आर के पाण्डेय एडिटर इन चीफ बैज़लपुर उत्तर प्रदेश / Tue, Nov 2, 2021 / Post views : 65
भौतिक युग ने मित्रता जैसे निश्छल जैसे रिश्ते को भी स्वार्थ के बंधन में जकड़ लिया है। स्वार्थ के कारण ही आज के युग में सच्चे मित्रों का अभाव सा हो गया है। आज लोग मित्रता जैसे रिश्तों का भी मोल लगाने लगे हैं। आज लोग गरीब व्यक्ति से मित्रता करना तो दूर उसे मित्र बताना भी नहीं चाहते।❤️👍🙏
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