Wed, 19 Aug 2026
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परसपुर गोंडा : दुष्यंत कुमार और अदम गोंडवी की ग़ज़लों पर शोध को मिली पहचान, संजय कुमार सिन्हा को मिली पीएचडी कीउपाधि

नीरज कुमार सिंह संवाददाता परसपुर गोंडा / Sat, Mar 14, 2026 / Post views : 307

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हिंदी ग़ज़ल के दो प्रमुख रचनाकार दुष्यंत कुमार और रामनाथ सिंह उर्फ अदम गोंडवी की ग़ज़लों पर किए गए संशोधनात्मक अध्ययन के लिए नव नालन्दा महाविहार के शोधार्थी संजय कुमार सिन्हा को 13 मार्च 2026 को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई। उनका शोध विषय “दुष्यंत कुमार एवं अदम गोंडवी की ग़ज़लों का तुलनात्मक अध्ययन” रहा। संजय कुमार सिन्हा ने अपना शोध कार्य डॉ. अनुराग शर्मा के निर्देशन में पूर्ण किया।

इस अवसर पर नव नालन्दा महाविहार के हिन्दी विभागाध्यक्ष डॉ. हरे कृष्ण तिवारी ने उन्हें प्रमाणपत्र प्रदान करते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि हिंदी ग़ज़ल साहित्य में दुष्यंत कुमार और अदम गोंडवी की रचनाएं जनचेतना और सामाजिक सरोकारों को नई दिशा देने वाली रही हैं। बताते चलें कि संजय कुमार सिन्हा बिहार के नालन्दा जिले के निवासी हैं और वर्तमान में बिहार लोक सेवा आयोग से चयनित होकर प्रखण्ड विकास पदाधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। उनकी इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर गुरुजनों, मित्रों और साहित्यप्रेमियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी है।

वहीं अदम गोंडवी के उत्तराधिकारी दिलीप कुमार सिंह उर्फ दिलीप गोंडवी ने भी उन्हें हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। शोधार्थी संजय कुमार सिन्हा से हुई बातचीत में उन्होंने कहा कि हिंदी ग़ज़ल साहित्य में दुष्यंत कुमार के बाद अदम गोंडवी को विषम एवं विकृत व्यवस्था के विरुद्ध सबसे मुखर और विद्रोही ग़ज़लकार के रूप में देखा जाता है, जिनकी रचनाएं आज भी समाज की विसंगतियों पर तीखा प्रहार करती हैं।

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