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उत्तरप्रदेशलखनऊ
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उत्तर प्रदेश में आठ साल से एक भी नए मदरसा को मान्यता नहीं मिली..

सर्वे में गैर मान्यता प्राप्त मिले मदरसों को मान्यता देने की अपील

सर्वे में 8449 मदरसे गैर मान्यता के संचालित होते मिले थे

लखनऊ, कार्यालय संवाददाता।उत्तर प्रदेश में नए मदरसों को मान्यता पिछले आठ वर्षों से नहीं मिली है। बिना मान्यता के संचालित हो रहे हो मदरस संचालकों को इंतजार लगातार बढ़ता जा रहा है। मान्यता नहीं होने से प्रदेश में साढ़े सात लाख से अधिक बच्चों को भविष्य दांव पर लगा हुआ है।उत्तर प्रदेश में 16513 मान्यता प्राप्त मदरसे संचालित हो रहे हैं। वहीं पिछले वर्ष नवम्बर माह में हुए सर्वे में 8449 मदरसे ऐसे मिले थे जो उत्तर प्रदेश मदरसा बोर्ड से मान्यता प्राप्त नहीं थे। इस सर्वे रिपोर्ट को आए हुए एक वर्ष का समय गुजर चुका है, लेकिन इसके बाद भी मान्यता के सम्बंध में कोई निर्णय नहीं लिया गया है। ऑल इंडिया टीचर्स एसोसिएशन मदारिसे अरबिया ने इस मदरसों को मान्यता दिए जाने को लेकर मदरसा बोर्ड के चेयरमैन को पत्र लिखा था। पत्र में लिखा है कि सर्वे में गैर मान्यता प्राप्त मिले मदरसों को अविलम्ब मान्यता दी जाए, लेकिन इस सम्बंध में कोई प्रक्रिया शुरू नहीं हुई। जिससे मदरसों में पढ़ रहे गरीब तबके साढे़ सात लाख बच्चों को भविष्य खराब हो रहा है। एसोसिएशन के पत्र का संज्ञान लेते हुए मदरसा बोर्ड के चेयरमैन डॉ. इफ्तिखार अहमद जावेद ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर सर्वे में मिले गैर मान्यता प्राप्त मदरसों को मान्यता दिए जाने की अपील की है। चेयरमैन ने मुख्यमंत्री से अपील की है कि इन गैर मान्यता प्राप्त मदरसों में 90 से 95 फीसदी छात्र पिछड़े वर्ग से हैं।

शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों की पुलिस से तीखी नोकझोंक, नौ जख्मी

विधान भवन घेरने जा रहे अभ्यर्थियों को पुलिस ने हुसैनगंज में रोका

अभ्यर्थियों को आयीं चोटे, भेजा गया अस्पताल

लखनऊ, कार्यालय संवाददाता।विधानसभा कूच कर रहे 69000 शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों और पुलिस के बीच हुई नोकझोंक में कई घायल हो गए। 9 घायलों का उपचार लोकबंधु अस्पताल में कराया गया। विधानसभा का घेराव करने जा रहे अभ्यर्थियो को पुलिस ने हुसैनगंज में रोका तो सभी सड़क पर लेट गए। पुलिस ने सड़क से जबरन उठाया और गाड़ी में बैठा लिया। धक्कामुक्की और सड़क पर लेटे अभ्यर्थियों को खींचे जाने के कारण कई को चोटे आईं।बुधवार सुबह तकरीबन नौ बजे चारबाग से सैकड़ों अभ्यर्थी विधान सभा की तरफ कूच कर गए। जानकारी होने पर पुलिस ने हुसैनगंज चौराहे के पास बेरीकेडिंग लगाकर अभ्यर्थियों को रोक दिया। अभ्यर्थियों को इको गार्डन भेजने के लिए पुलिस बल को काफी मशक्कत करनी पड़ी। धक्का मुक्की, पुलिस द्वारा अभ्यर्थियों को घसीटे जाने से कई अभ्यर्थियों को चोटे आयीं। जिनमें महिला अभ्यर्थी भी शामिल थी। नौ चोटिल अभ्यर्थियों को अस्पताल भी ले जाया गया है।सभी नियुक्त दो या मुक्ति दो नारे लिखी तख्तियां लिए हुए थे। हुसैनगंज में विकासदीप बिल्डिंग के पास से पुलिस से तीखी झड़प हुई। पुलिस बल को देखते ही अभ्यर्थी नारे लगाने लगे। पुलिस ने अभ्यर्थियों को हटने के लिए कहा लेकिन कोई नहीं हटा। इसके बाद पुसिस ने सड़क पर लेटे बेरोजगारों को घसीटना शुरू कर दिया। एक-एक अभ्यर्थी को उठाने में चार-चार पुलिस कमिर्यों को जूझना पड़ा। महिला अभ्यर्थी रोती बिलखती रहीं लेकिन घसीटते हुए बस में बैठा दिया। प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थी सारिका चौरसिया, रीता शेखर, अन्नू पटेल, मालती वर्मा, अर्चना वर्मा, श्वेता, राजबहादुर, हसीन खरेला, योगेश को चोटें आई हैं।

पांचवें व छठें वेतनमान वाले कार्मिकों का महंगाई भत्ता बढ़ा-वित्त विभाग ने आदेश जारी किया

