अध्यात्मअयोध्याउत्तरप्रदेशकाशी / वाराणसीजगन्नाथ पुरी
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रक्षा बंधन, पर्व इस बार दुर्लभ संजोग…

95 साल बाद आ रहा है ऐसा रक्षाबंधन, बन रहा दुर्लभ महासंयोग, सिर्फ करना होगा यह काम

वर्ष 2025 में रक्षाबंधन पर 95 साल बाद एक दुर्लभ महासंयोग बन रहा है। इस दिन सौभाग्य योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और श्रवण नक्षत्र का संयोग होगा, जो इसे बहुत खास बना देगा। इस शुभ मुहूर्त में राखी बांधने से दोगुना फल मिलेगा और भाई-बहन के रिश्ते में और भी मजबूती आएगी। जवाली के ज्योतिषी पंडित विपन शर्मा ने बताया कि रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्त 9 अगस्त को सुबह 5:21 बजे से दोपहर 1:24 बजे तक रहेगा।
क्यों मनाते हैं रक्षाबंधन
रक्षाबंधन को लेकर वैसे कई पौराणिक कथाएं हैं, लेकिन एक कथा महाभारत काल से जुड़ी है। द्रौपदी और भगवान श्री कृष्ण की है। पौराणिक कथा के अनुसार, शिशुपाल के वध के समय जब भगवान कृष्ण ने सुदर्शन चक्र चलाया तो उनकी उंगली कट गई। द्रौपदी ने जब यह देखा तो तुरंत अपनी साड़ी का पल्लू फाडक़र भगवान कृष्ण की उंगली में बांध दिया। द्रौपदी के इस भाव से भगवान बहुत प्रसन्न हुए और उसे आजीवन रक्षा का वचन दिया। भगवान कृष्ण ने द्रौपदी से कहा कि मैं तुम्हें वचन देता हूं-भविष्य में जब भी तुम्हें मेरी मदद की जरूरत पड़ेगी तुम मुझे याद करना तो मैं फौरन तुम्हारी मदद के लिए वहां उपस्थित हो जाऊंगा। मान्यता है कि इस वचन के कारण ही भरी सभा में जब द्रौपदी की लाज किसी ने नहीं बचाई तो उसने कृष्ण को याद किया और भगवान ने तुरंत प्रकट होकर द्रौपदी की लाज बचाकर द्रौपदी की रक्षा की। तभी से ये प्रथा चली आ रही है।
राखी बांधने का शुभ समय
इस साल रक्षाबंधन पर राखी बांधने का शुभ मुहूर्त सुबह 5 बजकर 21 मिनट से शुरू होगा। यह मुहूर्त दोपहर 1 बजकर 24 मिनट तक बना रहेगा। ऐसे में आप इस अवधि में भाई को राखी बांध सकती हैं।

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