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उत्तरप्रदेशवाराणसी
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हिंदू पक्ष ने ज्ञानवापी परिसर की कुछ दीवारें गिराकर वीडियोग्राफी कराने की उठाई मांग, सर्वे रिपोर्ट आज पेश नहीं हो सकी

वाराणसी की सिविल जज सीनियर डिवीजन की कोर्ट में हिंदू पक्ष की तरफ से एक बार फिर ज्ञानवापी में सर्वे की मांग की गई है। इसके लिए आज कोर्ट में नई अर्जी दी गई है। ज्ञानवापी परिसर की कुछ दीवारों को गिराकर सर्वे कराने की मांग की गई है। यह अर्जी रेखा पाठक, मंजू व्यास और सीता साहू की ओर से अदालत में दी गई है। इसके साथ ही मलबे की सफाई की भी मांग की गई है।

सर्वे रिपोर्ट पेश करने के लिए मांगा 2 दिन का समय

ज्ञानवापी परिसर की सर्वे रिपोर्ट आज सिविल जज सीनियर डिवीजन रवि कुमार दिवाकर की अदालत में पेश नहीं हो सकी। अभी तक रिपोर्ट तैयार नहीं हो सकी है। इसके पीछे की वजह 15 घंटे की वीडियोग्राफी और करीब 1500 फोटो बताई जा रही है। यह डाटा इतना ज्यादा है कि इसकी फाइल अभी नहीं बनाई जा सकी है। इसके लिए दो और दिन मांगे गए हैं। स्पेशल एडवोकेट कमिश्नर विशाल सिंह ने सिविल जज सीनियर डिवीजन की कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर और समय मांगा है।

यूपी सरकार की ओर से वाराणसी कोर्ट में अर्जी दाखिल
ज्ञानवापी मामले में UP सरकार की ओर से वाराणसी कोर्ट में अर्जी दाखिल की गई है। DGC सिविल महेंद्र प्रसाद पांडेय ने सिविल जज सीनियर डिवीजन रवि कुमार दिवाकर की अदालत में प्रार्थना पत्र दिया है। उन्होंने तीन मांगें की हैं।

  1. ज्ञानवापी मस्जिद स्थित जिस 3 फीट गहरे मानव निर्मित तालाब को सीज किया गया है, उसके चारों तरफ पाइप लाइन और नल हैं। उस नल का उपयोग नमाजी वजू के लिए करते हैं। तालाब परिसर सील होने के कारण नमाजियों के वजू के लिए बाहर व्यवस्था की जाए।
  2. ज्ञानवापी के सील हुए क्षेत्र में शौचालय भी हैं, उनका उपयोग नमाजी करते हैं। अब उन्हें वहां नहीं जानें दिया जा रहा है, ऐसे में उनकी व्यवस्था की जाए।
  3. सील किए गए तालाब में कुछ मछलियां भी हैं। ऐसे में उन्हें खाने की चीजें नहीं मिल पा रही हैं। उन मछलियों को अब कहीं और पानी में छोड़ा जाए।

सुप्रीम कोर्ट में भी सर्वे रोकने की याचिका पर सुनवाई आज
सर्वे के खिलाफ अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। सुप्रीम कोर्ट में आज इस पर सुनवाई होनी है। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की पीठ इस मामले को देखेगी।

13 मई को सुप्रीम कोर्ट में सीनियर एडवोकेट फुजैल अहमदी ने ज्ञानवापी मस्जिद के सर्वेक्षण को तुरंत रोकने की याचिका दाखिल की थी। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि पहले इससे जुड़ी फाइलें देखी जाएंगी। इसके बाद कुछ फैसला लेंगे। आज इस पर सुनवाई होगी।

यह ज्ञानवापी के पिछले हिस्से की तस्वीर है। इसकी बनावट की भी सर्वे टीम ने वीडियोग्राफी की है।

हिंदू सेना नाम का संगठन भी पहुंचा सुप्रीम कोर्ट
ज्ञानवापी सर्वे मामले में हिंदू सेना नाम के संगठन ने सोमवार को एक अर्जी दाखिल की। उनकी मांग है कि अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी की याचिका को जुर्माने के साथ खारिज की जाए। ये याचिका हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता ने दाखिल की है।

शिवलिंग मिलने का किया गया दावा
ज्ञानवापी परिसर के सर्वे की शुरुआत 14 मई को हुई थी। सर्वे के दौरान एडवोकेट कमिश्नर के साथ दोनों पक्ष और कोर्ट कमिश्नर सहित 52 लोग मौजूद थे। सर्वे के आखिरी दिन 16 मई को याचिकाकर्ता रेखा सहित 5 महिलाओं के वकील विष्णु जैन ने वजूखाने में शिवलिंग मिलने का दावा किया था। इसके बाद उस जगह को सील कर दिया गया। अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी ने हिंदू पक्ष के दावे का खंडन करते हुए उसे फव्वारा बताया है। मुस्लिम पक्ष ने यह भी कहा है कि वह जिला अदालत के आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करेंगे।

सर्वे के बाद शांति और कानून व्यवस्था को लेकर पुलिस और प्रशासनिक महकमा अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है। मिश्रित आबादी वाले इलाकों में पुलिस और PAC के जवान तैनात हैं।

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