230 फीसदी की दर से मिलेगा छठें वेतनमान के कार्मिकों को महंगाई भत्ता

427 फीसदी की दर से मिलेगा पांचवें वेतनमान वाले कार्मिकों को महंगाई भत्ता

लखनऊ। विशेष संवाददाता:प्रदेश सरकार ने पांचवें और छठवें वेतनमान वाले कर्मचारियों की महंगाई भत्ते में वृद्धि का आदेश बुधवार को जारी कर दिया। छठें केंद्रीय वेतन आयोग द्वारा संस्तुत तथा राज्य सरकार द्वारा लागू की गई वेतन संरचना में कार्यरत कर्मचारियों को अब मूल वेतन का 230 फीसदी महंगाई भत्ता मिलेगा। इसी प्रकार पांचवे वेतनमान वाले कर्मचारियों को वेतन तथा महंगाई भत्ता के योग का 427 फीसदी की दर से महंगाई भत्ता मिलेगा।महंगाई भत्ता वृद्धि का यह लाभ इन कर्मचारियों एक जुलाई 2007 से मिलेगा। गौरतलब है कि छठे वेतनमान वाले कर्मचारियों को अब तक 221 फीसदी की दर से महंगाई भत्ता मिल रहा था। वहीं पांचवें वेतनमान वाले कार्मिकों को 412 फीसदी की दर से महंगाई भत्ता मिल रहा था।वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार ने महंगाई भत्ता में वृद्धि किए जाने का आदेश जारी कर दिया है। बढ़े हुए दर से महंगाई भत्ते का भुगतान एक नवंबर 2023 से नकद किया जाएगा। एक जुलाई से 31 अक्तूबर 2023 तक की देय अवशेष धनराशि अधिकारी/कर्मचारी के भविष्य निधि खाते में जमा की जाएगी। जो अधिकारी व कर्मचारी भविष्य निधि खाते के सदस्य नहीं हैं उनका एरियर पीपीएफ खाते में अथवा एनएससी के रूप में दी जाएगी।एनपीएस से आच्छादित कार्मिकों की अवशेष महंगाई भत्ते की धनराशि के 10 फीसदी के बराबर धनराशि कार्मिकों के टियर-एक खाते में जमा की जाएगी। अवशेष राशि की 14 फीसदी के बराबर धनराशि राज्य सरकार द्वारा टियर-एक पेंशन खाते में जमा की जाएगी। 90 फीसदी धनराशि कार्मिक पीपीएफ में अथवा एनएससी के रूप में दी जाएगी।वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार ने प्रदेश में तैनात अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों को भी उपरोक्त व्यवस्था के मुताबिक एक जुलाई 2023 से महंगाई भत्ता वृद्धि का लाभ दिए जाने का आदेश जारी किया है।

राज्य विवि: कई केंद्रों पर बंद रहे कैमरे, नोटिस जारी

प्रयागराज, संवाददाता।प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भय्या) राज्य विश्वविद्यालय की सेमेस्टर परीक्षा के दौरान बुधवार को कई केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे बंद मिले। इससे नाराज कुलपति ने ऐसे परीक्षा केंद्रों की नियमित निगरानी के साथ रिपोर्ट तैयार करने को कहा है। कैमरे बंद करने की आवृत्ति के अनुसार केंद्र दंडित होंगे और उनको डिबार करने से लेकर भारी जुर्माना लगाने की कार्रवाई की जाएगी। बुधवार को दो परीक्षार्थी नकल करते पकड़े गए।प्रयागराज, कौशाम्बी, प्रतापगढ़ और फतेहपुर के 253 परीक्षा केंद्रों पर हो रही है। विश्वविद्यालय की ओर से गठित उड़ाका दलों ने परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण करने के साथ ही विश्वविद्यालय के परिसर में स्थापित नियंत्रण कक्ष से भी चारों जनपदों के परीक्षा केंद्रों पर निरंतर नजर रखी जा रही है। परीक्षा के पहले दिन मंगलवार को आठ केंद्रों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया था, वहीं बुधवार को ऐसे कॉलेजों को नोटिस जारी कर रिपोर्ट मांगी गई है। पीआरओ डॉ. अविनाश श्रीवास्तव ने बताया कि परीक्षा में 1.61 लाख परीक्षार्थी शामिल हुए और 2054 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे।

नए आयोग के अध्यक्ष व सदस्यों के लिए विज्ञापन जल्द

प्रयागराज, संवाददाता।नए शिक्षा सेवा चयन आयोग के गठन की कवायद तेज हो गई है। नए आयोग में अध्यक्ष के एक पद और सदस्यों के 12 पदों पर नियुक्ति के लिए एक सप्ताह में विज्ञापन जारी करने की तैयारी है। आवेदन के लिए 21 से 25 दिनों का वक्त दिया जाएगा। इसके बाद सर्च कमेटी आवेदनों की स्क्रीनिंग करेगी। अध्यक्ष के एक पद के लिए पांच नाम और सदस्य के एक पद के लिए तीन नाम छांटे जाएंगे। यानी सदस्य के 12 पदों के लिए कुल 36 नाम छांटे जाएंगे। बाद में अध्यक्ष पद के लिए छांटे गए पांच में किसी एक को और सदस्य पद के लिए 36 में से 12 लोगों को चयनित किया जाएगा। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के परिसर में नए आयोग का मुख्यालय होगा।नए आयोग के अस्तित्व में आने से पहले उच्च शिक्षा निदेशालय की ओर से अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के रिक्त पदों की सूचना मांगी जाएगी, ताकि नए आयोग के अस्तित्व में आते ही रिक्त पदों पर भर्ती के लिए नए आयोग को अधियाचन भेज दिया जए। इसके लिए तैयारी शुरू कर दी गई है और जल्द ही महाविद्यालयों के प्राचार्यों और क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर दिया जाएगा। नए आयोग के गठन का प्रस्ताव आने के बाद इन पदों की गणना नहीं कराई गई, क्योंकि इन पदों पर भर्ती अब नए आयोग को करनी है।

