए लखनऊ परिमंडल सहायक निदेशक ने गोरखपुर परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल को पूरे मामले की जांच का आदेश दिया है। इससे डाकघर प्रशासन में हड़कंप मचा है।
मामला डाकघर कर्नलगंज से जुड़ा है। पीड़ित खाताधारक कर्नलगंज कस्बे के मोहल्ला बालूगंज निवासी रामदीन मौर्य ने डाक विभाग के उच्चाधिकारियों, जिलाधिकारी व पुलिस विभाग के आला अधिकारियों से इस मामले की शिकायत की है। इसमें बताया कि कर्नलगंज डाकघर में बचत खाता के साथ ही उसकी 7.50 लाख रुपये की एफडी भी है। बचत खाते में 4,89,897 रुपये, दूसरे में दो लाख रुपये, तीसरे में पांच लाख रुपये है। बीते मार्च माह में जब डाकघर पहुंचा तो पता चला कि उसके एक खाते में से 20 लाख रुपये निकाल लिए गए। सामने आया कि बिना उसकी जानकारी के एफडी का पैसा पहले उसके बचत खाते में ट्रांसफर किया गया फिर उसके खाते से 20 लाख की पूरी रकम थोड़ी-थोड़ी कर निकाल ली गई। स्थानीय स्तर पर शिकायत बाद भी इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई तो न्याय के लिए सहायक निदेशक परिमंडल लखनऊ को पत्र भेजकर गुहार लगाई है। इसे गंभीरता से लेते हुए सहायक निदेशक परिमंडल ने पूरे मामले की जांच पोस्टमास्टर जनरल गोरखपुर परिक्षेत्र को सौंपी है। यही नहीं इसी के साथ ही कर्नलगंज कस्बे के मोहल्ला कसगरान बालूगंज के कैलाश चंद्र सविता का 23 लाख, छोटे का 12 लाख, शिल्पी का साढ़े तीन लाख, नागेश का चार लाख, वी०के०, जी०के० व रूपेंद्र श्रीवास्तव के साथ 38 लाख रुपये की ठगी की गई है। इन लोगों ने डाकखाने में एफडी आरडी करा रखी थी,जिनमें कुछ के खाते खोले गए रुपये जमा होने के बाद अधिकारी कर्मचारी के आईडी से रुपये निकल गए तो वहीं कई लोग ऐसे भी हैं जिन्हें रुपये जमा होने के सबूत के तौर पर डाकखाने की पास बुक भी उपलब्ध कराई गई,लेकिन ना खाते खोले गए और न ही रुपये डाकखाना में जमा हुए। इस संबंध में डाकघर कर्नलगंज के पोस्ट मास्टर शिवकुमार पाठक का कहना है कि मामला उनकी जानकारी में है। जो भी लोग बैलेंस चेक कराने आते हैं उनके खाते के बारे में जानकारी दी जाती है। जिस भी कर्मचारी की आईडी से खाते से पैसा निकला होगा उसके विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जायेगी।

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