
HC ने कहा कि कई मामले ऐसे आये हैं, जहां पुलिस अधिकारी सिर्फ प्रमोशन पाने, बड़े अफसरों से तारीफ पाने या सोशल मीडिया पर मशहूर होने के लिए बिना वजह हथियार का इस्तेमाल करते हैं, घुटने के नीचे गोली मारते हैं।
HC ने कहा कि आरोपी को सजा देने का अधिकार सिर्फ न्याय पालिका के पास है, पुलिस के पास नहीं।