यूपी बोर्ड: कक्षा 10 और 12 की प्री-बोर्ड लिखित परिक्षा 13 जनवरी से

लखनऊ। कार्यालय संवाददाता:यूपी बोर्ड वर्ष 2024 की प्री-बोर्ड परीक्षाएं 13 जनवरी से 22 जनवरी तक होंगी। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की प्री-बोर्ड की परिक्षाएं प्रधानाचार्य के स्तर पर विद्यालयों में होंगी। बोर्ड के प्रैक्टिकल, प्री-बोर्ड और कक्षा नौ और 11 की वार्षिक परीक्षा को लेकर जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार ने बुधवार को निर्देश जारी किए।प्री-बोर्ड लिखित परीक्षा के बाद यूपी बोर्ड की प्रयोगात्मक परीक्षा होगी। लखनऊ में 25 जनवरी से एक फरवरी तक प्रयोगात्मक परीक्षा करायी जानी हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक ने सभी प्रधानाचार्यों को प्रयोगात्मक परीक्षाओं की सीसीटीवी की निगरानी में कराने और रिकार्डिंग डीवीआर सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं। हाईस्कूल की प्रयोगात्मक परीक्षाएं विद्यालय स्तर पर आन्तरिक मूल्यांकन (प्रोजेक्ट कार्य) के आधार पर होंगी। इंटरमीडिएट की खेल एवं शारीरिक शिक्षा के प्राप्तांक प्रधानाचार्य के माध्यम से परिषद की वेबसाइट पर अपलोड करनी होगी। वेबसाइट 10 जनवरी से क्रियाशील रहेगी। कक्षा 12 की प्री-बोर्ड प्रयोगात्मक परीक्षाएं पांच जनवरी से 12 जनवरी तक विद्यालयों में आयोजित करायी जाएंगी। विद्यालय स्तर पर कक्षा नौ और 11 की वार्षिक परीक्षाएं और हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की प्री-बोर्ड लिखित परीक्षाएं 13 जनवरी से 22 जनवरी तक होंगी।

ऑनलाइन गेमिंग, कैसीनो पर लगेगा 28 प्रतिशत जीएसटी, यूपी विधानसभा में पारित हुआ विधेयक

लाइव हिन्दुस्तान,लखनऊ:यूपी विधानसभा की शीतकालीन सत्र में बुधवार को ऑनलाइन गेमिंग,कैसीनो, लॉटरी और घुड़दौड़ आयोजन पर 28 प्रतिशत की जीएसटी लगने वाले विधेयक को औपचारिक तौर से पारित कर दिया गया। वित्तमंत्री सुरेश खन्ना द्वारा पेश किए गए विधेयक में प्रमोटर या उसके एजेंट से वसूले जाने वाले सकल गेमिंग राजस्व के बजाय इंट्री लेवल पर 28 प्रतिशत की जीएसटी लगाने की बात कही गई थी।वित्तमंत्री सुरेश खन्ना ने विधानसभा में बोलते हुए कहा कि ऑनलाइन गेमिंग, लॉटरी, कैसीनो और घुड़दौड़ कौशल के खेल के रूम में नहीं बल्कि मौका के खेल के रूप में योग्य हैं। उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश सरकार जीजीआर पर कर लगाती थी। जिस कारण प्रमोटर या सेवा प्रदाता द्वारा हेरफेर की आशंका होती थी। अब गेम के प्रमोटर या उसके किसी एजेंट को भी रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य हो गया है। बता दें कि राज्य सरकार द्वारा ऑनलाइन गेमिंग इंडस्ट्री में  28 प्रतिशत कर लगाने के लिए एक अध्यादेश आया था। जिसके दो महीने बाद इसे पारित कर दिया गया है। इससे पहले सरकार गेमिंग उद्योग पर 18 प्रतिशत की जीएसटी लगा रही थी। जिसे समान रूप से राज्य और केंद्र सरकार के बीच बांटा जा रहा था। अध्यादेश 1 अक्टूबर से कर लगाने के केंद्र के निर्देश का पालन किया। जबकि सदन सत्र में नहीं था। इसलिए यूपी सरकार ने इस उद्देश्य के लिए अध्यादेश जारी किया। 

जीएसटी काउंसिल के सामने भी उठा था मुद्दा

ऑनलाइन गेमिंग पर कर लगाने का मुद्दा दो साल पहले जीएसटी परिषद के समक्ष उठा था। इसके बाद, इस मामले को मंत्रियों के समूह (जीओएम) ने उठाया, जिसने औपचारिक रूप से ज्यादा कर लगाने का फैसला किया। इस मामले में सुरेश खन्ना ने कहा कि ज्यादा टैक्स लेने का फैसला यूपी सरकार के आह्वान पर किया गया है।केंद्र ने राज्यों से कहा कि वे या तो अध्यादेश लाकर और राज्य विधानसभाओं में एक विधेयक पारित करके इस उपाय को लागू करें। इस तरह यूपी, महाराष्ट्र, कर्नाटक और मध्य प्रदेश समेत उन 21 राज्यों की सूची में शामिल हो गया है, जिन्होंने इसे अपनी विधानसभाओं से पारित करा लिया है। जिन राज्यों ने अध्यादेश जारी किया है। उनमें जम्मू-कश्मीर, झारखंड, राजस्थान, तेलंगाना, केरल, छत्तीसगढ़ और पंजाब शामिल हैं।

