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गोंडा : बीमा दावों में फर्जी विवेचना का भंडाफोड़: आईजी ने 1 निरीक्षक व 12 उपनिरीक्षक को किया निलंबित


गोंडा : देवीपाटन परिक्षेत्र में वाहन दुर्घटना से जुड़े बीमा मामलों में सुनियोजित फर्जी विवेचना कर बीमा कंपनियों को आर्थिक हानि पहुँचाने के गंभीर आरोपों पर पुलिस विभाग ने कड़ी कार्रवाई की है। आईसीआईसीआई लोम्बार्ड बीमा कंपनी के अधिकारी राजेन्द्र प्रताप सिंह की शिकायत पर पुलिस महानिरीक्षक के निर्देश से गठित SIT की जांच में दोषी पाए जाने पर एक निरीक्षक सहित 12 उपनिरीक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय कार्यवाही संस्थित की गई है, जबकि तीन अन्य विवेचकों के विरुद्ध निलंबन/विभागीय कार्रवाई प्रक्रियाधीन है। जांच में सामने आया कि 13 दुर्घटना मामलों में विवेचकों ने अनुचित लाभ की मंशा से वास्तविक वाहन व वास्तविक चालक को हटाकर बीमाकृत वाहन और दूसरे व्यक्ति को दुर्घटना में शामिल दिखाया। जिन मामलों में वास्तविक चालक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था, वहाँ उनके स्थान पर लाइसेंसधारी व्यक्तियों को आरोपी बनाकर न्यायालय में त्रुटिपूर्ण विवेचना भेजी गई, ताकि बीमा कंपनी से क्षतिपूर्ति दिलाई जा सके। आईजी के निर्देश पर संबंधित जनपदों में SIT द्वारा पुनः विवेचना कर सभी मामलों में वास्तविक वाहन और वास्तविक अभियुक्तों के विरुद्ध सही परिणाम न्यायालय में प्रस्तुत किए गए। इसमें जनपद बहराइच के उपनिरीक्षक अरुण कुमार पाण्डेय, संजीव कुमार द्विवेदी, अशोक कुमार जायसवाल, तेज नारायण यादव, राकेश कुमार, राजेश्वर सिंह, रूपनरायन गौड़, विजय यादव, दिवाकर तिवारी, मेहताब आलम, जनपद गोण्डा के उपनिरीक्षक शेषनाथ पाण्डेय व शशांक मौर्य, श्रावस्ती के उपनिरीक्षक शैलेश कुमार त्रिपाठी, प्रेमचंद्र, निरीक्षक योगेश सिंह व उपनिरीक्षक गुरुसेन सिंह को निलंबित किया गया है। पुलिस महानिरीक्षक ने स्पष्ट कहा है कि विवेचना में भ्रष्टाचार, अनियमितता या लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा भविष्य में ऐसे मामलों में और कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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