
“तुम्हारे पास शंकर-जयकिशन के लिए समय है। ओ.पी. नैय्यर के लिए समय नहीं है? आज के बाद ओ.पी.नैय्यर के पास रफ़ी के लिए टाइम नहीं होगा। ये रिकॉर्डिंग अब नहीं होगी। रिकॉर्डिंग कैंसिल।” ओ.पी.नैय्यर साहब ने जब ये कहा तो ना सिर्फ़ रफ़ी साहब, बल्कि म्यूज़िशियन्स की पूरी टीम दंग और हक्की-बक्की रह गई।
फिर ओ.पी.नैय्यर साहब ने अकाउंटेंट से कहा कि जो भी स्टूडियो की फ़ीस है वो सब मेरे अकाउंट से कटवा देना। साथियों ये घटना जुड़ी है फिल्म “सावन की घटा” के एक गाने की रिकॉर्डिंग से। जिस दिन उस गाने की रिकॉर्डिंग होनी थी रफ़ी साहब समय पर नहीं पहुंच सके। जबकी स्टूडियो एकदम रेडी हो चुका था। और सभी म्यूज़िशियन्स भी तैयार थे।
रफ़ी साहब जब आए तो उन्होंने नैय्यर साहब से कहा कि माफ़ कीजिएगा, मैं शंकर-जयकिशन की एक रिकॉर्डिंग में फंस गया था। तब ओ.पी.नैय्यर ने रफ़ी साहब से वो सब कहा था जो आपने शुरुआत में पढ़ा। उस दिन के बाद ओ.पी.नैय्यर ने रफ़ी साहब के साथ गाने रिकॉर्ड करना बंद कर दिया। फिर कोई तीन साल बाद रफ़ी साहब खुद नैय्यर साहब के घर पहुंचे। वो नैय्यर साहब को देखकर रोने लगे।
ओ.पी.नैय्यर जी के मुताबिक, रफ़ी उनके घर आकर ऐसे रोने लगे जैसे कोई बच्चा रोता है। और कहां तो ओ.पी.नैय्यर रफ़ी साहब से पिछले तीन साल से गुस्सा थे। मगर उस दिन रफ़ी साहब को रोता देख वो भी खुद पर काबू ना रख सके। उनकी आंखों से भी आंसू बहने लगे। फिर दोनों ने एक-दूजे के पैर छुए।
फिर ओ.पी.नैय्यर रफ़ी साहब से बोले कि रफ़ी, आज यहां आकर तुमने साबित कर दिया कि तुम ओ.पी.नैय्यर से कहीं ज़्यादा बड़े हो। तुमने अपनी ईगो को ओवरकम कर लिया। मगर मै नहीं कर सका। इससे पता चलता है कि तुम बहुत बड़े दिल वाले हो।
बकौल ओ.पी.नैय्यर जी, रफ़ी साहब अक्सर मज़ाक में उनके सामने गाते थे कि यूं तो हमने लाखों संगीतकार देखे हैं। ओ.पी.नैय्यर सा नहीं देखा। और रफ़ी साहब नैय्यर साहब ये भी कहते थे कि आपका संगीत किसी किन्नर को भी ही-मैन बना सकता है। ये पूरी कहानी स्वंय ओ.पी.नैय्यर साहब ने अपने एक इंटरव्यू में बताई थी। #mohdrafi #opnayyar