सपा विधायक ने की ऑनलाइन गेमिंग पर प्रतिबंध लगाने की मांग

अमरोहा के नौगांव सादात से सपा विधायक समर पाल सिंह ने मांग की कि राज्य में ऑनलाइन गेमिंग उद्योग पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया जाए। क्योंकि यह पीढ़ी दर पीढ़ी को पीछे में धकेल रहा है। हालांकि, सुरेश खन्ना ने कहा कि ऑनलाइन गेमिंग सिस्टम के तेजी से उभरने रहा है जिसे रोकना संभव नहीं था। ये युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। उन्होंने कहा, एक अनुमान के मुताबिक, देश में करीब 14 करोड़ लोग ऑनलाइन गेमिंग इंडस्ट्री में हिस्सा ले रहे हैं। 

विद्यालयों में नामांकित बच्चों का आधार न बनने पर करेंगे कार्रवाई

बहराइच, संवाददाता। जिले में संचालित बेसिक स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति दर्ज कराने को लेकर डीएम ने बीएसए को कड़े निर्देश दिए हैं। डीएम ने कहा कि हर हाल में शत-प्रतिशत बच्चे स्कूल हर रोज आएं। मतदाता पुनरीक्षण कार्यक्रम में विद्यालय की रसोइयों के भी मदद लेने को कहा। अर्ह लोगों को गांवों से बुलाकर बूथों पर लाएं, ताकि पुनरीक्षण का कार्य सफल हो सके।डीएम ने सामुदायिक सहभागिता, प्रेरणा ऐप पर छात्र-छात्राओं की स्कूल यूनीफार्म में फोटो अपलोडिंग, परिषदीय विद्यालयों में नामांकित छात्र-छात्राओं का आधार कार्ड बनवाना, परिवार सर्वेक्षण, गुणवत्ता, शिक्षा के लिए आसीटी लैब स्मार्ट क्लासेज,रजिस्टर्स का डिजिटाइजेशन, निपुण अकादमिक रणनीति, निपुण विद्यालय, निपुण लक्ष्य एप के माध्यम से असिस्मेण्ट की समीक्षा, ब्लाक डेबलपमेण्ट प्लान, ब्लाक टास्कफोर्स के निरीक्षण आपरेशन कायाकल्प, जर्जर विद्यालयों का सत्यापन, जल जीवन मिशन, विद्यालयों में विद्युतीकरण, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों का निरीक्षण से जुड़े बिंदुओं की समीक्षा की। कहा कि विद्यालयों में नामाकित सभी बच्चों का अगले माह तक आधार बन जाने चाहिए। ऐसा न होने पर संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई तय है।विद्यालयों की रसोइयों के माध्यम से निर्वाचक नामावलियों के संचालित संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के दौरान अर्ह नागरिकों का मतदाता सूची में नाम शामिल कराने में लें। नव विवाहित दम्पतियों का नाम मतदाता सूची में शामिल कराए। सीडीओ रम्या आर, एसडीएम सदर प्रिंस वर्मा, पीडीडीआरडीएम राज कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक नरेन्द्र देव, डायट प्राचार्य उदयराज, बीएसए अव्यक्तराम तिवारी, डीपीआरओ राघवेन्द्र द्विवेदी, डीपीओ राज कपूर, जिला प्रोबेशन अधिकारी विनय सिंह मौजूद रहे

चार दिन में चार पेपर कराने से एमएससी छात्र नाराज

कानपुर। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों में होने वाली विषम सेमेस्टर परीक्षा का प्रस्तावित कार्यक्रम जारी होते हंगामा शुरू हो गया है। एमएससी के छात्र-छात्राओं ने विवि को पत्र भेज अपनी समस्या बताई है। उनका कहना है कि एमएससी के चार पेपर चार दिन में लगातार कराए जा रहे हैं। एक भी दिन गैप न होने से छात्रों को रिवीजन का समय नहीं मिल रहा है। जबकि एमएससी में कोर्स कठिन व लंबा होता है।एक छात्रा ने कहा कि 12 सितंबर तक प्रवेश की प्रक्रिया पूरी हुई। फिर पढ़ाई शुरू हुई। 30 नवंबर तक कुल 75 दिन हुए। इसमें 32 दिन रविवार और अन्य छुट्टी में निकल गए। ऐसे में इतने कम दिन में कोर्स पूरा कर रिवीजन का समय नहीं मिला है। छात्रों ने विवि प्रशासन से पेपर में कम से कम एक-एक दिन का अंतर करने की मांग की है। एमएससी में गणित, वनस्पति विज्ञान, रसायन विज्ञान का पेपर 9 से 12 दिसंबर तक, जंतु विज्ञान, फिजिक्स का पेपर 13 से 16 दिसंबर के बीच है।

प्रदेश के 16 शहरों में खुलेंगे आवासीय संस्कृत विद्यालय, शिक्षा के लिए जारी होंगे 1551 करोड़

अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ प्रदेश में संस्कृत विद्यालयों के पुनरुद्धार व विकास में जुटी सरकार ने अनुपूरक बजट में इसके लिए भी व्यवस्था कर दी है। पांच धार्मिक शहरों में आवासीय समेत 11 अन्य (कुल 16) राजकीय संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों की स्थापना हो सकेगी।शासन ने पांच धार्मिक शहरों नैमिषारण्य (सीतापुर), प्रयागराज, अयोध्या, मथुरा व चित्रकूट में नए आवासीय राजकीय संस्कृत विद्यालय खोलने का निर्णय लिया था। यहां पर विद्यालय के साथ-साथ 100-100 बेड के छात्रावास की भी व्यवस्था होगी, ताकि यहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों को आवासीय सुविधा के लिए भटकना न पड़े। खास यह कि यहां से पढ़कर निकलने वाले विद्यार्थी अपने शहर में ही रोजगार भी पा सकेंगे।इसी तरह 11 शहरों वाराणसी, रायबरेली, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली, जालौन, अमेठी, मुरादाबाद, एटा, हरदोई में भी नए राजकीय संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों की स्थापना की जानी है। उत्तर प्रदेश माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद की ओर से इन विद्यालयों के लिए जमीन भी चिह्नित कर ली गई है। शासन की ओर से पांच करोड़ रुपये का बजट प्रावधान होने के बाद इन विद्यालयों के निर्माण कार्य को गति मिलेगी।बजट जारी होने के बाद शासन निर्माण एजेंसी तय करेगा और निर्माण कार्य शुरू होंगे। आगे आवश्यकतानुसार बजट में और वृद्धि की जाएगी। परिषद की ओर से इन 16 विद्यालयों में कक्षा छह से 12 (प्रथमा से उत्तर मध्यमा) तक की पढ़ाई होगी। इन विद्यालयों में लगभग पांच-पांच बच्चों की प्रवेश क्षमता होगी।

शिक्षा की बेहतरी के लिए 1551 करोड़ रुपये का बजट

प्रदेश सरकार ने अपने अनुपूरक बजट में भी प्राथमिक से लेकर उच्च व तकनीकी शिक्षा की बेहतरी व सुधार के लिए लगभग 1551 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया है। इसमें निजी स्कूलों में कक्षा एक से आठ के बच्चों को निःशुल्क व अनिवार्य शिक्षा के लिए बजट प्रतिपूर्ति को 268 करोड़ के बजट का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है।शासन के अनुसार इस राशि से इस साल के शुल्क के स्कूलों की प्रतिपूर्ति कर दी जाएगी। इससे पहले अप्रैल में भी शासन ने 174 करोड़ रुपये जारी किए थे। जो चार-पांच साल से स्कूलों का बकाया था। प्रदेश भर में लगभग तीन लाख बच्चे आरटीई के तहत निजी स्कूलों में इसके तहत पढ़ाई कर रहे हैं। इसी तरह माध्यमिक शिक्षा विभाग के लिए 490 करोड़ के बजट का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है।

पीएम ऊषा योजना समेत राज्य विवि के लिए 222 करोड़

प्रदेश में उच्च शिक्षण संस्थानों में मूलभूत सुविधाओं समेत अन्य कामों के लिए प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (पीएम ऊषा) योजना के तहत सरकार ने 20 करोड़ समेत राज्य विश्वविद्यालयों के कुल 222 करोड़ का प्रावधान किया है। इसमें प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भैय्या) विश्वविद्यालय, प्रयागराज की स्थापना के लिए 157 करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है।

ये हुए प्रावधान

  • सहारनपुर में बन रहे मां शाकुंभरी देवी राज्य विश्वविद्यालय के लिए फर्नीचर व उपकरणों के लिए पांच करोड़
  • महंत अवैद्यनाथ राजकीय महाविद्यालय जंगल कौड़िया, गोरखपुर में निर्माण कार्य के लिए छह करोड़ 34 लाख
  • पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय महाविद्यालय सहजनवा, गोरखपुर में निर्माण कार्य के लिए सात करोड़ 65 लाख
  • इंद्रासन सिंह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी राजकीय महाविद्यालय पचवस, बस्ती के लिए छह करोड़ 91 लाख
  • संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी के भवनों के जीणोऱ्द्धार के लिए दस करोड़
  • महाराजा सुहेलदेव राज्य विश्वविद्यालय, आजमगढ़ के लिए फर्नीचर व उपकरण खरीद के लिए पांच करोड़
  • राजा महेंद्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय, अलीगढ़ के लिए फर्नीचर व उपकरण खरीदने के लिए के लिए पांच करोड़

मौलाना ने मस्जिद में मासूम से किया दुष्कर्म, उर्दू की तालीम पाने जाती थी बालिका, आरोपी गिरफ्तार

