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उत्तरप्रदेशलखनऊसुल्तानपुर
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सुल्तानपुर जिला जेल में आखिर संदिग्ध मौतें क्यों?? कारागार प्रशासन मौन,

सुलतानपुर। जिला कारागार में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत हुए दोनो बंदियों की शव का हुआ पोस्टमार्टम,तीन डॉक्टरों के पैनल ने किया दोनों शव का पोस्टमार्टम,दम घुटने से बताई जा रही दोनों बंदियों की मौत,विसरा किया गया सुरक्षित,उठ रहे कई सवाल

बन्दी मज्जू उर्फ मनोज रैदास की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बताई जा रही 13 चोंटे,मिली जानकारी के मुताबिक दो से तीन पहले की बताई जा रही मनोज की मृत्यु का संभावित समय,जबकि बन्दी करिया उर्फ विजय पासी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बताई जा रही तीन चोंटे,डॉक्टरों के पैनल ने करीब तीन पहले की बताई करिया की मृत्यु का संभावित समय,दोनों के गले व शरीर के अन्य अंगों पर मिले है चोंट के निशान

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दोनों बंदियों की मृत्यु के संभावित समय में अंतर होने, एक ही पेड़ में दोनों के शव लटके होने एवं किसी को भी घटना की जानकारी ऐन वक्त पर न मिल पाने की बात सामने लाने की कहानी पर उठ रहा सवाल

पीएम रिपोर्ट के मुताबिक करिया उर्फ विजय पासी की पहले हो चुकी थी मौत,उसके बाद मनोज की मौत होने की बात आ रही सामने, सामने आई जिम्मेदारो की कार्यशैली व पीएम रिपोर्ट के आधार पर बन्दी करिया के साथ पहले कोई अनहोनी होने एवं उसी के बाद बन्दी मनोज रैदास का भी वही हाल होने का जताया जा रहा सन्देह,कहीं करिया के साथ कोई अनहोनी होने के बाद मुंह खुलने के डर से सच्चाई पर पर्दा डालने के लिए मनोज को भी ले लिया गया निशाने पर,ऐसे ही कई उठ रहे सवाल,गजब का है जेल प्रशासन का हाल,परिजनों ने जताई है हत्या की आशंका,जिम्मेदारो की भूमिका मानी जा रही संदिग्ध,निष्पक्ष जांच में खुल सकती है जिम्मेदारो की पोल,शासन व विभाग के बड़े अफसर मामले में संज्ञान लेकर जिम्मेदारो के खिलाफ जल्द कर सकते है प्रभावी कार्यवाही,किसी के गले नहीं उतर रही जेल प्रशासन की कहानी

सुलतानपुर जेल में कल दिन में दो बंदियों की मृत्यु की सूचना लाई गई थी सामने,जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार दो से तीन दिन के बीच मे दोनों बंदियों की हुई है मौत,आखिर किस वजह से समय से सामने नहीं लाई गई बंदियों की मृत्यु की सूचना,जेल प्रशासन पर की कार्यशैली पर उठ रहे सवाल

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