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गोंडा : सुशासन दिवस पर कवि सम्मेलन में अटल को किया गया नमन


परसपुर (गोंडा)। विकासखंड परसपुर क्षेत्र अंतर्गत विधायक आवास कडरू में सुशासन दिवस के अवसर पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत क्षेत्रीय विधायक अजय सिंह ने परसपुर के धिरजा मिश्र पुरवा स्थित अटल पार्क पहुंचकर अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन करते हुए की। इस अवसर पर विधायक अजय सिंह ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी आज भले ही हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके विचार, आदर्श और चिंतन आज भी हम सबके बीच जीवित हैं। उन्होंने कहा कि अटल जी ने कहा था अंधेरा छटेगा सूरज निकलेगा और उन्हीं के बताए मार्ग पर चलकर आज देश आगे बढ़ रहा है। विधायक ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी आज वैश्विक स्तर की पार्टी बन चुकी है और देश विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। प्रेस वार्ता के दौरान विधायक अजय सिंह ने बांग्लादेश की घटना पर दुख व्यक्त करते हुए मृतक दीपू चंद्र दास के प्रति संवेदना प्रकट की ।

कार्यक्रम के दौरान भाजपा परसपुर मंडल अध्यक्ष वंश बहादुर सिंह ने अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अटल जी न केवल महान राजनेता थे, बल्कि कुशल प्रशासक, ओजस्वी वक्ता और संवेदनशील कवि भी थे। उन्होंने देश को राजनीतिक स्थिरता, सुशासन और विकास की नई दिशा दी। उनके विचार और आदर्श आज भी कार्यकर्ताओं एवं देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

कवि सम्मेलन में बहराइच से आए कवि देशराज सिंह मधुसूदन ने मां वाणी की आराधना करते हुए पंक्तियां पढ़ीं मां के आंचल सा फिर दुलार न पाया कोई, मेहरबां मां थी उसे मार न पाया कोई। सलीब खुद को चुने हमको दें खुशी सारी, मां की ममता का जग में पार न पाया कोई। अवधेश सिंह अवधेश ने सरस्वती जब पर बीरबल की तरह, वाकपटुता न देखी अटल की तरह। युग पुरुष को करें आज शत-शत नमन, झोपड़ी को संवारा महल की तरह।

शैलेंद्र मणि मिश्र ने अटल के व्यक्तित्व को रेखांकित करते हुए कहा शत्रु के समक्ष गाते यशगान भारती का, मान सम्मान स्वाभिमान वो अटल थे। राम के लिए लड़े जो, रामवादी पार्टी से मेरे लिए राम भगवान वो अटल थे। कृष्ण कुमार सिंह दीप ने काव्य पाठ करते हुए कहा काव्य जगत के कलाकार को शब्दों के मणिधारी को, शत-शत बार नमन करता हूं ऐसे अटल बिहारी को। अजय कुमार पांडे ने मां के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए कहा मैं देवालय में अर्चन वंदन करने से पहले, मां की खिदमत करता हूं मन पावन होता है। प्रेमचंद मूडी ने देशभक्ति से ओतप्रोत पंक्तियां प्रस्तुत करते हुए कहा देश और राष्ट्र मेरा शहर और गांव मेरा, मेरे लिए है महान कैसे भूल जाऊं मैं। गीत में मनुहार भरकर, भाव में हुंकार भरकर, इस धारा से उसे गगन तक जो धवल है वह अटल है।

अरविंद पांडे ने समकालीन राजनीति पर कटाक्ष करते हुए कहा सत्ता की मलाई चाटने की इच्छा साथ रखते हैं, कभी माला कभी फूलों का गुच्छा साथ रखते हैं। अजब किस्सा है अरविंद इस दौर-ए-सियासत का, सियासी लोग अब दो-दो अंगौछा साथ रखते हैं। केदारनाथ मिश्र ललक ने व्यंग्यात्मक अंदाज में रचना प्रस्तुत की जब तक ना लागै दांव कहूं सोचौ उपाय परधानी कै, बड़का न सही छोटकै पाओ लाइसेंस लियो बेइमानी कै।

कवि रविंद्र कुमार पांडे ने देशप्रेम से ओतप्रोत पंक्तियों के साथ समापन किया चाहे सत्ता कभी भी किसी को मिले, मेरा भारत सदा खूब फूले-फले। मैं रहूं ना रहूं देश मेरा रहे, चाहे सत्ता सुमन फिर खिले ना खिले। कार्यक्रम में भाजपा के समस्त मंडल पदाधिकारी, कार्यकर्ता बंधु एवं स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने अटल बिहारी वाजपेयी के बताए मार्ग पर चलने, देश सेवा और समाज के उत्थान के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया। कवि सम्मेलन में मौजूद श्रोताओं ने तालियों की गड़गड़ाहट से कवियों का उत्साहवर्धन किया ।

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