आर के पाण्डेय एडिटर इन चीफ बैज़लपुर उत्तर प्रदेश / Sun, Dec 5, 2021 / Post views : 46
गाज़ियाबाद: देश में कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रान की पुष्टि होने पर राज्य की सीमाओं पर चौकसी की व्यवस्था को बढ़ा दिया गया है। सीमावर्ती राज्यों से प्रदेश में आने वालों पर कड़ी नजर रखी जाएगी संदिग्धों की तत्काल जांच की जाएगी। संक्रमित पाए जाने की स्थिति में उनका कोविड प्रोटोकॉल के तहत इलाज कराया जाएगा। वहीं आरटीपीसीआर जांच की क्षमता वृद्धि के बाद अब जीनोम सीक्वेंसिंग की रफ्तार बढ़ाने की भी तैयारी है। सीएम योगी ने पीजीआई, केजीएमयू में जीनोम परीक्षण को तेज करने के आदेश दिए हैं।
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कोरोना की पहली लहर के दौरान राज्य में जांच की सुविधाएं बेहद सीमित थीं। मगर अब यूपी में करीब ढाई लाख सैंपलों की जांच रोज किए जाने की क्षमता है। तमाम जिलों में बीएसएल-2 लैब खोली गई हैं। प्रदेश में बीएचयू, सीडीआरआई,आईजीआईबी, राम मनोहर लोहिया संस्थान, एनबीआरआई में नए वेरिएंट की जांच जरूरत पड़ने पर की जा सकती है। बता दें कि राजधानी लखनऊ के एनबीआरआई में कोरोना की पहली लहर के बाद ही नए वेरिएंट की जांच शुरू की थी। जिसमें 45 सैंपल जांचे गये थे। संभावित तीसरी लहर को देखते बीएचयू, केजीएमयू, सीडीआरआई व आईजीआईबी में नए वेरिएंट के जीनोम परीक्षण की प्रक्रिया की जा सकती है जिससे जांच प्रक्रिया प्रदेश में रफ्तार पकड़ेगी।
फोकस टेस्टिंग का बढ़ेगा दायरा |
स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक डा. वेदव्रत सिंह के मुताबिक प्रदेश में फोकस टेस्टिंग के दायरे को बढ़ाते हुए स्क्रीनिंग, सर्विलांस, जांच को तेजी से बढ़ाया जा रहा है। कर्नाटक के बाद हैदराबाद में मिले नए वेरिएंट के चलते सर्वाधिक आबादी वाले यूपी में सर्तकता बरती जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में बीएसएल-2 आरटीपीसीआर प्रयोगशालाओं का संचालन किया जा रहा है।
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