नीरज कुमार सिंह संवाददाता परसपुर गोंडा / Fri, Apr 10, 2026 / Post views : 198
विद्युत विभाग की उदासीनता पर उठे तीखे सवाल, 10 साल की शिकायतें रहीं बेअसर

गोंडा। जनपद से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां विद्युत विभाग की कथित लापरवाही ने एक परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं। नगर कोतवाली क्षेत्र के पोर्टरगंज पथवलिया गांव निवासी वरिष्ठ पत्रकार रंजीत तिवारी (35) की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। वे ‘हिंदुस्तान’ अखबार से जुड़े एक निर्भीक और मिलनसार पत्रकार के रूप में क्षेत्र में अपनी पहचान रखते थे। जानकारी के अनुसार, रंजीत तिवारी के घर के ऊपर से वर्षों से हाईटेंशन विद्युत लाइन गुजर रही थी, जो समय के साथ झुककर मकान की छत के बेहद करीब आ गई थी। इस गंभीर खतरे को लेकर रंजीत तिवारी पिछले करीब 10 वर्षों से लगातार बिजली विभाग के अधिकारियों से शिकायत करते रहे, लेकिन विभाग ने इसे नजरअंदाज किया और कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। शुक्रवार सुबह स्थिति और भयावह हो गई जब तार और नीचे झुककर छत के बेहद पास आ गया। रंजीत तिवारी इस खतरे को लेकर आसपास के लोगों को सावधान कर ही रहे थे कि अचानक हाईटेंशन लाइन का तार टूटकर उनके ऊपर गिर पड़ा, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए और घटना को लेकर आक्रोश व्यक्त किया। ग्रामीणों ने इस हादसे को सीधे तौर पर विद्युत विभाग की घोर लापरवाही का परिणाम बताया। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला जज, जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन एवं पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल भी मौके पर पहुंचे और शोक संतप्त परिवार से मिलकर सांत्वना दी। उन्होंने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। मृतक के भाई अमरजीत तिवारी ने नगर कोतवाली में तहरीर देकर अवर अभियंता, उपखंड अधिकारी, अधिशासी अभियंता, अधीक्षण अभियंता और मुख्य अभियंता सहित संबंधित अधिकारियों को इस घटना का जिम्मेदार ठहराया है तथा सख्त कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते विभाग ने शिकायतों पर ध्यान दिया होता और हाईटेंशन लाइन को सुरक्षित करने की व्यवस्था की गई होती, तो यह हादसा टाला जा सकता था। अब क्षेत्र के लोग पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और जिम्मेदार अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। रंजीत तिवारी अपने पीछे तीन छोटे बच्चों सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके असामयिक निधन से न केवल परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र और पत्रकारिता जगत में गहरा शोक व्याप्त है।
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