उत्तरप्रदेश

गाजियाबाद का प्रदूषण स्तर खतरनाक स्थिति में एनसीआर की आबोहवा बहुत ही खराब जिसमें दिल्ली गाजियाबाद मेरठ बुलंदशहर की स्थिति और भी नाजुक

मेरठ। साल 2021 में पहली बाद मेरठ, दिल्ली-एनसीआर की हवा दीपावली की रात के बाद सबसे प्रदूषित दर्ज की गई। इस हवा में जानलेवा रसायन के कण मिले होने के कारण ये और जहरीली हो गई। मेरठ, दिल्ली,गाजियाबाद और नोएडा, बुलंदशहर देश के सबसे प्रदूषित शहरों की श्रेणी में आ गए हैं।शहरों को प्रदूषण स्तर 488 तक पहुंच चुका है। दिल्ली समेत एनसीआर के सभी शहरों की हवा में खतरनाक रसायन मिल गए हैं। इसमें चार कारक सबसे प्रभावी रहे। तापमान कम होने से मिक्सिंग हाइट एक किमी से भी नीचे पहुंच गई। वहीं, सतह पर चलने वाली हवाएं भी थमी सी रहीं। दोनों के मिले-जुले असर वेंटिलेशन इंडेक्स भी संकरा हो गया। इसके साथ ही पराली के धुएं ने भी गहरा असर डाला।
दीपावली के पटाखों और किसानों की पराली के धुएं भी बने कारण।
दीपावली पर एनसीआर में चला पटाखों का दौर और हरियाणा, पंजाब में पराली के धुएं के कारण दिल्ली और आसपास के जिलों में प्रदूषण से हालत खराब हो गये। चारों कारकों के चक्रव्यूह में फंसने से दिल्ली-एनसीआर को गैस का चेंबर बना दिया। सफर का पूर्वानुमान है कि अगले दो दिन तक प्रदूषण छंटने के आसार नहीं दिख रहे हैं। इस दौरान मेरठ,दिल्ली-एनसीआर के शहरों को प्रदूषण स्तर 450 से ऊपर बने रहने की आशंका है। सोमवार को सतह पर चलने वाली हवाओं की चाल बढ़ने की उम्मीद है। इससे प्रदूषण का स्तर कम हो सकता है। फिर भी, इसके बेहद खराब और गंभीर स्तर की सीमा पर बने रहे का अनुमान है।
यह आपातकाल।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने संबंधित एजेंसियों को कड़ी निगरानी रखकर रोजाना प्रदूषण रिपोर्ट देने के भी निर्देश दिए हैं। उन्हें इसे आपातकाल मानकर ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) का पालन करने को कहा है। घर से निकलना मजबूरी हो, तो कार पूलिंग करें, सार्वजनिक परिवहन लें। काम न हो तो घर से न निकलें। बहुत ही जरूरी हो, तो कम से कम समय के लिए घर से बाहर निकलें।
मेरठ, गाजियाबाद समेत एनसीआर की हवा सबसे जहरीली रही। वहीं नोएडा व बुलंदशहर का एक्यूआई 488 दर्ज किया गया। अभी आने वाले दो दिन तक प्रदूषण छंटने के आसार नहीं है

Related Articles

Back to top button