शुभम पाण्डेय विशेष संपादक / Sun, Mar 22, 2026 / Post views : 92
आज Lucknow में Uttar Pradesh Public Service Commission के परीक्षा केंद्र के बाहर एक पिता और बेटी साथ चादर पर बैठे हैं। कुछ ही देर में बेटी UPPSC APO Exam देने अंदर जाएगी।
इस छोटे से पल में सालों का संघर्ष समाया है—बेटी के हाथों में किताबों की मेहनत है, और पिता के दिल में अनगिनत त्यागों की कहानी। शायद उसने अपनी जरूरतों को टालकर उसकी पढ़ाई पूरी कराई, हर मुश्किल में उसका हौसला बना, और आज उसी मेहनत का इम्तिहान है।
बेटी की आँखों में हल्की घबराहट है, पर साथ ही एक सपना भी… और पिता की आँखों में बस दुआ—कि उसकी बेटी सफल हो जाए। वह ज्यादा कुछ नहीं कह रहा, बस उसके पास बैठा है, क्योंकि उसका साथ ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है।
कुछ ही देर में वह अंदर जाएगी, और पिता बाहर इंतजार करेगा… लेकिन सच ये है कि इस परीक्षा में सिर्फ बेटी नहीं, एक पिता का पूरा संघर्ष भी साथ ही उतर रहा है। ❤️
शुभम पांडे की कलम से
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