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गोंडा : राजमंदिर मूर्ति चोरी में पुलिस असफल, एक माह बाद भी नहीं मिला कोई सुराग

परसपुर (गोण्डा) : नगर पंचायत क्षेत्र परसपुर के ऐतिहासिक राजा रियासत राजमंदिर से 16/17 जुलाई की रात चोरी गई बेशकीमती अष्टधातु की मूर्तियों की बरामदगी में गोंडा पुलिस अब तक कोई सफलता नहीं हासिल कर सकी है। घटना को एक माह से अधिक समय बीत चुका है लेकिन न तो चोरों का कोई सुराग लग पाया है और न ही मूर्तियों का अब तक कोई अता-पता चला है, जिससे स्थानीय जनता, व्यापारियों और श्रद्धालुओं में गहरी नाराजगी है।स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों और श्रद्धालुओं का कहना है कि यदि इतनी बड़ी वारदात के बाद भी पुलिस हाथ पर हाथ रखे बैठी है, तो आमजन की सुरक्षा की क्या गारंटी दी जा सकती है।लोगों का कहना है कि यदि इतनी बड़ी घटना के बाद भी पुलिस कोई ठोस कदम नहीं उठा पा रही है तो आम नागरिकों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कैसे निभाई जाएगी।

गौरतलब है कि राजा टोला स्थित ऐतिहासिक राजमंदिर से अज्ञात चोर भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और लड्डू गोपाल की तीन अष्टधातु की मूर्तियां और एक सिंहासन चुरा ले गए थे। चोरी गई मूर्तियों का कुल वजन लगभग 31 किलोग्राम बताया जा रहा है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में इनकी कीमत लगभग 30 करोड़ रुपये आंकी गई है। ये मूर्तियाँ सैकड़ों वर्ष पुरानी हैं जिन्हें रानी जानकी कुंवर द्वारा स्थापित कराया गया था और वर्तमान में मंदिर का संचालन सर्वकार कुंवर विजय बहादुर सिंह की देखरेख में होता है।घटना के अगले ही दिन मंदिर प्रबंधन की ओर से परसपुर थाने में अज्ञात चोरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद तत्कालीन एसओ शरदेंदु पांडेय को हटा दिया गया और जांच के लिए पुलिस अधीक्षक द्वारा विशेष टीमों के साथ-साथ एसओजी को भी लगाया गया है, लेकिन एक माह बीत जाने के बाद भी पुलिस किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है।

इसी मुद्दे को लेकर गुरुवार को परसपुर विकास मंच के अध्यक्ष डॉ. अरुण कुमार सिंह, राकेश वर्मा (गुड्डू) और राकेश शुक्ला सहित अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन और पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल से मुलाकात कर घटना की गंभीरता से अवगत कराया और मूर्तियों की शीघ्र बरामदगी की मांग की।प्रतिनिधियों ने बताया कि यह पहली घटना नहीं है, इससे पहले भी जनपद में अष्टधातु की मूर्तियों की चोरी की कई घटनाएं हो चुकी हैं जिससे यह स्पष्ट होता है कि कोई संगठित गिरोह सक्रिय है जो ऐतिहासिक और मूल्यवान मूर्तियों को ही अपना निशाना बना रहा है।पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि एसओजी सहित अन्य टीमें लगातार काम कर रही हैं और जल्द ही इस घटना का खुलासा किया जाएगा।वहीं आमजन का कहना है कि अब केवल आश्वासन नहीं, कार्रवाई दिखाई देनी चाहिए क्योंकि यह मामला न सिर्फ चोरी का है बल्कि लोगों की धार्मिक भावनाओं, कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक सतर्कता की भी परीक्षा है।राजमंदिर मूर्ति चोरी की यह घटना अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन चुकी है और लोग लगातार यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर इतनी बड़ी चोरी का राज कब खुलेगा।

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