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हमीरपुर। हमीरपुर जिले में कुरारा थाना क्षेत्र के एक गांव स्थित मस्जिद में मौलाना ने उर्दू की तालीम लेने आई एक 11 वर्षीय बालिका के साथ दुष्कर्म को अंजाम दिया। घर आई पीड़िता के बताने पर चाचा ने आरोपी के खिलाफ थाने में दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।वहीं, पीड़िता को डॉक्टरी परीक्षण के लिए भेजा गया। थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़िता के चाचा ने थाने में दी तहरीर में बताया कि बुधवार सुबह सात बजे उसकी 11 वर्षीय भतीजी घर से मस्जिद में उर्दू पढ़ने गई। वहीं, मस्जिद के मौलाना मुंतज़िर आलम पुत्र रजाबुल हक उर्फ जैदुर रहमान निवासी कोचगढ़ थाना रउटा जिला पूनिया बिहार उसे बहला फुसलाकर मस्जिद के कमरे में ले गया।
आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म के साथ पाक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज
इसके बाद दरवाजा बंद कर उसके साथ दुष्कर्म किया। जब बालिका घर वापस लौट कर आई और पूरी घटना अपनी मां को बताई। पीड़िता के चाचा की तहरीर पर पुलिस ने मौलाना शिक्षक के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रभारी निरीक्षक श्रीप्रकाश यादव ने बताया कि पीड़िता के चाचा की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म के साथ पाक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है

पांच वर्ष पूर्व गांव आया था मौलाना

ग्रामीणों के अनुसार मौलाना बिहार से चार-पांच साल पूर्व मस्जिद में आया था। यहां वह मुस्लिम समाज के बच्चों को पढ़ाता था। पीड़िता के पिता ने बताया कि समाज की रजामंदी से पांच साल पूर्व मौलाना को मस्जिद में पढ़ने के लिए 30 हजार रुपये महीने पर रखा गया। वहीं शिक्षक आज भक्षक बन गया।

पीड़िता के भाई को पढ़ने बैठा की घटना

पीड़िता के चाचा के अनुसार पीड़िता अपने दस वर्षीय भाई के साथ मस्जिद गई थी। जिस पर मौलाना ने भाई को बाहर पढ़ने कोे बैठा दिया और पीड़िता को अपने कमरे में ले जा घटना को अंजाम दिया।

उच्च शिक्षा निदेशक पद पर रहने के योग्य नहीं 

प्रयागराज, विधि संवाददाता। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आदेश का पालन न कर महीनों तक फाइल दबाए रखने की प्रवृत्ति को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों से कहा है कि ऐसे अफसर की कार्यप्रणाली पर पुनर्विचार कर इसका हल निकालें। कोर्ट ने अवमानना के मामले में तलब उच्च शिक्षा निदेशक ब्रह्मदेव की कार्यप्रणाली पर टिप्पणी करते हुए कहा कि प्रथमदृष्टया यह अधिकारी अपने पद के योग्य प्रतीत नहीं होते। यह टिप्पणी न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल ने अजय कुमार मुद्गल की अवमानना याचिका पर उसके अधिवक्ता कमल कुमार केसरवानी और उच्च शिक्षा निदेशक को सुनकर की।याची की पत्नी मेरठ में एसोसिएट प्रोफेसर के तौर पर कार्यरत थीं। उनकी सेवाकाल में मृत्यु हो गई। याची ने पारिवारिक पेंशन व ग्रेच्युटी के भुगतान के लिए आवेदन किया लेकिन उसे भुगतान यह करते हुए नहीं दिया गया कि कर्मचारी ने अपने जीवन काल में ग्रेच्युटी के विकल्प का चयन नहीं किया था। इस पर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल के गई। पूर्व के कई न्यायिक निर्णय के आधार पर हाईकोर्ट ने उच्च शिक्षा निदेशालय को याची के प्रकरण पर दो माह में निर्णय लेने का निर्देश दिया। इसके बावजूद कोई निर्णय नहीं लिया गया तो अवमानना याचिका दाखिल की गई। कोर्ट ने उच्च शिक्षा निदेशक ब्रह्मदेव को तलब कर उनसे इस बारे में जानकारी मांगी तो उन्होंने कहा कि व्यवस्तता के कारण वह याची की फाइल को आगे नहीं बढ़ा सके। उन्होंने 10 नवंबर को याची को भुगतान करने के लिए राज्य सरकार को अनुरोध भेज दिया है। उनके इस जवाब पर नाराजगी जताते हुए कोर्ट ने कहा की यह न्यायालय अधिकारी के जवाब को सुनकर सन्न है। याची कोर्ट में ग्रेच्युटी और सेवा जनित परिलाभों के भुगतान के लिए आया था उसे न सिर्फ याचिका दाखिल करनी पड़ी, बल्कि उस पर हुए आदेश के पालन के लिए अवमानना याचिका दाखिल करने पर भी विवश होना पड़ा। कोर्ट ने कहा कि यह गंभीर मामला है और राज्य के वरिष्ठ अधिकारी इस पर पुनर्विचार कर उसका हल निकालने की कोशिश करें। यह अधिकारी इस पद के योग्य नहीं है क्योंकि उन्होंने न्यायालय के आदेश की फाइल को छह माह तक दबाए रखा और जब अवमानना याचिका की सुनवाई का समय नजदीक आया तो भुगतान के लिए राज्य सरकार को अनुरोध भेज दिया।

महिला लेखाकार ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर खुद ही सत्यापित किए थे

