GONDAउत्तरप्रदेशकरनैलगंज परसपुर
Trending

गोंडा : पौष पूर्णिमा पर पसका में उमड़ा आस्था का सैलाब, लाखों श्रद्धालुओं ने किया स्नान-दान, मेले में सुरक्षा व व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम, प्रशासन रहा मुस्तैद


परसपुर / पसका / गोंडा : जनपद गोंडा के परसपुर विकासखंड क्षेत्र स्थित सूकरखेत पसका के त्रिमुहानी घाट पर पौष पूर्णिमा के पावन अवसर पर शनिवार की भोर पहर से ही श्रद्धालुओं का विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा। श्रद्धालुओं ने सरयू और घाघरा नदियों के संगम पर आस्था की डुबकी लगाकर स्नान-दान किया। पुराणों में इस पवित्र स्थल को ‘लघु प्रयाग’ के नाम से जाना जाता है। भोर पहर से ही स्नान घाट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ पहुंचनी शुरू हो गई थी, जो दिनभर जारी रही।

संगम पर स्नान कर श्रद्धालुओं ने पापों के नाश और मोक्ष की प्राप्ति की कामना की। स्नान के पश्चात श्रद्धालुओं ने दान-पुण्य कर अन्न, वस्त्र एवं धन का दान किया। धार्मिक मान्यता है कि पौष पूर्णिमा के दिन संगम में स्नान करने से सूअर की योनि में जन्म से मुक्ति मिलती है। यह स्थल भगवान वाराह की अवतार स्थली के रूप में भी प्रसिद्ध है, जिसे सूकर क्षेत्र कहा जाता है।

पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान विष्णु ने यहीं वाराह अवतार लेकर हिरण्याक्ष का वध किया था और पृथ्वी को उसके अत्याचार से मुक्त कराया था। हिरण्याक्ष का वध यहां से लगभग दो किलोमीटर दूर मैलाकोट गांव के पास हुआ था। गोस्वामी तुलसीदास ने भी रामचरितमानस में इस स्थान का उल्लेख ‘तिरमोहानी’ के रूप में किया है।

यहां एक माह पूर्व से ही बड़ी संख्या में साधु-संत और श्रद्धालु कल्पवास कर रहे हैं। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने भगवान वाराह के दर्शन-पूजन किए और मेले का आनंद लिया। महिलाओं और बच्चों ने मेले में खरीदारी के साथ झूले, मौत का कुआं, जादूगर सम्राट आकाश,बड़ा इलेक्ट्रानिक झूला, ड्रैगन सुपर रेल , आदर्श नृत्य कला, शिव शक्ति ब्रेक डांस झूला, मिक्की माउस जादूगर एएस सरकार, फोटो स्टूडियो और अन्य मनोरंजन साधनों का भी भरपूर आनंद उठाया।

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन द्वारा व्यापक तैयारियां की गई थीं। सुरक्षा व्यवस्था के तहत घाट पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ नावों की व्यवस्था की गई थी। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम भी मौके पर तैनात रही।

मेला क्षेत्र में दुपहिया एवं चौपहिया वाहनों का प्रवेश पूर्णतया वर्जित रखा गया, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। मेले के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा लगातार भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया जाता रहा और श्रद्धालुओं से निर्धारित घाटों पर ही स्नान करने तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई। पसका चौकी प्रभारी सावन कुमार सिंह ने बताया कि उपनिरीक्षक और महिला , पुरुष आरक्षियों को स्नान घाट और मेला परिसर में तैनात किया था और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी गई तथा यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे ।

वहीं परसपुर थानाध्यक्ष अनुज त्रिपाठी के नेतृत्व में मेला क्षेत्र में बड़ी संख्या में उपनिरीक्षक समेत पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने मेला परिसर एवं आसपास की व्यवस्थाओं का गहनता पूर्वक अवलोकन किया। पसका घाट पर कल्पवास कर रहे साधु-संतों से जिलाधिकारी ने मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा, तट की साफ-सफाई, पेयजल व्यवस्था, विद्युत आपूर्ति, यातायात व्यवस्था, स्वास्थ्य सुविधा एवं अग्निशमन व्यवस्था को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। परसपुर क्षेत्र स्थित लघु प्रयाग के नाम से विख्यात पसका घाट पर आयोजित पसका मेले का जिलाधिकारी ने विधिवत निरीक्षण किया और सरयू तट पर विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना भी की।

निरीक्षण के दौरान कर्नलगंज की उपजिलाधिकारी नेहा मिश्रा, मुख्य राजस्व अधिकारी महेश प्रकाश, खंड विकास अधिकारी परसपुर, पंचायती राज विभाग, पुलिस प्रशासन तथा अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने पुलिस प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था के तहत पर्याप्त पुलिस बल तैनात रखने के निर्देश दिए। जिला मुख्यालय से लगभग 35 किलोमीटर दूर स्थित सूकरखेत पसका सदियों से धार्मिक आस्था और पौराणिक महत्व का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।

Related Articles

Back to top button