धीरेश त्रिवेदी लखनऊ संवाददाता / Thu, Mar 12, 2026 / Post views : 51
लखनऊ उत्तर प्रदेश
भारतीय रेलवे की सबसे वीआईपी ट्रेनों में शामिल राजधानी एक्सप्रेस में लापरवाही का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। दिल्ली से मुंबई की यात्रा कर रही एक 56 वर्षीय महिला को उनकी धार्मिक आस्था के विपरीत शाकाहारी भोजन की जगह नॉन-वेज (चिकन) परोस दिया गया। खाना खाने के बाद जब महिला को सच्चाई का पता चला, तो सदमे और घबराहट के कारण उनकी तबीयत खराब हो गई।
क्या है पूरा मामला?
मुंबई की रहने वाली राजेश्वरी देवी दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन स्टेशन से मुंबई के लिए ट्रेन नंबर 12954 A अगस्त क्रांति राजधानी एक्सप्रेस में कोच B-1 में सफर कर रही थीं। उनके बेटे शिवम ने टिकट बुक करते समय स्पष्ट रूप से शाकाहारी विकल्प का चयन किया था। रात के खाने के समय कैटरिंग स्टाफ ने उन्हें गलती से चिकन करी दे दी। अंधेरे या पैकेट की समानता के कारण राजेश्वरी देवी ने खाना शुरू कर दिया। कुछ निवाले खाने के बाद उन्हें स्वाद अजीब लगा। जब साथ बैठे यात्रियों ने खाने की जांच की, तो पता चला कि वह सब्जी नहीं बल्कि चिकन था।
तबीयत बिगड़ी और रेलवे पर अनदेखी का आरोप
मांसाहार के सेवन की बात पता चलते ही महिला को घबराहट होने लगी और उन्हें लगातार उल्टी होने लगी इस पर उनके बेटे ने तुरंत रेलवे हेल्प लाइन पर शिकायत दर्ज कराई और मेडिकल मदद की मांग की। परिवार का आरोप है कि जब ट्रेन झांसी जंक्शन पर पहुंची, तो रेलवे स्टाफ ने इसे बेहद हल्के में लिया। उचित इलाज देने के बजाय, कर्मचारियों ने केवल नींबू-पानी पीने की सलाह दी और चले गए। पूरी रात महिला बेचैनी और खराब स्वास्थ्य से जूझती रही सहयात्रियों ने इसे धार्मिक अपमान की साजिश बताई सूत्रों के अनुसार महिला अपने गंतव्य मुंबई पहुंच कर उपवास रख किसी तरह अपने आप को संभाला उक्त घटना से भारतीय रेलवे एक बार फिर प्रश्न चिन्ह लग रहा है रेलवे ने संबंधितो को कारण बताओं नोटिस जारी किया है
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