हिन्दुस्तान टीम,लखनऊ फर्जी पेंशन खाते खोलकर करोड़ों रुपये के गबन की जांच में कई नये खुलासे हो रहे है। इसी कड़ी में सामने आया कि महिला लेखाकार रेणुका राम ने खुद ही सारे फर्जी दस्तावेज बनाये। फिर इन दस्तावेजों को खुद ही सत्यापित भी कर लिया था। जांच में उसका खेल पकड़ा गया। जांच में यह भी सामने आया कि पेंशन खातों में ही एक ही मोबाइल नम्बर सम्बद्ध था। यह पुख्ता साक्ष्य के रूप में सामने आया है। इसके अलावा कई और साक्ष्य पुलिस को मिले हैं।लेखाकार कोषागार कलेक्ट्रेट रेणुका राम कोषागार जवाहर भवन से यहां सम्बद्ध की गई है। दो दिन पहले रेणुका समेत पांच लोगों के खिलाफ एक करोड़ 42लाख 39 हजार रुपये की पेंशन हड़पने की एफआईआर कैसरबाग कोतवाली में दर्ज करायी गई थी। रेणुका ने अपने रिश्तेदार विशाल,गुलभी,रामरती व एक अन्य प्रतीन्द्र कश्यप के नाम से खाते खोलकर पेंशन लेती रहीं। वह खुद ही रकम निकालती रही।

एक ही मोबाइल नम्बर से शक पुख्ता

विभाग की ओर से हुई जांच में सामने आया कि इन सभी पेंशन खातों में ही एक ही मोबाइल नम्बर सम्बद्ध था। खातों से रकम निकासी का मैसेज इस मोबाइल नम्बर पर ही जाता था। इस आधार पर जांच आगे बढ़ी तो रेणुका के खिलाफ साक्ष्य मिलते गये।

दस्तावेज कब्जे में लिये, नोटिस देगी

पुलिस ने बुधवार को विभागीय जांच से जुड़े सभी दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिये हैं। अब पुलिस सभी आरोपितों को नोटिस भेजकर बयान दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू करेगी।

आर्थिक अपराध शाखा भी जा सकता मामला

जेसीपी कार्यालय में आर्थिक अपराध शाखा का कार्यालय खोला गया है। इसमें एक करोड़ या इससे अधिक के फर्जीवाड़े वाले मामले स्थानान्तरित किये जा रहे हैं। इस पर ही माना जा रहा है कि इस फर्जीवाड़े की जांच भी इस शाखा में भेजी जा सकती है।

पुनर्वास विश्वविद्यालय के दिव्यांग छात्र प्रॉक्टर को हटाने की मांग पर अड़े, ताला जड़ा रहा

हिन्दुस्तान टीम,लखनऊ डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय के पुरुष छात्रावास के दिव्यांग छात्रों का विरोध प्रदर्शन तीसरे दिन भी जारी रहा। हालांकि हॉस्टल संबंधित कुछ समस्याओं का समाधान हो चुका है लेकिन सभी छात्र प्रॉक्टर शेफाली यादव को पद से हटाने की मांग पर अड़े रहे। तीसरे दिन भी मुख्य गेट पर ताला जड़कर प्रदर्शन करते रहे।सोमवार की दोपहर से दिव्यांग छात्रों का हॉस्टल में पीने के पानी में गंदगी और शौचालय संबंधित समस्याओं को लेकर शुरू हुआ प्रदर्शन बुधवार देर रात तक जारी रहा। प्रदर्शन के तीसरे दिन भी छात्रों ने एकजुट होकर मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया। इससे विवि में दूसरे दिन भी छात्र और छात्राओं को गेट से वापस लौटना पड़ा। प्रदर्शन के दूसरे दिन भी विवि में पढ़ाई नही हो सकी।बुधवार को कुलसचिव रोहित सिंह मुख्य गेट पर छात्रों को समझाने पहुंचे लेकिन छात्र प्रॉक्टर शेफाली यादव पर आरोप लगाते हुए उन्हें पद से हटाने के लिखित आश्वासन की मांग की। लिखित आश्वासन न मिलने पर छात्रों ने मुख्य गेट को बन्द कर दिया। छात्रों का कहना है कि प्रॉक्टर को न हटाने तक प्रदर्शन जारी रहेगा।

नेशनल कॉलेज ने तीन सौ छात्रों के प्रवेश पत्र रोक दिए, यह है कारण

हिन्दुस्तान टीम,लखनऊ नेशनल पीजी कॉलेज ने उपस्थिति को लेकर सख्त रुख अपनाया है। कॉलेज प्रशासन ने आगामी विषम सेमेस्टर परीक्षा के लिए तीन सौ छात्रों के एडमिट कार्ड रोक दिए हैं।नेशनल में एक दिसंबर से सत्र 2023-24 विषम सेमेस्टर की परीक्षाएं शुरू होंगी। इसके मद्देनजर स्नातक व परास्नातक स्तर के पाठ्यक्रमों के तीन सौ से ज्यादा छात्र-छात्राओं के एडमिट कार्ड रोक दिए हैं। कॉलेज में परीक्षा के लिए विद्यार्थियों की 75 फीसदी उपस्थिति अनिवार्य है। जिसे लेकर विद्यार्थियों को कई बार सूचनाएं भी दी गई थी। इसके बावजूद जिन छात्रों की उपस्थिति 75 प्रतिशत नहीं हो पूरी हो रही है उनके एडमिट कार्ड रोके गए हैं। साथ ही उन विद्यार्थियों से कक्षाओं में कम उपस्थिति का कारण भी मांगा गया है। इसके लिए एक समिति का गठन किया गया है। यह समिति विद्यार्थियों के कम उपस्थिति के कारण की जांच करेगी। जिनका कारण उचित होगा उन्हें ही परीक्षा में बैठने की अनुमति होगी। प्राचार्य प्रो. देवेंद्र सिंह बताया कि कॉलेज प्रशासन उपस्थिति को लेकर बेहद सख्त है। जिन विद्यार्थियों की 75 फीसदी उपस्थिति होगी वही परीक्षा में बैठ सकेंगे।

