गोंडा : छात्रों ने कांपी छीनने और नकल कराने के आरोप लगाते हुए किया हंगामा


गोण्डा। जनपद के तरबगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत पंडित जग नारायण शुक्ल ग्रामोद्योग महाविद्यालय में परीक्षा के दौरान कथित अनियमितताओं को लेकर बीएससी के छात्रों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों ने परीक्षा में भेदभाव, निर्धारित समय से पूर्व उत्तर पुस्तिकाएं छीनने तथा कॉलेज के अपने छात्रों को अलग कमरों में बैठाकर नकल कराने का गंभीर आरोप लगाया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय बलरामपुर के कुलपति ने जांच के आदेश दिए हैं। छात्रों का कहना है कि बीएससी जूलॉजी की परीक्षा सुबह 8:30 बजे प्रारंभ होनी थी, लेकिन प्रश्न पत्र और उत्तर पुस्तिकाएं करीब 45 मिनट की देरी से सुबह 9:15 बजे वितरित की गईं। इसके बावजूद परीक्षा का निर्धारित समय 10:30 बजे होने के स्थान पर कॉलेज प्रशासन द्वारा 10:15 बजे ही जबरन उत्तर पुस्तिकाएं छीन ली गईं, जिससे छात्रों को पूरे 15 मिनट कम मिले।

प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने आरोप लगाया कि डिग्री कॉलेज द्वारा अपने ही छात्रों को अलग-अलग कमरों में बैठाकर नकल कराई जा रही है, जबकि अन्य परीक्षा केंद्रों से आए छात्रों को एक ही कक्ष में मिला-जुलाकर बैठाया गया। छात्रों का यह भी कहना है कि कई परीक्षार्थियों को परीक्षा कक्ष के भीतर मोबाइल फोन और गाइड ले जाने की अनुमति दी गई, जिससे परीक्षा की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। विरोध प्रदर्शन की सूचना पर तरबगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।

घंटों चले प्रदर्शन के दौरान कॉलेज के प्रिंसिपल राजीव शुक्ला का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह यह कहते हुए नजर आ रहे हैं कि “आज तो हम कुछ नहीं करवा पाएंगे, लेकिन अगला पेपर आप लोगों का ठीक होगा।” इस बयान के बाद छात्रों का आक्रोश और बढ़ गया। छात्रों ने परीक्षा केंद्र बदलने की मांग करते हुए कहा कि वर्तमान केंद्र पर न तो बैठने की उचित व्यवस्था है और न ही समान व्यवहार किया जा रहा है। वहीं, कॉलेज के प्रिंसिपल राजीव शुक्ला ने छात्रों के सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि परीक्षा पूरी पारदर्शिता के साथ कराई गई है तथा किसी भी प्रकार की नकल या भेदभाव नहीं हुआ है।

मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय बलरामपुर के कुलपति प्रोफेसर रवि शंकर सिंह ने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है। वायरल वीडियो का संज्ञान लिया गया है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्रों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


