GONDAउत्तरप्रदेशकरनैलगंज परसपुर
Trending

गोंडा : डीएम नेहा शर्मा का तबादला, प्रियंका निरंजन को मिली कमान,पारदर्शिता और विकास की जगी नई उम्मीदें

गोंडा जनपद की पूर्व जिलाधिकारी श्री मती नेहा शर्मा

गोंडा जनपद की वर्तमान आईएस जिलाधिकारी श्री मती प्रियंका निरंजन

गोंडा : उत्तर प्रदेश शासन ने एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए कई आईएएस अधिकारियों का तबादला कर दिया है। इसी कड़ी में गोंडा जनपद की डीएम के रूप में लम्बे समय से तैनात रहीं नेहा शर्मा को स्थानांतरित कर दिया गया है और अब उनकी जगह 2013 बैच की आईएएस अफसर प्रियंका निरंजन को गोंडा की नई जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है। इससे पूर्व वह मिर्जापुर में डीएम के पद पर कार्यरत थीं, वहीं नेहा शर्मा को प्रभारी महानिरीक्षक निबंधन बनाया गया है। डीएम नेहा शर्मा का 25 महीने का कार्यकाल बहुत अच्छा रहा। जनपद गोंडा की तेजतर्रार जिलाधिकारी नेहा शर्मा का स्थानांतरण कर दिया गया। प्राप्त जानकारी के मुताबिक निवर्तमान जिलाधिकारी नेहा शर्मा को शासन द्वारा प्रभारी महानिरीक्षक निबंधन का दायित्व सौंपा गया। वहीं जनपद मिर्जापुर की जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन को गोण्डा की कमान सौंपी गई। श्रीमती प्रियंका निरंजन उत्तर प्रदेश कैडर की 2013 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। वह मिर्ज़ापुर के जिला मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात होने से पहले बस्ती जिले के डीएम के रूप में कार्यरत थीं। प्रियंका निरंजन उत्तर प्रदेश कैडर की आईएएस अधिकारी हैं। जिलाधिकारी बनने से पूर्व वह मिर्जापुर, जालौन व लखनऊ में महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुकी हैं। वह जालौन की डीएम, लखनऊ में सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की विशेष सचिव और मिर्जापुर की मुख्य विकास अधिकारी भी रह चुकी हैं। प्रियंका निरंजन का जन्म 1 अक्टूबर 1984 को लखनऊ में हुआ। उनके पिता रामकुमार निरंजन झांसी के मरौठा तहसील क्षेत्र के मूल निवासी हैं और पीडब्ल्यूडी में कॉन्ट्रैक्टर हैं, जबकि माता गृहिणी हैं। उनके परिवार में दो बहनें और एक छोटा भाई है। एक बहन बीटेक व दूसरी एमएससी कर चुकी हैं। प्रियंका ने प्रारंभिक शिक्षा जालौन व झांसी से पूरी की और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक व अर्थशास्त्र में परास्नातक की डिग्री प्राप्त की। उन्होंने 2008 में सिविल सेवा की तैयारी शुरू की और छठे प्रयास में 2012 की परीक्षा में 20वीं रैंक प्राप्त कर 2013 बैच की आईएएस अधिकारी बनीं। उनकी ट्रेनिंग 26 नवम्बर 2015 तक मसूरी में हुई, जिसके बाद 27 नवम्बर 2015 को उन्हें मुजफ्फरनगर में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के रूप में पहली पोस्टिंग मिली। मुजफ्फरनगर में तैनाती के दौरान उन्होंने एक प्रेरणादायक मिसाल पेश की। उन्होंने अपनी बेटी को जिला महिला चिकित्सालय में जन्म दिया ताकि यह संदेश जाए कि सरकारी अस्पतालों में भी बेहतर इलाज की सुविधाएं हैं। एक घंटे चले ऑपरेशन के बाद जिला अस्पताल की मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अमिता गर्ग ने उनका सफल प्रसव कराया। जनता में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति यह विश्वास बढ़ाने वाली पहल काफी सराही गई। जालौन की डीएम रहते हुए उन्होंने गरीब बच्चों के लिए मुफ्त कोचिंग की व्यवस्था कराई, मतदान प्रतिशत बढ़ाने में उल्लेखनीय योगदान दिया, नून नदी को पुनर्जीवित किया और लगभग 700 प्राथमिक विद्यालयों की बाउंड्री वॉल बनवाई। मिर्जापुर में मुख्य विकास अधिकारी रहते हुए उन्होंने कर्णावती नदी को पुनर्जीवित करने का काम किया और जल संरक्षण के लिए किए गए प्रयासों के चलते राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित भी हुईं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उनके कार्यों की प्रशंसा कर चुके हैं। प्रियंका निरंजन के पति मनीष सिंह आईपीएस अधिकारी हैं। आईएएस बनने से पूर्व प्रियंका 2008 और 2010 में बीडीओ व ट्रेजरी ऑफिसर के पद पर भी कार्य कर चुकी हैं। उनके अब तक के कार्यकाल को देखते हुए गोंडा की जनता में उनके प्रति सकारात्मक उम्मीदें हैं और लोग प्रशासनिक पारदर्शिता, महिला सशक्तिकरण और विकास कार्यों को नई गति मिलने की आशा कर रहे हैं। नेहा शर्मा का तबादला प्रशासनिक दृष्टिकोण से एक महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है, जिससे आगामी योजनाओं और विकास कार्यों को और अधिक प्रभावी ढंग से लागू किए जाने की संभावना है। नवागत जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन के आने से गोंडा में प्रशासनिक गतिविधियों में नई ऊर्जा और पारदर्शिता की उम्मीद जगी है।

Related Articles

Back to top button