पीपीएस से आईपीएस बने 25 अफसरों का तबादला, 16 प्रशिक्षु आईपीएस को मिली तैनाती

हिन्दुस्तान,लखनऊ।यूपी की योगी सरकार ने बुधवार को नव प्रोन्नत 25 आईपीएस अधिकारियों को नई तैनाती देते हुए उनका तबादला कर दिया है। इसके साथ ही वर्ष 2020 व 2021 बैच के 16 प्रशिक्षु आईपीएस अफसरों को भी जिलों में नियमित तैनाती दी गई है। आईपीएस कैडर में प्रोन्नत होने वाले पीपीएस अफसर लंबे समय से नई तैनाती का इंतजार कर रहे थे। एडीजी कार्मिक राजा श्रीवास्तव की तरफ से इस बाबत आदेश जारी कर दिया गया है।आदेश के अनुसार नव प्रोन्नत आईपीएस प्रदीप कुमार को कमिश्नरेट कानपुर नगर से एसपी एएनटीएफ मुख्यालय लखनऊ, हरि गोविंद को एसपी प्रशिक्षण मुख्यालय लखनऊ, राम सुरेश को पीएससी सीतापुर से सेनानायक विशेष सुरक्षा बल मथुरा, मो. तारिक को एटीसीस सीतापुर से एसपी रूल्स एवं मैनुअल मुख्यालय लखनऊ, निधि सोनकर को सतर्कता अधिष्ठान लखनऊ से एसपी 112 लखनऊ, सुशील कुमार को एटीएस लखनऊ से एसपी पुलिस अकादमी मुरादाबाद भेजा गया है।देवेन्द्र भूषण को पीएसी मिर्जापुर से सेनानायक विशेष सुरक्षा बल गोरखपुर, आशुतोष द्विवेदी को एएनटीएफ मुख्यालय लखनऊ से पुलिस उपायुक्त पुलिस कमिश्नरेट प्रयागराज, डॉ. दुर्गेश कुमार को डीजीपी मुख्यालय से एसपी-स्टाफ आफिसर डीजीपी मुख्यालय लखनऊ, विपुल कुमार श्रीवास्तव को सुलतानपुर से एसपी रेलवे झांसी, पंकज को अयोध्या से एसपी सुरक्षा अयोध्या (जनवरी 2024 तक), विद्या सागर मिश्र को प्रतापगढ़ से पुलिस उपायुक्त पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर, घनश्याम को गोरखपुर से एसपी स्थापना (लीगल पॉलिसी) डीजीपी मुख्यालय लखनऊ भेजा गया है।आनंद कुमार को गोरखपुर से सेनानायक विशेष सुरक्षा बल लखनऊ, राजेश कुमार को मैनपुरी से एसपी भ्रष्टाचार निवारण संगठन लखनऊ, रवि शंकर मिश्र को पुलिस कमिश्नरेट प्रयागराज से पुलिस उपायुक्त पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर, डॉ. महेन्द्र पाल सिंह को लखनऊ से एसपी एएनटीएफ (आपरेशन), बसंत लाल को लखनऊ से एसपी क्षेत्रीय अभिसूचना कानपुर, आशुतोष मिश्रा को बाराबंकी से एसपी पुलिस मुख्यालय, डॉ. राजीव दीक्षित को एसपी ईओडब्ल्यू मेरठ, कुंवर ज्ञानंजय सिंह को बहराइच से पुलिस उपायुक्त पुलिस कमिश्नरेट गाजियाबाद भेजा गया है।अरुण कुमार सिंह को गोरखपुर से एसपी कानून-व्यवस्था डीजीपी मुख्यालय लखनऊ, विनोद कुमार पांडेय को एटा से एसपी क्षेत्रीय अभिसूचना वाराणसी, नीरज कुमार पांडेय को पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी से एसपी अभिसूचना मुख्यालय तथा सुरेन्द्र नाथ तिवारी को बुलंदशहर से एसपी सीबीसीआईडी लखनऊ के पद पर स्थानान्तरित किया गया है।इसके अलावा प्रशिक्षु आईपीएस अभिजीत कुमार को मुजफ्फनरगर से बरेली, आदित्य को गोरखपुर से कमिश्नरेट आगरा, आदित्य बंसल को बुलंदशहर से मेरठ, अमरिंदर सिंह को आजमगढ़ से मुरादाबाद, अमृत जैन को प्रतापगढ़ से अलीगढ़, अंजली विश्वकर्मा को झांसी से कमिश्नरेट कानपुर नगर, अरुण कुमार सिंह को मऊ से अयोध्या, किरन यादव को कमिश्नरेट वाराणसी से कमिश्नरेट लखनऊ भेजा गया है।कुंवर आकाश सिंह को मुरादाबाद से मथुरा, मनोज कुमार रावत को कमिश्नरेट कानपुर नगर से बुलंदशहर, नीतू को कमिश्नरेट प्रयागराज से कमिश्नरेट वाराणसी, पुष्कर शर्मा को मथुरा से कमिश्नरेट प्रयाजराज, शैव्या गोयल को कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर, शुभल अग्रवाल को मेरठ से आजमगढ़ और विक्रम दहिया को बरेली से झांसी में सहायक पुलिस अधीक्षक के नियमित पद पर तैनाती दी गई है।

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