गोंडा : पूर्व विधायक कुंवर अजय प्रताप सिंह की अमानत पर अब बेटों की जवाबदेही,धनावा रियासत में चारों वारिस अपने अधिकार की लड़ाई में एकजुट-बरगदी कोट में वारिसी जंग तेज”


करनैलगंज/गोंडा : जिले की छह रियासतों में शामिल धनावा स्टेट इस समय वारिसाना हक की लड़ाई को लेकर सुर्खियों में है। करनैलगंज विधानसभा क्षेत्र से छह बार विधायक रहे कुंवर अजय प्रताप सिंह उर्फ लल्ला भैया के निधन के बाद परिवार में वारिस कौन, इस मुद्दे पर घमासान तेज हो गया है। मामला अब प्रशासन की चौखट तक पहुंच चुका है। इसी कड़ी में कटरा शाहबाजपुर स्थित कंपोजिट विद्यालय में गुरुवार को एसडीएम नेहा मिश्रा की मौजूदगी में खुली बैठक आयोजित की गई, जहां दोनों पक्षों ने अपना-अपना बयान दर्ज कराया।
बैठक में लल्ला भैया की दूसरी पत्नी मीनाक्षी सिंह के बेटों—कुंवर कमलेंद्र मोहन सिंह और कुंवर अजेन मोहन सिंह—ने स्वयं को वैध वारिस बताते हुए परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज कराने का आवेदन प्रस्तुत किया। वहीं पहली पत्नी ममता सिंह के पुत्र कुंवर वेंकटेश मोहन सिंह और कुंवर शारदेन मोहन सिंह सहित उनकी बुआ कुंवरि शैल सिंह ने कड़ी आपत्ति जताते हुए दावा किया कि दूसरी पत्नी के दोनों बेटे लल्ला भैया के पुत्र नहीं हैं। खुले मंच पर दोनों पक्षों के बीच जमकर नारेबाजी हुई और माहौल कई बार तनावपूर्ण हो गया।

मत विभाजन की प्रक्रिया में पहली पत्नी के पक्ष में 49 लोगों ने समर्थन जताया, जबकि दूसरी पत्नी के बेटों के पक्ष में 9 लोग सामने आए। दोनों ओर से आरोप-प्रत्यारोप का दौर लंबे समय तक जारी रहा। एसडीएम नेहा मिश्रा ने बताया कि दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। दूसरी ओर से कुछ और साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए समय मांगा गया है। अभिलेखों, दस्तावेजों और ग्रामीणों के बयानों के आधार पर टीम यह निर्णय लेगी कि परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज किया जाना है या नहीं। करनैलगंज क्षेत्र में भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच तीन लेखपाल, कानूनगो, एडीओ पंचायत और लगभग 150 पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में करीब साढ़े तीन घंटे तक बैठक चली। उल्लेखनीय है कि पूर्व विधायक अजय प्रताप सिंह ने दो विवाह किए थे। पहली पत्नी ममता सिंह के पुत्र वेंकटेश मोहन प्रताप सिंह और शारदेन मोहन सिंह के नाम पहले से ही सरकारी अभिलेखों में वारिस के रूप में दर्ज हैं, जबकि दूसरी पत्नी मीनाक्षी के पुत्र कमलेंद्र और अजेन का नाम अभी तक किसी सरकारी रजिस्टर में शामिल नहीं है। मीनाक्षी सिंह का निधन बीमारी के चलते हो चुका है। 23 जनवरी 2025 को कुंवर अजय प्रताप सिंह उर्फ लल्ला भैया के निधन के बाद विवाद धीरे-धीरे बढ़ता गया और पहली पुण्यतिथि के अवसर पर जब दूसरी पत्नी के बेटों को श्रद्धांजलि सभा में प्रवेश नहीं दिया गया तो विवाद सार्वजनिक रूप से भड़क उठा। अब पूरा मामला प्रशासनिक समीक्षा के अंतिम चरण में है और धनावा स्टेट के वारिसी विवाद पर जिलेभर की निगाहें टिक गई हैं।



